घर के बाहर भी अपनी कार को पार्क करने की चुकानी होगी कीमत, पढ़ें पूरा मामला
घर के बाहर अपनी निजी कार को भी पार्क करने के लिए आपको पैसा देना होगा। इसके लिए बकायदा आपको आवेदन करके स्थानीय निकाय से परमिट, पास या स्टीकर जारी किया जाएगा।
यही नहीं अगर आपके पास दो कार है तो दूसरी कार के लिए पार्किंग स्पेस पाने के लिए बोली भी लगानी पड़ सकती है। अगर एक ही पार्किंग स्पेस के लिए एक से अधिक लोग मांग करेंगे तो स्थानीय निकाय के पास उसकी नीलामी करने का अधिकार होगा।
यह व्यवस्था परिवहन विभाग की ओर से गठित विशेषज्ञ कमिटी के पार्किंग मैनेजमेंट एरिया प्लान (पीएमएपी) के ड्राफ्ट गाइडलाइंस में किया गया है।
यह पार्किंग मैनेजमेंट एरिया प्लान दिल्ली मेंटिनेंस एंड मैनेजमेंट ऑफ पार्किंग रूल्स-2017 के तहत तैयार किया गया है। जिसे एलजी अनिल बैजल ने पहले ही मंजूदी दे चुके है इसे लेकर अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है।
दिल्ली में कहीं भी पार्किंग मुफ्त नहीं
पीएमएपी ने आवासीय, व्यवसायिक, स्टेक पार्किंग समेत सभी को ध्यान में रखकर यह प्लान तैयार किया है। इस ड्राफ्ट पार्किंग एरिया प्लान की माने तो दिल्ली में कही भी पार्किंग मुफ्त नहीं होगी।
हालांकि इससे होने वाली कर्मा का 25 फीसदी हिस्सा स्थानीय निकायों को पार्किंग प्रबंधन के अलावा पार्किंग मरम्मत, फुटपाथ मरम्मत समेत अन्य जनता की सुविधा देने वाली योजनाओं पर खर्च करेगा।
सभी निकाय मिलकर इंटीग्रेटेड पार्किंग प्लान तैयार करेंगे। इसके अलावा रात में खाली रहने वाले पार्किंग स्पेस के प्रयोग की भी बात कही है। इस ड्राफ्ट पीएमएपी को मंजूरी मिलने के बाद चार महीने में स्थानीय निकायों को पार्किंग प्लान तैयार करना होगा।
अलॉट पार्किंग से बाहर खड़ा करने पर जुर्माना
आवासीय इलाका हो या ऑन या ऑफ स्ट्रीट पार्किंग। अगर पार्किंग एरिया प्लान के मुताबिक कोई वाहन दूसरी जगह खड़े होते है तो उसके लिए जुर्माने का प्रावधान होगा।
आवासीय इलाकों में भी पार्किंग के लिए अलॉट जगह और स्टीकर या परमिट के आधार पर वाहन कही और पार्क होती है तो उसपर भी जुर्माने का प्रावधान होगा। इसका ध्यान स्थानीय आरडब्ल्यूए के अलावा स्थानीय निकाय भी समय-समय पर जांच करेगी।
15 फीसदी पार्किंग स्पेस शार्ट टर्म पार्किंग वालों
पार्किंग मैनेजमेंट एरिया प्लान में साफ कहा गया है पार्किंग स्पेस का प्रयोग जब अपने पीक होगा उस समय भी पार्किंग स्पेस का 15 फीसदी हिस्सा उन वाहन स्वामी के लिए होगा जो थोड़े समय के लिए पार्किंग करते है।
बाकी 85 फीसदी पार्किंग लंबे समय तक के लिए पार्किंग का प्रयोग करने वालों के लिए होगा। इसमें आवासीय, व्यवसायिक व ऑफिस सभी तरह की पार्किंग शामिल होगी।