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पाक उच्चायोग जासूसी मामला- पाक जासूसों की थी रेल भवन तक पहुंच
Wed, 03 Jun 2020 07:13 PM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 03 Jun 2020 07:13 PM IST
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pak high commission
- फोटो : फाइल फोटो
आरोपी रेलवे के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के कार्यालय में जाते थे
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पाक उच्चायोग के जासूसी कि देश के संसद भवन के पास स्थित रेल भवन तक पहुंच थी वह रेल भवन में बैठने वाले एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के कार्यालय तक जाते थे। पाकिस्तानी जासूसों ने इस कर्मचारी से सेना की मूवमेंट की जानकारी लेना चाह रहे थे। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने डायरेक्टर के इस कर्मचारी से सोमवार से कई घंटे पूछताछ की। हालांकि कर्मचारी को पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जल्द ही गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तानी जासूस रेलवे के इस कर्मचारी से करीब 4 से 5 बार मिले थे। कर्मचारी ने पूछताछ में बताया कि पाकिस्तानी जासूस सबसे पहले उसे रेलवे भवन के पास मिले थे। कुछ देर बाद बात करने के बाद उन्होंने पूछा कि सरकारी नौकरी कैसे मिलती है। आरोपी कर्मचारी से पूछते थे कि भारतीय सेना के जवान कैसे रेलवे का टिकट बुक कराते हैं। रेलवे में जवानों की बोगी कौन सी होती है और बोगी का अन्य जगह पर मूवमेंट कैसे होता है।
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स्पेशल सेल ने रेलवे के कर्मचारी से पूछताछ की
पुलिस को जांच में यह भी पता चला लगा है कि पाकिस्तानी जासूसों ने कर्मचारी को कुछ पैसे भी दिए हैं। हालांकि अभी तक कर्मचारी ने उनको कोई गोपनीय जानकारी नहीं दी थी। स्पेशल सेल को यह भी पता लगा है कि आबिद वह ताहिर करीब डेढ़ वर्ष पहले आईएसआई के कहने पर पाक से दिल्ली स्थित पाक उच्चायोग में आए थे। आते ही यह जासूसों के काम में लग गए थे। जावेद करीब 5 वर्ष पहले भारत आया था।
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स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी कई कर्मचारी व सेना के जवानों से बात करते थे। यह बात करने के लिए व्हाट्सएप कॉल करते थे। जांच में यह बात भी सामने आई है कि पाकिस्तानी जासूस भारत से ही पाकिस्तान में आईएसआई के अधिकारियों से बात करते थे। वह आईएसआई अधिकारियों से बात करने के लिए भी व्हाट्सएप कॉल करते थे।