पचौरी की अग्रिम जमानत रद्द नहीं, जारी रहेगी सुनवाई
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हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोप का सामना कर रहे टेरी के पूर्व महानिदेशक आरके पचौरी को प्रदान अग्रिम जमानत को तुरंत रद्द करने से इनकार करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर विस्तृत सुनवाई की जरूरत है।
पचौरी के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतकर्ता महिला ने उन पर गवाहों को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए जमानत रद्द करने के लिए आवेदन दायर किया है।
न्यायमूर्ति एसपी गर्ग के समक्ष दिल्ली पुलिस ने महिला की याचिका का समर्थन किया। पेश अतिरिक्त सॉलीसिटर जनरल ने कहा कि पचौरी जांच में सहयोग नहीं कर रहे और पूछे गए सवालों का जवाब देने में आनाकानी कर रहे हैं।
30 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
जांच शुरुआती स्थिति में है और अभी उनके मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप व अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान, मैसेज, ई-मेल से छेड़छाड़ संबंधी एफएसएल की रिपोर्ट आनी है।
आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करनी है। वहीं, पचौरी के अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि ऐसा एक भी साक्ष्य नहीं है कि गवाहों को प्रभावित किया गया हो।
पुलिस ने यह नहीं बताया कि क्या किसी व्यक्ति ने उनके मुवक्किल की ओर से जांच को प्रभावित किया है। हमने जांच में पूरा सहयोग किया और ऐसे में जमानत रद्द करने की याचिका को खारिज किया जाए। अदालत ने मामले की सुनवाई 30 सितंबर तय कर दी।