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स्कूलों में दुकान खोलने वाले नहीं कर सकेंगे टैक्स चोरी
सुशील पांडेय/अमर उजाला, नोएडा
Updated Mon, 30 Jun 2014 01:50 PM IST
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नोएडा के स्कूल-कॉलेजों में बिना रजिस्ट्रेशन के दुकान या फिर किसी तरह की वाणिज्यिक गतिविधि चलाने पर टैक्स देना जरूरी होगा। ऐसा न करने वालों से वाणिज्य कर विभाग जुर्माना वसूलेगा।
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जुलाई के दौरान विभाग टैक्स चोरी पर लगाम कसने के लिए अभियान चलाएगा। टैक्स चोरी पाए जाने पर संस्थान प्रबंधन और वाणिज्यिक गतिविधि चलाने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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पिछले साल शासन ने निर्देश दिए थे कि स्कूलों या कॉलेजों में वाणिज्यिक गतिविधियों की जांच की जाए और टैक्स चोरी पर तुरंत लगाम लगाएं। वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर सुरेश कुमार जुलाई के पहले सप्ताह में अभियान का संचालन करेंगे।
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इस सिलसिले में पिछले माह भी नोएडा के चार नामी निजी स्कूलों का निरीक्षण भी किया गया। तीन स्कूलों में ड्रेस, स्टेशनरी व खाने-पीने की वस्तुओं की बिक्री पर टैक्स चोरी की बात सामने आई है।
इन तीनों स्कूलों से 40 लाख रुपये तक टैक्स वसूला जाएगा और टैक्स चोरी के लिए जुर्माना भी लगाया जाएगा। बताया जा रहा है कि टैक्स चोरी के मामले में एक स्कूल ने 12 लाख रुपये की भरपाई टैक्स के रूप में की है।
ऐसे होती है टैक्स चोरी
फर्नीचर, कंप्यूटर, स्टेशनरी आदि की खरीद पर चार फीसदी टैक्स नहीं चुकाया जाता। खाने-पीने के सामान पर बच्चों से ज्यादा पैसा वसूल कर स्कूल के नाम पर कम की बिलिंग की जाती है। कुछ फर्म ड्रेस व स्टेशनरी की बिक्री के लिए पहले तो रजिस्ट्रेशन नहीं कराते और जो रजिस्टर्ड हैं, वह बिक्री कम दिखाकर टैक्स बचाते हैं। कुछ फर्म टैक्स नहीं चुकाते।
इन पर चुकाना है टैक्स
- वस्तुओं की खरीद पर---4 फीसदी
- ड्रेस बिक्री पर---5 फीसदी
- स्टेशनरी बिक्री पर---4 से 14 फीसदी
- खाने-पीने की वस्तुओं पर---14 फीसदी
नोट: जुर्माने की राशि सभी में अलग-अलग होती है।