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अच्छे नंबर नहीं आए तो टीचर्स की होगी बड़ी मुसीबत

Sat, 23 May 2015 10:33 AM IST
Updated Sat, 23 May 2015 10:33 AM IST
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on bad numbers of students teachers will be in trouble now

सरकारी स्कूलों में खराब रिजल्ट पर सरकार ने शिक्षकों को ‘सजा’ देने का फैसला किया है। जिनमें 10वीं और 12वीं का परिणाम खराब आया है उनमें शिक्षकों की ग्रीष्मकालीन छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।

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विशेष कोचिंग क्लास संचालित कर कंपार्टमेंट वाले छात्रों की तैयारी कराने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि छात्र सितंबर में होने वाली परीक्षा में पास हो सके। हालांकि अध्यापक संगठन इस आदेश का विरोध कर रहे हैं।

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यहां बता दें हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित 10वीं व 12वीं कक्षा का रिजल्ट बेहद निराशजनक रहा। इस बार 10वीं की परीक्षा में आधे बच्चे भी पास नहीं हो सके। इसका रिजल्ट 41.28 फीसदी रहा।
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ये आंकड़ा हैरान करने वाला है

on bad numbers of students teachers will be in trouble now

इसमें भी सबसे ज्यादा हैरान करने वाला आंकड़ा सरकारी स्कूलों का है जहां सिर्फ 30.32 फीसदी बच्चे ही पास हो पाए। इसी तरह 12वीं का रिजल्ट 53.96 फीसदी रहा।


फरीदाबाद इस बार 12वीं के नतीजों में सबसे निचले स्तर वाले जिलों में शुमार है। जबकि 10वीं का रिजल्ट तो और भी खराब रहा। प्रदेश में इस बार 10वीं कक्षा में 25.3 प्रतिशत बच्चों की कंपार्टमेंट आई है।

इन बच्चों को जून में कोचिंग करवाकर सितंबर में होने वाली परीक्षा में बैठने का मौका दिया जाएगा।

अब ज्यादा पढ़ाएंगे ये टीचर

on bad numbers of students teachers will be in trouble now

शिक्षा महानिदेशक टीसी गुप्ता ने शिक्षकों को हिदायत दी है कि वे सुबह 9:00 बजे से 11:30 बजे तक कोचिंग क्लास चलाएं। ये क्लास उन्हीं शिक्षकों को चलानी होगी, जिनका रिजल्ट खराब आया है। क्लास पांच जून से 30 जून तक स्कूलों में चलाई जाएंगी।


पिछले दिनों शिक्षा विभाग ने खराब रिजल्ट वाले स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन अधिकांश अध्यापकों ने स्पष्टीकरण न देकर मामले को गोलमोल कर दिया। अध्यापकों के रुख को देखते हुए विभाग ने शिक्षकों पर नकेल कस दी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि कोचिंग से बच्चों को फायदा होगा।

शिक्षा देना, कर्मचारियों का काम नहीं है। इस विषय में जोर-जबरदस्ती नहीं चल सकती। विभाग ऐसा कर शिक्षकों का मनोबल गिरा रहा है। विभाग को शिक्षकों से संबंधित अन्य दिक्कतों पर ध्यान देना चाहिए। चुनाव व वोट से दूर कर उन्हें सिर्फ शिक्षा का काम देना चाहिए। कोचिंग के फरमान को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

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