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अब यात्रियों को प्लेटफार्म पर ही मिल जाएगी ट्रेन की सही लोकेशन
भोला पांडेय/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 22 Nov 2016 01:16 PM IST
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रेलवे नेटवर्क डिस्प्ले
- फोटो : अमर उजाला
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रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही देशभर के चुनिंदा स्टेशन रेलवे डिस्प्ले नेटवर्क (आरडीएन) से जुड़ जाएंगे। इसका फायदा यह होगा कि यात्रियों को अपने ट्रेनों की लोकेशन की जानकारी डिस्प्ले से मिलती रहेगी।
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यही नहीं ट्रेन किस स्पीड से चल रही है। कितने समय में प्लेटफार्म पर पहुंचेगी और उनका कोच कहां लगेगा यह भी जानकारी बगैर किसी से पूछे मिलेगी। पहले चरण में यह सुविधा प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी, दिल्ली, ग्वालियर, गोरखपुर और जयपुर में मिलेगी। रेल मंत्रालय के अधीन काम करने वाली गुड़गांव की रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने इसका खाका तैयार कर लिया है।
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2019 तक देशभर के 2000 रेलवे स्टेशनों पर एक लाख से अधिक डिस्प्ले लगा दिए जाएंगे। इस बात की जानकारी रेलटेल के प्रबंधक विपणन रजत सिंह ने दी। वह सूरजकुंड में रेल शिविर में हिस्सा लेने आए थे। उन्होंने इस डिस्प्ले का प्रदर्शन भी किया। अमर उजाला से बातचीत करते हुए रजत सिंह ने बताया कि रेलटेक कॉर्पोरेशन ने इस पूरे प्रोजेक्ट को तैयार किया है।
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कॉर्पोरेशन एक रेलटेल हब बनाएगा, जिससे सेटेलाइट के जरिए सभी स्टेशनों को जोड़ा जाएगा। रेलटेल हब में सभी ट्रेनों के डाटा फीड किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि रेलवे डिस्प्ले नेटवर्क से यात्री को अपने ट्रेन के आने, कोच के बारे में पूरी जानकारी बगैर किसी से पूछे मिलती रहेगी। यहां तक कि आरक्षण का अपडेट भी डिस्प्ले से मिलेगा। वर्ष 2016 के रेल बजट में इसकी घोषणा की जा चुकी है। इसकी शुरूआत भी जयपुर स्टेशन पर की जा चुकी है। दिसंबर 2016 तक पुरानी दिल्ली, ग्लालियर, बनारस और गोरखपुर स्टेशन पर इसकी शुरूआत कर दी जाएगी।
एक लाख से अधिक लगेंगे डिस्प्ले
रजत सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 तक देशभर के 2000 स्टेशनों पर एक लाख से अधिक डिस्प्ले लगाए जाएंगे। यानी ए वन, ए, बी और सी श्रेणी के सभी स्टेशन रेल डिस्प्ले नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। उनमें लखनऊ, इलाहाबाद, गुड़गांव, फरीदाबाद, गाजियाबाद, अलीगढ़, कानपुर, मुगलसराय, फैजाबाद, सुल्तानपुर, आगरा, मथुरा, झांसी स्टेशन शामिल हैं।
प्रतापगढ़- वाराणसी रेलखंड पर एक साथ दौड़ेंगी दो ट्रेनें
रेल विकास शिविर में शामिल होने आए रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा और रेल अधिकारियों ने बताया कि अगले चार साल में रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़ और वाराणसी रेलखंड पर एक साथ दो ट्रेनें दौड़ेंगी। इस सेक्शन में इलेक्ट्रिकसिटी और रेल लाइन की डबलिंग का काम जल्द शुरू हो जाएगा। टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। अभी बनारस से प्रतापगढ़ होते हुए अमेठी, रायबरेली और लखनऊ जाने के लिए सिंगल ट्रैक है। ऐसे में एक ट्रेन को रोककर दूसरे ट्रेन को निकाला जाता है। रेल राज्यमंत्री ने बताया कि चार साल बाद इस सेक्शन में ट्रेनों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अप और डाउन की गाड़ियां बगैर किसी रुकावट के निकलती रहेंगी।