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प्रद्युम्न मर्डर केस: प्रशासन की पहल से संतुष्ट नहीं अभिभावक
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Sat, 23 Sep 2017 09:48 PM IST
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pradyuman murder case
- फोटो : अमर उजाला
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गुरुग्राम के भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुई छात्र की हत्या के बाद से अभिभावक सहमे हुए है। अब भी स्कूल की सुरक्षा पर उन्हें भरोसा नहीं है। स्कूल में सुरक्षा का भरोसा दिलाने के लिए शनिवार को अभिभावकों के साथ उपायुक्त विनय प्रताप ने तीन अलग-अलग बैठके की, लेकिन इसके बावजूद अभिभावक पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे।
शनिवार को स्कूल पहुंचे ज्यादातर अभिभावकों ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था से असंतुष्टता जताई। अनेक अभिभावक ऐसे थे जिन्हें स्कूल में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं दिखा।
स्कूल में पहले कोई सुरक्षा नहीं थी। अब सुरक्षा को बढ़ाया गया है, लेकिन इस हादसे के बाद भी सुरक्षा में खास बढ़ोतरी नहीं की गई। सुरक्षा को लेकर मीटिंग बुलवाई गई थी।
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- मनीष गोयल
स्कूल की मीटिंग में आई थी। यहां मामूली बदलाव तो महसूस हुआ, लेकिन यह बदलाव क्या किया गया इसका अंदाजा तक नहीं लग पाया। बस मेन गेट पर बिना विजिटर कार्ड के प्रवेश नहीं दिया गया। अंदर तो सब पहले जैसा ही है।
- मीनाक्षी
मीटिंग में बुलाकर सुरक्षा पुख्ता होने की बात स्कूल टीचरों द्वारा की गई। जब हकीकत देखी तो पता लगा कि सुरक्षा के नाम पर पूरी गैलरी में महज एक सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। वायरिंग इस तरह से डाली जा रही है जैसे पहले कभी यहां बिजली की फिटिंग थी ही नहीं। यह सब दिखावा है।
- अनिल छाबड़ा
हर स्कूल में थोड़ी बहुत खामियां तो होती हैं। सीसीटीवी पहले स्कूल में दिखाई ही नहीं देते थे, लेकिन अब सीसीटीवी कैमरे दिखाई दे रहे हैं। 11 साल से बेटा इसी स्कूल में पढ़ रहा है। सेशन के बीच में बच्चे का स्कूल नहीं छुड़ा सकते।
- ज्योति मोंगिया
हादसे के बाद स्कूल में बदलाव किया गया है। सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है। पहले गेट से प्रवेश कर सीधे स्कूल में पहुंच जाते थे, लेकिन अब गेट पर रोककर एंट्री कराई जा रही है।
- हर्ष भाटिया
स्कूल में पहले से ही कुछ खामियां थी जिन्हें सुधारा नहीं गया था। हादसे के बाद इन्हें सुधारा गया है। बदलाव आया है, लेकिन आशा के अनुरूप नहीं आया है।
- रोहित
स्कूल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। हमारा भविष्य भी अधर में लटक गया है। जिस दिन घटना हुई उस दिन परीक्षा थी। उसके बाद से सभी परीक्षाएं टाल दी गई।
- आयशा, छात्रा
स्कूल की लापरवाही का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। मंथली टेस्ट चल रहे थे। जिन्हें टाल दिया गया है। पहले से लगे सीसीटीवी को दिखाकर नया बताया जा रहा है।
-ऋचि, छात्र
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शनिवार को स्कूल पहुंचे ज्यादातर अभिभावकों ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था से असंतुष्टता जताई। अनेक अभिभावक ऐसे थे जिन्हें स्कूल में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं दिखा।
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स्कूल में पहले कोई सुरक्षा नहीं थी। अब सुरक्षा को बढ़ाया गया है, लेकिन इस हादसे के बाद भी सुरक्षा में खास बढ़ोतरी नहीं की गई। सुरक्षा को लेकर मीटिंग बुलवाई गई थी।
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- मनीष गोयल
स्कूल की मीटिंग में आई थी। यहां मामूली बदलाव तो महसूस हुआ, लेकिन यह बदलाव क्या किया गया इसका अंदाजा तक नहीं लग पाया। बस मेन गेट पर बिना विजिटर कार्ड के प्रवेश नहीं दिया गया। अंदर तो सब पहले जैसा ही है।
- मीनाक्षी
मीटिंग में बुलाकर सुरक्षा पुख्ता होने की बात स्कूल टीचरों द्वारा की गई। जब हकीकत देखी तो पता लगा कि सुरक्षा के नाम पर पूरी गैलरी में महज एक सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। वायरिंग इस तरह से डाली जा रही है जैसे पहले कभी यहां बिजली की फिटिंग थी ही नहीं। यह सब दिखावा है।
- अनिल छाबड़ा
हर स्कूल में थोड़ी बहुत खामियां तो होती हैं। सीसीटीवी पहले स्कूल में दिखाई ही नहीं देते थे, लेकिन अब सीसीटीवी कैमरे दिखाई दे रहे हैं। 11 साल से बेटा इसी स्कूल में पढ़ रहा है। सेशन के बीच में बच्चे का स्कूल नहीं छुड़ा सकते।
- ज्योति मोंगिया
हादसे के बाद स्कूल में बदलाव किया गया है। सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है। पहले गेट से प्रवेश कर सीधे स्कूल में पहुंच जाते थे, लेकिन अब गेट पर रोककर एंट्री कराई जा रही है।
- हर्ष भाटिया
स्कूल में पहले से ही कुछ खामियां थी जिन्हें सुधारा नहीं गया था। हादसे के बाद इन्हें सुधारा गया है। बदलाव आया है, लेकिन आशा के अनुरूप नहीं आया है।
- रोहित
स्कूल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। हमारा भविष्य भी अधर में लटक गया है। जिस दिन घटना हुई उस दिन परीक्षा थी। उसके बाद से सभी परीक्षाएं टाल दी गई।
- आयशा, छात्रा
स्कूल की लापरवाही का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। मंथली टेस्ट चल रहे थे। जिन्हें टाल दिया गया है। पहले से लगे सीसीटीवी को दिखाकर नया बताया जा रहा है।
-ऋचि, छात्र