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वेंटिलेटर तक पहुंचकर कोरोना को दी मात, अब प्लाज्मा दान कर बचा रहे हैं लोगों की जान

Mon, 09 Nov 2020 05:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 09 Nov 2020 05:01 AM IST
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Outlawed the corona by reaching the ventilator and now helping others by donating plazma
दीपक शर्मा - फोटो : amar ujala

कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद कई लोग प्लाज्मा दान कर चुके हैं। इनमें एक ऐसे व्यक्ति भी है, जिन्होंने 10 दिन तक आईसीयू में रहकर महामारी के खिलाफ जंग लड़ी और स्वस्थ होने के बाद प्लाज्मा दान कर मरीज की जान बचाई। डॉक्टरों के मुताबिक, गंभीर स्थिति में पहुंचने के बाद भी संक्रमण को मात देना और प्लाज्मा दान करना एक बड़ी उपलब्धि है।

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गुरुग्राम के सेक्टर-46 के रहने वाले दीपक शर्मा (40) दो माह पहले कोरोना संक्रमित हो गए थे। उन्हें सांस लेने में समस्या हो रही थी और गंभीर हालत में उन्हें एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया था, जहां वह 10 दिन तक आईसीयू में रहे। इस दौरान उन्हें कुछ समय के लिए वेंटिलेटर पर भी भर्ती करना पड़ा। उस भयावह समय को याद करते हुए दीपक बताते हैं कि भर्ती होने के दौरान उन्हें लगा कि वह अब जीवित नहीं रहेंगे, लेकिन एम्स के डॉक्टरों के हौसले और बेहतर इलाज के कारण से वह बच पाए हैं।
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दीपक ने बताया कि संक्रमित होने के बाद से लेकर अस्पताल से छुट्टी मिलने तक उन्होंने अपने आप को मानसिक रूप से मजबूत रखा। वह महामारी से डरे नहीं और इलाज में सहयोग करते रहे। इन 10 दिनों के दौरान कई बार उनके शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बहुत कम हो गया और उन्हें लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। संक्रमण से फेफड़े बुरी तरीके से प्रभावित हो गए थे।
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डॉक्टरों ने किया जागरूक
दीपक ने बताया कि एक माह पहले ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई थी। इस दौरान डॉक्टरों ने उन्हें प्लाज्मा के महत्व के विषय में बताया और कहा कि वह प्लाज्मा दान कर किसी गंभीर मरीज की जान बचा सकते हैं। शनिवार को उनके पास एक व्यक्ति का फोन आया, जिसके रिश्तेदार को प्लाज्मा की जरूरत थी। दीपक तुरंत अस्पताल पहुंचे और उन्होंने एम्स में भर्ती मरीज को प्लाज्मा दान करके उसकी जिंदगी बचाई। 


लोगों को पर्यावरण के प्रति करते हैं जागरूक
दीपक लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हैं। उन्होंने गुरुग्राम में कई स्थानों पर नीम के पौधे लगाए हैं। कुछ साल पहले उन्होंने दिल्ली में भी पौधे लगाए थे। अब तक वह एक हजार से अधिक पौधे लगा चुके हैं।

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