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होली पर कैसे जाएं घर: सभी ट्रेन फुल, विमान किराये में बढ़ोतरी; अब तो बिहार-यूपी वालों के पास बस एक ही सहारा

Wed, 20 Mar 2024 06:47 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 20 Mar 2024 06:47 PM IST
सार

पूर्वाचल की तरफ जाने वाली वंदे भारत, संपर्क क्रांति, वैशाली, डिब्रूगढ़ राजधानी, हावड़ा राजधानी, राजेंद्र नगर राजधानी, चंपारण सत्याग्रह, अवध-आसान, पूर्वा, विक्रमशीला, ब्रह्मपुत्र, गोरखधाम समेत कई नियमित ट्रेन में वेटिंग टिकट मिल रहा है। दिल्ली से गोरखपुर जाने वाली बिहार संपर्क क्रांति में 127 वेटिंग है तो गोरखधाम एक्सप्रेस में 100 से वेटिंग टिकट मिल रहा है।

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On Holi there is not even waiting ticket in most of trains not only sleeper but also AC coach is full
होली पर सभी ट्रेनें फुल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

होली त्योहार पर आप घर जाने की सोच रहे हैं, तो एक बार ट्रेन की स्थिति की जानकारी हासिल कर लें। पूर्वांचल दिशा की तरफ जाने वाली सभी ट्रेन फुल हो गई हैं। टिकट काउंटर पर वेटिंग टिकट तक कई ट्रेनों में उपलब्ध नहीं है। वेटिंग टिकट की संख्या इतनी अधिक हो गई है कई ट्रेनों में टिकट रिग्रेट हो गया है। दिल्ली से कानपुर, गोरखपुर, लखनऊ, पटना, मुजफ्फरपुर, पश्चिम बंगाल समेत सभी लंबी दूरी की ट्रेनों में 24 मार्च तक कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा। लोगों की मजबूरी ऐसी है कि वे या तो बस का सहारा ले रहे हैं या ऊंची कीमत पर विमान से त्योहार में शरीक होने जा रहे हैं।

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हर साल की तरह इस साल भी रेलवे की तैयारी स्टेशनों पर अधूरी दिखाई पड़ रही है। भीड़ के सामने ट्रेनों की संख्या बौनी साबित हो रही है। लिहाजा होली के मौके पर पूर्वाचल की तरफ जाना लोगों के लिए मुश्किल है। ऐसे में दिल्ली में रह रहे प्रवासियों को अपनों के साथ होली खेलने जाने के लिए अन्य यातायात के संसाधन का इस्तेमाल करना पड़ेगा।

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पूर्वाचल की तरफ जाने वाली वंदे भारत, संपर्क क्रांति, वैशाली, डिब्रूगढ़ राजधानी, हावड़ा राजधानी, राजेंद्र नगर राजधानी, चंपारण सत्याग्रह, अवध-आसान, पूर्वा, विक्रमशीला, ब्रह्मपुत्र, गोरखधाम समेत कई नियमित ट्रेन में वेटिंग टिकट मिल रहा है। दिल्ली से गोरखपुर जाने वाली बिहार संपर्क क्रांति में 127 वेटिंग है तो गोरखधाम एक्सप्रेस में 100 से वेटिंग टिकट मिल रहा है। इसी तरह वैशाली एक्सप्रेस के स्लीपर क्लास में 200, सप्तक्रांति में 170, संपर्क क्रांति 170, बिहार संपर्क क्रांति 100 से अधिक वेटिंग टिकट है। इसके अलावा विक्रमशीला, हमसफर, वंदे भारत, राजेंद्र नगर तेजस, सीमांचल, मगध, हावड़ा राजधानी समेत सभी लंबी दूरी की ट्रेन में जगह नहीं है।

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दिल्ली से गोरखपुर जाने वाली बिहार संपर्क क्रांति, गोरखधाम, वैशाली, सप्तक्रांति, चंपारण सत्याग्रह, अवध-आसाम, सत्याग्रह की सीट फुल है। दिल्ली-कानपुर की बात करें तो वंदे भारत, राजेंद्र नगर तेजस, सियालदाह राजधानी, हावड़ा राजधानी, हमसफर, संपर्क क्रांति समेत इस दिशा में जाने वाली सभी नियमित ट्रेन फुल है। लखनऊ की तरफ जाने वाली तेजस, आनंद विहार, मऊ एक्सप्रेस, स्वर्ण शताब्दी, डिब्रूगढ़ राजधानी, नई दिल्ली-राजधानी। इसी तरह पटना जाने वाली डिब्रूगढ़ राजधानी, विक्रमशीला, नार्थ ईस्ट, ब्रह्मपुत्र, पूर्वा समेत कई ट्रेन फुल है।

असमंजस की स्थिति में यात्री
घंटों टिकट काउंटर की लाइन में लोगों का पसीना तो बह ही रहा है साथ ही समय भी बर्बाद हो रहा है। पूर्वाचल दिशा की तरफ जाने वाले लोग सुबह से ही नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, निजामुद्दीन, आनंद विहार समेत दिल्ली के सभी छोटे-बड़े स्टेशनों पर लाइन में लग जाते हैं। लेकिन काउंटर तक पहुंचते ही ना तो उन्हें तत्काल टिकट ही मिल पाता है और ना ही कन्फर्म टिकट। इसे लेकर यात्री भी असमंजस की स्थिति में हैं।

बसों में बढ़ी भीड़
ट्रेन में टिकट नहीं मिलने की स्थिति में लोगों को बस का सहारा लेना पड़ रहा है। ट्रेन में लोगों की तादाद और यात्रियों की संख्या देखकर मजबूरन उन्हें बस का सहारा लेना पड़ रहा है। बस की सवारी भी इन दिनों महंगी हो गई है। आम दिनों में गोरखपुर, पटना, मुजफ्फरपुर समेत पूर्वांचल की तरफ जाने वाली बसों का यात्रा टिकट 1300-1800 रुपये होता था। लेकिन इन दिनों 2000 रुपये से अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। लग्जरी बस के अलावा साधारण बस में ठसाठस भरकर यात्रियों को लेकर जा रहे हैं।

स्लीपर कोच की स्थिति अनारक्षित कोच से भी खराब
यात्रियों की तादाद के सामने इन दिनों ट्रेन कम पड़ रही है। स्लीपर क्लास की हालत अनारक्षित कोच से भी खराब है। वैशाली, सप्तक्रांति, पूर्वा, बिहार संपर्क क्रांति, सत्याग्रह समेत कई ट्रेनों के स्लीपर कोच में यात्री ठसाठस भरकर जा रहे हैं। तत्काल टिकट के लिए लोग रात से हीं लाइन में खड़े हो जाते हैं। टिकट नहीं मिलने की स्थिति में जनरल टिकट लेकर यात्रा करने को मजबूर हैं। होली जैसे-जैसे नजदीक आ रही है स्टेशन पर भीड़ बढ़ते जा रही है। रेलवे प्रशासन भी यात्रियों की तादाद को देखते हुए भीड़ प्रबंधन की तैयारियों में जुटा है। बुधवार को स्थिति यह रही कि किसी भी नियमित ट्रेन में न तो आरक्षित बर्थ और न ही अनारक्षित कोच में ही बैठने की जगह लोगों को मिली। हलांकि रेलवे स्पेशल ट्रेन चलाकर यात्रियों की राह आसान करने में जुटी हुई है।

विमानों का किराया भी दोगुने से अधिक
ट्रेन और बस में बढ़ते भीड़ को देखते हुए विमानन कंपनियों ने भी यात्रा किराया बढ़ा दिया है। पटना, लखनऊ, गोरखपुर, कोलकाता, मुंबई, जम्मू कश्मीर आने-जाने वाली विमानों का किराया दोगुने से भी अधिक हो गया है। स्थिति यह है कि 24 और 25 मार्च को कई विमान अभी से ही फुल हो गए हैं। टिकट मिल भी रहा है तो डायनेमिक फेयर की वजह से कीमत अधिक चुकानी पड़ रही है। सात हजार से 10 हजार रुपये तक की टिकट नई दिल्ली से लखनऊ के लिए वसूली जा रही है। इसी तरह गोरखपुर जाने वाली फ्लाइट का टिकट 25 मार्च होली वाले दिन 12 हजार रुपये है और इसके ठीक अगले दिन का टिकट 5000 रुपये है। पटना जाने वाले विमानों का टिकट 23 मार्च को 12000 रुपये है वहीं 26 मार्च को यह घटकर 5000 रुपये से नीचे है।

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