ठंड कर रही आंखें खराब: दिल्ली में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़े मरीज, स्क्रीन टाइम भी बढ़ा रहा दिक्कतें; दी ये सलाह
दिल्ली में ठंड का सितम जारी है। इसी बीच बढ़ती ठंड के साथ अस्पताल में आंखों की समस्या लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों की संख्या में सामान्य से 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। ठंड की दस्तक के साथ कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बढ़ते ठंड के साथ ही गुरु तेग बहादुर अस्पताल में ओपीडी में आंखों की समस्या लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। दरअसल, ठंड की दस्तक के साथ लोगों को आंखों में जलन, थकान जैसी समस्याएं महसूस होने लगती हैं। ठंडी हवा और तापमान में लगातार उतार–चढ़ाव से आंखों की नमी खत्म हो जाती है। ठंड बढ़ने से आंखों में सूखापन, जलन, खुजली, धुंधला दिखना और लालिमा जैसी समस्याएं बढ़ती हैं, क्योंकि शुष्क हवा नमी छीन लेती है और हीटर इसे और सुखा देते हैं।
गुरु तेग बहादुर अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ प्रवीण कुमार ने कहा कि आंखों में जलन, सूजन और आंखों का लाल होने का कारण जितना मौसम में उतार-चढ़ाव है उतना ही अधिक समय तक स्क्रीन पर लगे रहना भी है। उन्होंने कहा कि इन दिनों ओपीडी में आंखों में जलन और सूजन लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है।
ओपीडी में आंखों से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में सामान्य से 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। बच्चे से बूढ़े तक हर उम्र के मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टर्स मरीजों को सलाह दे रहे हैं कि कम से कम स्क्रीन पर समय व्यतीत करें और आंखों को समय-समय पर धोते रहें।