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ओल्ड राजेंद्र कोचिंग सेंटर हादसा : सीबीआई को फटकार, एमसीडी अधिकारियों की भूमिका की जांच के आदेश
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मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में 2024 में आई बाढ़ से तीन यूपीएससी अभ्यर्थियों की मौत के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकारियों की संभावित लापरवाही और भ्रष्टाचार की जांच भी जरूरी है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश भट्ट ने मृत छात्रों के माता-पिता द्वारा दायर विरोध याचिका को स्वीकार करते हुए सीबीआई को जांच का दायरा बढ़ाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसा संभव है कि कोचिंग संस्थान के बेसमेंट के अवैध उपयोग को जानबूझकर नजरअंदाज किया हो या इसकी अनुमति दी गई हो।
अदालत ने यह भी कहा कि यह मानना मुश्किल है कि कई सालों से चल रही इमारत के बेसमेंट के अवैध उपयोग की जानकारी किसी भी वरिष्ठ अधिकारी को नहीं थी। कोर्ट के मुताबिक, केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि नियमों के पालन की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों की भी होती है। कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह एमसीडी अधिकारियों द्वारा कर्तव्यों की संभावित उपेक्षा या भ्रष्ट आचरण की भी गहराई से जांच करे। अदालत ने कहा कि ऐसी लापरवाही के कारण तीन निर्दोष छात्रों की जान चली गई। मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में 2024 में आई बाढ़ से तीन यूपीएससी अभ्यर्थियों की मौत के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकारियों की संभावित लापरवाही और भ्रष्टाचार की जांच भी जरूरी है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश भट्ट ने मृत छात्रों के माता-पिता द्वारा दायर विरोध याचिका को स्वीकार करते हुए सीबीआई को जांच का दायरा बढ़ाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसा संभव है कि कोचिंग संस्थान के बेसमेंट के अवैध उपयोग को जानबूझकर नजरअंदाज किया हो या इसकी अनुमति दी गई हो।
अदालत ने यह भी कहा कि यह मानना मुश्किल है कि कई सालों से चल रही इमारत के बेसमेंट के अवैध उपयोग की जानकारी किसी भी वरिष्ठ अधिकारी को नहीं थी। कोर्ट के मुताबिक, केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि नियमों के पालन की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों की भी होती है। कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह एमसीडी अधिकारियों द्वारा कर्तव्यों की संभावित उपेक्षा या भ्रष्ट आचरण की भी गहराई से जांच करे। अदालत ने कहा कि ऐसी लापरवाही के कारण तीन निर्दोष छात्रों की जान चली गई। मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होगी।
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