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नर्सरी दाखिला: पहली सूची जारी होने से पहले ही सीट पक्की करने का दबाव
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-कई स्कूल अभिभावकों को सीट पक्की करने के लिए बुला रहे
-फीस जमा कर, नर्सरी की सीट को पक्का करने को कह रहे
-जिन स्कूलों में सीट नहीं भरती वहां पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर बुला रहे
-अभिभावक परेशान सीट पक्की करें, तो कहीं और दाखिला कैसे लेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के 1700 से अधिक निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले के लिए जारी दाखिले की दौड़ अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। फिर भी नर्सरी दाखिले के लिए अभिभावकों की परेशानी खत्म नहीं हो रही। अभिभावकों की शिकायत है कि कुछ स्कूलों ने पहली लिस्ट जारी करने से पहले ही सीट पक्की करने के लिए बुलाना शुरू किया है। वहीं जिन स्कूलों में सीट नहीं भरती हैं तो वहां पहले आओ पहले पाओ के आधार पर बुलाया जा रहा है।
23 को जारी होगी पहली सूची
अभिभावकों की परेशानी है कि यदि सीट पक्की करेंगे तो कहीं दूसरी जगह अच्छे स्कूल में नाम आने पर दाखिला कैसे लेंगे। अभिभावकों ने कहा कि कुछ स्कूल कह रहे कि लिस्ट जारी होने से पहले ही यदि वह एक तिमाही की फीस जमा करा देते हैं तो उनका दाखिला पक्का होगा। निजी स्कूलों ने बीते सप्ताह बच्चों को मानकों में मिले अंकों के साथ सूची जारी की है। अब स्कूल दाखिले के लिए पहली सूची प्रतीक्षा सूची के साथ 23 जनवरी को जारी करेंगे।
सूची जारी होने के पहले ही एडमिशन के लिए आया फोन
अभिभावकों की शिकायत है कि कई स्कूल पहले ही अभिभावकों को दाखिला लेने के लिए कह रहे हैं, जबकि अभी सूची आई नहीं है, कई अभिभावक बच्चे के दाखिले की चाह में स्कूल पहुंच भी रहे हैं। अभिभावक खुशी ने बताया कि पूर्वी दिल्ली के कुछ स्कूलों से उन्हें सूची जारी होने से पहले ही फोन आया है कि वह दाखिला ले सकते हैं। अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि यदि दाखिला ले लिया और बाद की सूची में कहीं और बेहतर स्कूल में दाखिला आ गया तो वह कैसे दाखिला लेंगी।
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मनमानी से परेशान हुए अभिभावक
अभिभावक हेमा सिंह ने कहा कि बीते साल उनके रिश्तेदार भी ऐसी समस्या झेली थी, और अब वह झेल रही हैं। उन्हें स्कूल आकर दाखिला लेने के लिए कहा गया है। सुमित वोहरा ने कहा कि इस तरह की परेशानी को अभिभावक कई सालों से झेल रहे हैं। दिल्ली में ऐसे भी कई छोटे स्कूल हैं जहां सीट नहीं भरती, तो वह पहले आओ पहले पाओ के आधार पर अभिभावकों को दाखिला लेने के लिए कह रहे हैं। स्कूलों की दाखिले को लेकर की जा रही ऐसी मनमानी से अभिभावक परेशान हैं। अभिभावक स्कूलों की शिकायत शिक्षा निदेशालय को करें और निदेशालय को ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
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-फीस जमा कर, नर्सरी की सीट को पक्का करने को कह रहे
-जिन स्कूलों में सीट नहीं भरती वहां पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर बुला रहे
-अभिभावक परेशान सीट पक्की करें, तो कहीं और दाखिला कैसे लेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के 1700 से अधिक निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले के लिए जारी दाखिले की दौड़ अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। फिर भी नर्सरी दाखिले के लिए अभिभावकों की परेशानी खत्म नहीं हो रही। अभिभावकों की शिकायत है कि कुछ स्कूलों ने पहली लिस्ट जारी करने से पहले ही सीट पक्की करने के लिए बुलाना शुरू किया है। वहीं जिन स्कूलों में सीट नहीं भरती हैं तो वहां पहले आओ पहले पाओ के आधार पर बुलाया जा रहा है।
23 को जारी होगी पहली सूची
अभिभावकों की परेशानी है कि यदि सीट पक्की करेंगे तो कहीं दूसरी जगह अच्छे स्कूल में नाम आने पर दाखिला कैसे लेंगे। अभिभावकों ने कहा कि कुछ स्कूल कह रहे कि लिस्ट जारी होने से पहले ही यदि वह एक तिमाही की फीस जमा करा देते हैं तो उनका दाखिला पक्का होगा। निजी स्कूलों ने बीते सप्ताह बच्चों को मानकों में मिले अंकों के साथ सूची जारी की है। अब स्कूल दाखिले के लिए पहली सूची प्रतीक्षा सूची के साथ 23 जनवरी को जारी करेंगे।
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सूची जारी होने के पहले ही एडमिशन के लिए आया फोन
अभिभावकों की शिकायत है कि कई स्कूल पहले ही अभिभावकों को दाखिला लेने के लिए कह रहे हैं, जबकि अभी सूची आई नहीं है, कई अभिभावक बच्चे के दाखिले की चाह में स्कूल पहुंच भी रहे हैं। अभिभावक खुशी ने बताया कि पूर्वी दिल्ली के कुछ स्कूलों से उन्हें सूची जारी होने से पहले ही फोन आया है कि वह दाखिला ले सकते हैं। अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि यदि दाखिला ले लिया और बाद की सूची में कहीं और बेहतर स्कूल में दाखिला आ गया तो वह कैसे दाखिला लेंगी।
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मनमानी से परेशान हुए अभिभावक
अभिभावक हेमा सिंह ने कहा कि बीते साल उनके रिश्तेदार भी ऐसी समस्या झेली थी, और अब वह झेल रही हैं। उन्हें स्कूल आकर दाखिला लेने के लिए कहा गया है। सुमित वोहरा ने कहा कि इस तरह की परेशानी को अभिभावक कई सालों से झेल रहे हैं। दिल्ली में ऐसे भी कई छोटे स्कूल हैं जहां सीट नहीं भरती, तो वह पहले आओ पहले पाओ के आधार पर अभिभावकों को दाखिला लेने के लिए कह रहे हैं। स्कूलों की दाखिले को लेकर की जा रही ऐसी मनमानी से अभिभावक परेशान हैं। अभिभावक स्कूलों की शिकायत शिक्षा निदेशालय को करें और निदेशालय को ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।