छोटी सी बात पर नर्स को आया गुस्सा, डॉक्टर पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पलवल के हसनपुर के गांव टप्पा में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक एएनएम ने केंद्र की इंचार्ज डॉ. कंचन यादव पर पेट्रोल डालकर जलाने का प्रयास किया।
जैसे ही एएनएम ने डॉक्टर के ऊपर पेट्रोल फेंका, डॉ. कंचन यादव किसी तरह से अपनी जान बचाकर वहां से भागी। इतनी बड़ी घटना होने के दो दिन बाद तक भी पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है।
पुलिस व जिला सिविल सर्जन को दी शिकायत में डॉ. कंचन यादव ने कहा है कि वह टप्पा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की इंचार्ज है। चार जुलाई को राष्ट्रीय पोलियो कार्यक्रम के दौरान स्टाफ ने पिछले पोलियो कार्यक्रम अप्रैल 2017 की अदायगी न मिलने की शिकायत की थी और रोष जताया था।
तभी वहां मौजूद एएनएम अनीता राठी ने स्टाफ को भड़काना शुरू कर दिया। उसके बाद वहां एक नाई नंगला का रिक्शा चालक आया और उसके साथ गाली गलौच की और हमले का प्रयास किया।
पिछली अदायगी न कराने पर जान से मारने की धमकी दी गई
शिकायत में कहा गया है कि उसी दिन दोपहर के दो बजे मोबाइल नंबर 8053520613 से फोन आया और उसे धमकी दी गई। अनीता राठी की पिछली अदायगी न कराने पर जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत में डॉ. कंचन ने कहा है कि फोन करने वाले ने अपना नाम संतराज चेयरमैन बताया। उसके बाद अगले दिन भी स्टाफ ने अपना रोष जारी रखते हुए कोई सहयोग नहीं दिया।
शिकायत में आरोप लगाया है कि जब अनीता राठी से उच्च अधिकारियों के कहने पर इस बात का स्पष्टीकरण मांगा तो आठ जुलाई को अनीता ने कार्यालय में आकर झगड़ा करना शुरू कर दिया।
थोड़ी देर बाद वापस एक बोतल में पेट्रोल लेकर आई और उनके ऊपर डालने का प्रयास किया, लेकिन वह किसी तरह से वहां मौजूद डेंटल सहायक बलबीर सिंह की सहायता से कमरे से निकलकर भागी तथा बाद में पंकज फार्मेसिस्ट की मदद से केंद्र से भाग कर थाने पहुंची। अपने साथ हुई घटना की जानकारी पुलिस को दी।
शिकायत में डा. कंचन ने यह भी कहा है कि इस घटना के दौरान वह अपना सारा सामान, पर्स, एटीएम कार्ड व जरूरी कागजात भी केंद्र में छोड़ आई थी। पुलिस में शिकायत देने के बाद डॉ. कंचन ने इस बात की जानकारी सिविल सर्जन डा. आदित्य स्वरूप गुप्ता को भी दी है, परंतु उसके बाद भी अभी तक न तो कोई मुकदमा दर्ज किया गया है और न ही कोई कानूनी कार्रवाई की गई है। डॉ. कंचन इस हादसे से बहुत डरी हुई है।
इस मामले की शिकायत डॉ. कंचन यादव ने थाने में आकर दी है। मामले की जांच की जा रही है। जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।- सतवीर सिंह, प्रभारी हसनपुर थाना