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20 AAP विधायक मामला: विपक्ष का तंज- आप MLAs को ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं..

Sat, 24 Mar 2018 09:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 24 Mar 2018 09:58 AM IST
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office of profit: know what opposition said about 20 aap mla victory
manoj tiwari

दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यो्ष के मनोज तिवारी ने कहा है कि हाई कोर्ट ने आप विधायकों को लाभ के पद के मामले में दोष से मुक्त नहीं किया है। कोर्ट पुन: सुनवाई का निर्देश दिया है।

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इस कारण आप विधायकों पर अयोग्य हो जाने की तलवार लटकी हुई है। वहीं उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों पर लाभ के पद के मामले में हाई कोर्ट का चुनाव आयोग को पुन: सुनवाई करने का निर्देश न्यायपालिका की स्वतंत्रता एवं भारतीय लोकतंत्र का एक अनूठा प्रमाण है।
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भाजपा ने जिस तरह कोर्ट एवं चुनाव आयोग के पिछले निर्देशों का स्वागत किया था उसी तरह आज के निर्देश का भी सम्मान करती हैं। निश्चित तौर पर चुनाव आयोग को पुन: सुनवाई करनी चाहिए। 

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आप विधायक खुश न हो

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ajay maken

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि हाई कोर्ट के फैसले से आप के 20 विधायकों को खुश होने की जरुरत नहीं है।

कोर्ट ने अपने फैसले में चुनाव आयोग को दोबारा सुनवाई करने के लिए कहा है। इस कारण आप विधायकों को थोड़ा सा फायदा मिला है जो कुछ समय के लिए ही है।

क्योंकि कोर्ट ने केस को वापस अंतिम सुनवाई के लिए चुनाव आयोग के पास भेजा है, जबकि राष्ट्रपति के उस आदेश को खारिज नहीं किया है जिसके तहत राष्ट्रपति ने चुनाव आयोग को इन 20 विधायकों के खिलाफ लाभ के पद को लेकर आई शिकायत की जांच करने के लिए कहा था।

कोर्ट ने आप विधायकों को अस्थायी राहत दी है

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vijender gupta

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के नेता विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि हाई कोर्ट आप के 20 विधायकों को अस्थायी राहत दी है और चुनाव आयोग को उन्हें दुबारा सुनने का निर्देश दिया है।

इस कारण कोर्ट ने उनको दोषमुक्त नहीं करार दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने मूल विषय लाभ के पद के मामले और राष्ट्रपति की अनुशंसा पर कोई सवाल खड़े नहीं किए हैं।

उन्होंने कहा कि वह कोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हैं। चुनाव आयोग ने सुनवाई की लगभग ढाई वर्ष की अवधि में 12 से भी अधिक बार सुनवाई के अवसर दिए थे। परन्तु इन्हें जानबूझकर नजरअंदाज किया गया।

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