फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   ordeal of fazili acquitted in delhi serial blast case says delhi police forced us to eat faeces

दिल्ली सीरियल ब्लास्ट के आरोपी को खिलाया जाता था 'मल' और पिलाया जाता था 'जहरीला पानी'

Thu, 23 Feb 2017 11:56 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 23 Feb 2017 11:56 AM IST
विज्ञापन
ordeal of fazili acquitted in delhi serial blast case says delhi police forced us to eat faeces
मोहम्मद हुसैन फजली - फोटो : इंड‌ियन एक्सप्रेस

12 साल बीत चुके हैं जब उसे दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने श्रीनगर के उसके घर से उठाकर गिरफ्तार किया था। लेकिन पुलिस रिमांड में बिताए उन 50 दिनों की यादें उसे आज भी गहरी नींद से जगाकर डराने और घंटों तक बैचेन रखने के लिए काफी हैं।

विज्ञापन


हम बात कर रहे हैं मोहम्मद हुसैन फजली की जिसे पुलिस ने 2005 में दिल्ली सीरियल ब्लास्ट के आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया था। 42 साल का फजली बीते शनिवार को पूरे 12 साल बाद अपने घर श्रीनगर पहुंचा। बता दें कि पिछले हफ्ते ही दिल्ली हाईकोर्ट ने फजली और एक अन्य आरोपी रफीक शाह को सीरियल ब्लास्ट केस में बरी किया है।
विज्ञापन


अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार फजली ने द‌िल्ली पुलिस पर आरोप लगातते हुए कहा कि उन्होंने उसपर ब्लास्ट की जिम्मेदारी लेने के लिए मेंटल से लेकर फिजिकल हर तरह का टॉर्चर किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

ordeal of fazili acquitted in delhi serial blast case says delhi police forced us to eat faeces
मोहम्मद हुसैन फजली - फोटो : सोशल मीड‌िया

फजली के घर में मौजूद कोई उसकी बातों को सुन न ले इस वजह से उसने फुसफुसाते हुए अपने दर्द को कुछ इन शब्दों में बयां किया। 'मैं आज भी उन दिनों को याद कर डर सहम जाता हूं। दिल्ली पुलिस जबरदस्ती हमारे मुंह में मल ठूंसती थी फिर हमारे मुंह पर रोटी और पानी फेंका जाता था ‌ताकि हम उसे निगल जाएं।'

हालांकि स्पेशल सेल के किसी भी सीनियर अधिकारी ने इन आरोपों पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। गिरफ्तारी से पहले श्रीनगर के बाहरी इलाके में शॉल बुनने वाले फजली ने पुलिस पर यह भी आरोप लगाया है कि उसे कोर्ट में पेश करने से पहले ही टॉर्चर किया जाने लगा था।

फजली ने बताया, 'दिल्ली पहुंचने के बाद हमें लोधी कॉलोनी के पुलिस स्टेशन ले जाया गया। मुझे एक बेंच पर लेटने को कहा गया और उसी के नीचे मेरा हाथ बांध दिया गया। दो पुलिस वाले मेरे पैर पर खड़े हो गए और एक ने पेट के ऊपर चलने लगा। मुझे डिटरजेंट पाउडर मिला पानी पीने को मजबूर किया गया।'

ordeal of fazili acquitted in delhi serial blast case says delhi police forced us to eat faeces
मोहम्मद हुसैन फजली - फोटो : सोशल मीड‌िया

फजली ने ये भी बताया कि उस दिन जज के सामने पेश किए जाने से पहले पुलिस ने उन्हें ये भी धमकाया कि अगर तुमने जज साहिब के सामने मुंह खोला तो इससे भी बुरा अंजाम भुगतने को तैयार रहना।

फजली बताता है कि उसे 200 से भी ज्यादा ब्लैंक पेपर साइन करने को कहा गया। फजली ने पुलिसवालों पर आरोप लगाते हुए कहा कि, 'पुलिसवालों ने कई बार हमसे कहा कि वो जानते हैं कि हम बेगुनाह हैं लेकिन उनके पास हजारों तरीके हैं हमें इस केस में फंसाने के लिए।'

फजली की यह दर्दनाक यातना करीब 50 दिन चली इसके बाद उसे तिहाड़ में शिफ्ट कर दिया गया। 'तिहाड़ में उन्होंने हमें टॉर्चर नहीं किया। लेकिन वहां अपराधियों द्वारा हमला किए जाने का डर था। शुरुआत में तो वो काफी उग्र थे और वो मुझसे लगभग दो किलोमीटर तक पोछा लगवाया करते थे। लेकिन बाद में जैसे-जैसे मामला खुला उनका व्यवहार बदल गया। यहां तक कि उन्होंने मेरे रिहा होने की खुशी में मिठाईयां भी बांटी।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed