शालीमार बाग हत्याकांड: बार में काम करने वाली युवतियों के जाल में फंसा था पंकज
- शालीमार बाग हत्याकांड: बार में काम करने वाली युवतियों की जाल में फंसा था पंकज
- कर्ज लेकर दोनों की जरूरतें पूरी करता था, पुलिस युवतियों और कर्मचारियों से करेगी पूछताछ
विस्तार
होटल कारोबार की चकाचौंध पंकज मेहरा पर इतना भारी पड़ा कि वह पत्नी की जान लेने से भी नहीं चुका। वह अपनी किंग बार एंड रेस्तरां और एक अन्य बार में काम करने वाली युवतियों की जाल में ऐसा फंसा कि कर्ज की सारी रकम अय्याशी में उड़ा दी।
पत्नी से अनबन और कर्जदारों के दबाव में वह इतना उलझ गया कि उसने खौफनाक साजिश रच डाली। पुलिस पंकज मेहरा के बार में काम करने वाली युवतियों व कर्मचारियों से पूछताछ कर इस हत्याकांड की परत दर परत खंगालने में जुट गई है।
पंकज मेहरा के साले कार्तिक ने बताया कि तीन साल पहले उन लोगों ने पंकज मेहरा के साथ पार्टनरशिप में पहाड़गंज में बार व रेस्तरां का कारोबार शुरू किया। कारोबार में आने के बाद उसके व्यवहार में अचानक बदलाव आ गया।
दिल्ली और इलाहाबाद की दो युवतियों से बढ़ने लगीं नजदीकियां
बार में काम करने वाली दिल्ली और इलाहाबाद की दो युवतियों से उसकी नजदीकियां बढ़ने लगीं। बात इतनी बढ़ गई कि वह कर्ज लेकर अपनी और उनकी जरूरतों को पूरा करने लगा। वह कई-कई दिनों तक घर भी नहीं जाता था।
इसे लेकर अक्सर दंपती में विवाद होने लगा। नौबत यहां तक पहुंच गई थी कि प्रिया अलग होना चाहती थी। लेकिन पंकज मेहरा अक्सर कहता था कि सब ठीक हो जाएगा। लेकिन उसकी आदत में कोई बदलाव नहीं आया।
कार्तिक ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उसका पहला शक पंकज पर ही गया। क्योंकि वह जिस तरह से जानकारी दे रहा था इससे साफ लग रहा था कि वह झूठी कहानी बता रहा है।
सीरियल क्राइम पेट्रोल और फिल्म दृश्यम से लिया आइडिया
प्रिया का दो साल का बेटा नाइस अपनी मां और पिता की तलाश कर रहा है। परिवार वालों के मुताबिक रात में नाइस रोने लगता है और मां के पास जाने की जिद करने लगता है।
पंकज ने अचानक ही प्रिया की गोली मारकर हत्या नहीं की। बल्कि एक सोची समझी साजिश के तहत उसने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पंकज काफी शातिर है और हत्या के लिए उसने पूरा होमवर्क कर रखा था।
खुद को बचाने के लिए एक महीना की रूट की रेकी
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने बताया कि है हत्या करने का आइडिया उसे टीवी सीरियल क्राइम पेट्रोल और फिल्म दृश्यम से मिला। वह लगातार छह महीने से क्राइम पेट्रोल व सावधान इंडिया सीरियल देख रहा था। फिल्म दृश्यम को उसने 17 बार अपने लैपटॉप पर देखा।
इसके जरिये वह सर्विलांस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे से बचने के उपाय जाने। जांच में यह बात सामने आई है कि प्रिया की हत्या की साजिश उसने बादली रेड लाइट के यूटर्न पर रची। इसके लिए उसने एक माह तक रेकी की।
इसके पीछे उसका मकसद इस रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरे की जानकारी लेना था। उसके मोबाइल की सीडीआर और लोकेशन के जरिये पुलिस को इस बात की जानकारी मिली। पुलिस ने उससे पूछताछ भी की, जिसमें इस बात की पुष्टि हो गई है।