ओला और उबर पर तेज हुई कार्रवाई, परिवहन विभाग ने एक माह में जब्त किए 724 वाहन
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बगैर लाइसेंस सेवाएं दे रही मोबाइल ऐप बेस्ड टैक्सी कंपनियां ओला, उबर कंपनियों के वाहनों पर दिल्ली परिवहन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है।
यही वजह है कि बीते एक माह में दिल्ली परिवहन विभाग की इंफोर्समेंट टीम ने 724 वाहनों का चालान काटकर उन्हें जब्त किया है। इन वाहनों पर परमिट शर्तों का उल्लंघन और सर्ज प्राइसिंग की शिकायतों पर कार्रवाई की गई है।
दरअसल, दिल्ली में कई बार चेतावनी के बाद भी ओला, उबर कंपनियां टैक्सी की मांग बढ़ते ही लगातार अपने किराए में बढ़ोतरी कर रही हैं। दिल्ली सरकार इसे लेकर कंपनियों को कई बार फटकार भी लगा चुकी है।
इनपर सरकार सीधे कार्रवाई तो नहीं कर पा रही है, लेकिन इनके साथ जुड़ने वाले टैक्सी परमिटधारियों पर जरूर कार्रवाई की जा रही है।
परमिट शर्तों का उल्लंघन और सर्ज प्राइसिंग की शिकायत पर हुई कार्रवाई
किराये ज्यादा लेना, बगैर मीटर के चलने, डीजल वाहन होने के बाद भी दिल्ली में वन प्वाइंट-टू प्वाइंट सर्विस देने के चलते यह वाहन जब्त किए गए हैं।
परिवहन विभाग के इंफोर्समेंट विंग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सर्ज प्राइसिंग की शिकायतें हम तक कम पहुंच रही हैं। बावजूद इसके एक महीने में 20 से ज्यादा चालान सर्ज प्राइसिंग के चलते हुए हैं।
ज्यादातर चालान परमिट शर्तों के उल्लंघन के चलते ही जब्त किए जा रहे हैं। बताते चलें कि ओला, उबर के पास टैक्सी सेवाएं देने का लाइसेंस नहीं है।
कोर्ट के निर्देश पर परिवहन विभाग एक पॉलिसी बनाने पर काम कर रही है, जिसमें न्यूनतम व अधिकतम किराया तय करने की बात है। ज्ञात हो कि मौजूदा समय में दिल्ली में 40 हजार से ज्यादा रेडियो टैक्सी रजिस्टर्ड हैं।