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ऑनलाइन पढ़ाई पड़ न जाए भारी, छात्रों में बढ़ रहा क्रेज
Mon, 17 Dec 2018 03:22 AM IST
vivek shukla
नेहा शर्मा, अमर उजाला, नोएडा
नेहा शर्मा, अमर उजाला, नोएडा
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 17 Dec 2018 03:22 AM IST
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फाइल फोटो
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आजकल ऑनलाइन पढ़ाई का चलन तेजी से बढ़ रहा है। घर बैठे बिना ट्यूशन के विषयों की पूरी जानकारी मिल जा रही है। खास बात यह है कि इसके लिए पैसे भी खर्च नहीं करने पड़ते हैं। साथ ही समय की भी बचत होती है। इसी वजह से ऑनलाइन ट्यूशन की बहार आई है। कई चैनल अलग अलग विषयों पर ऑनलाइन क्लास दे रहे हैं। लेकिन पढ़ाई के दौरान कुछ बातों पर ध्यान रखने की भी जरूरत है। छात्र जरूर देख लें कि जो पढ़ाया जा रहा वह ठीक है या नहीं।
पूरी तरह से ऑनलाइन क्लास पर निर्भर न रहें। किताब की मदद जरूर लें ताकि पता चला सके कि जो पढ़ रहे हैं वह सही है या नहीं। यू ट्यूब इन दिनों कमाई का जरिया बन गया है। हर कोई वीडियो बनाकर अपलोड कर रहा है। वीडियो पर जितने ज्यादा हिट्स और लाइक्स मिलते हैं। उतने ही विज्ञापन भी मिलते हैं। विद्यार्थी प्रवेश परीक्षा की तैयारी वाले वीडियो खूब देखते हैं। यू ट्यूब पर सैकड़ों एजुकेशनल चैनल दिख जाएंगे। जरूरी नहीं हैं कि यहां पढ़ाने वालों को सब्जेक्ट की पूरी जानकारी है। ऐसे में जानकारी गलत होने का भी खतरा रहता है।
एनसीईआरटी की किताबें जरूर पढ़ें
ऑनलाइन पढ़ने के बाद एनसीईआरटी की किताब से जरूर पढ़े, ताकि पता चल सके की जो पढ़ाई की है वो ठीक है या नहीं। इससे विषय की और अच्छी जानकारी भी हो जाएगी। जितनी अधिक जानकारी होगी उतना ही उत्तर लिखने में अच्छा रहेगा। इसके साथ चाहे तो लिखकर भी याद कर सकते हैं। लिखने से ज्यादा समय तक याद रहता है। पेपर के दौरान ये प्रैक्टिस बहुत काम आती है।
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ऐप से पढ़ते वक्त भी रखें ध्यान
गूगल ड्राइव में बहुत सारे ऐसे ऐप हैं, जो अलग अलग विषयों की पूरी जानकारी होने का दावा करते हैं। ध्यान रखें कि कहीं पर कुछ गलत चीज ना दी गई हो। कुछ भी संशय होने पर टीचर से जरूर पूछ लें।
बच्चों को एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाना चाहिए। ऑनलाइन चैनल पर कितना सही दिखाया जा रहा है इसकी कोई प्रमाणिकता नहीं है। गलत जानकारी से रिजल्ट पर प्रभाव पड़ सकता है। -रेनू सिंह, सीबीएसई नोएडा कॉर्डिनेटर और एमिटी स्कूल की प्रिंसिपल
आनलाइन पढ़ाई अच्छी बात है, लेकिन वो कितना सही इसका ध्यान रखना चाहिए। यहां पढ़ने के बाद किताबों को जरूर पढ़े। इससे अगर कुछ गलत होगा तो वह पता चल जाएगा।-डॉ. आर के गुप्ता, क्षेत्रीय उच्च शिखा अधिकारी मेरठ और सहारनपुर
गूगल और यू ट्यूब से पढ़ेंगे छात्र
नोएडा। प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूल में स्मार्ट क्लासेज से पढ़ाई करवाई जा रही है। वहीं, अब एक और कदम बढ़ाते हुए गूगल और यू ट्यूब से पढ़ाई करवाई जाएगी। छात्रों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। साथ ही उन्हें विस्तृत जानकारी भी मिल सकेगी। ब्यूरो
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पूरी तरह से ऑनलाइन क्लास पर निर्भर न रहें। किताब की मदद जरूर लें ताकि पता चला सके कि जो पढ़ रहे हैं वह सही है या नहीं। यू ट्यूब इन दिनों कमाई का जरिया बन गया है। हर कोई वीडियो बनाकर अपलोड कर रहा है। वीडियो पर जितने ज्यादा हिट्स और लाइक्स मिलते हैं। उतने ही विज्ञापन भी मिलते हैं। विद्यार्थी प्रवेश परीक्षा की तैयारी वाले वीडियो खूब देखते हैं। यू ट्यूब पर सैकड़ों एजुकेशनल चैनल दिख जाएंगे। जरूरी नहीं हैं कि यहां पढ़ाने वालों को सब्जेक्ट की पूरी जानकारी है। ऐसे में जानकारी गलत होने का भी खतरा रहता है।
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एनसीईआरटी की किताबें जरूर पढ़ें
ऑनलाइन पढ़ने के बाद एनसीईआरटी की किताब से जरूर पढ़े, ताकि पता चल सके की जो पढ़ाई की है वो ठीक है या नहीं। इससे विषय की और अच्छी जानकारी भी हो जाएगी। जितनी अधिक जानकारी होगी उतना ही उत्तर लिखने में अच्छा रहेगा। इसके साथ चाहे तो लिखकर भी याद कर सकते हैं। लिखने से ज्यादा समय तक याद रहता है। पेपर के दौरान ये प्रैक्टिस बहुत काम आती है।
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ऐप से पढ़ते वक्त भी रखें ध्यान
गूगल ड्राइव में बहुत सारे ऐसे ऐप हैं, जो अलग अलग विषयों की पूरी जानकारी होने का दावा करते हैं। ध्यान रखें कि कहीं पर कुछ गलत चीज ना दी गई हो। कुछ भी संशय होने पर टीचर से जरूर पूछ लें।
बच्चों को एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाना चाहिए। ऑनलाइन चैनल पर कितना सही दिखाया जा रहा है इसकी कोई प्रमाणिकता नहीं है। गलत जानकारी से रिजल्ट पर प्रभाव पड़ सकता है। -रेनू सिंह, सीबीएसई नोएडा कॉर्डिनेटर और एमिटी स्कूल की प्रिंसिपल
आनलाइन पढ़ाई अच्छी बात है, लेकिन वो कितना सही इसका ध्यान रखना चाहिए। यहां पढ़ने के बाद किताबों को जरूर पढ़े। इससे अगर कुछ गलत होगा तो वह पता चल जाएगा।-डॉ. आर के गुप्ता, क्षेत्रीय उच्च शिखा अधिकारी मेरठ और सहारनपुर
गूगल और यू ट्यूब से पढ़ेंगे छात्र
नोएडा। प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूल में स्मार्ट क्लासेज से पढ़ाई करवाई जा रही है। वहीं, अब एक और कदम बढ़ाते हुए गूगल और यू ट्यूब से पढ़ाई करवाई जाएगी। छात्रों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। साथ ही उन्हें विस्तृत जानकारी भी मिल सकेगी। ब्यूरो