पीएम किसान सम्मान निधि: 10 हजार रुपये हो सकती है राशि, केंद्र सरकार की समिति के सदस्य ने दिए संकेत
डॉ. चौधरी नूंह पंचायत भवन में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार और कृषक समाज किसानों को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज उपलब्ध कराने, उनकी फसलों का उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने और समग्र रूप से किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
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भारतीय कृषक समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भारत सरकार की हाईपावर परचेज कमेटी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के सदस्य डॉ. कृष्णवीर चौधरी ने किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है। उन्होंने संकेत दिया है कि अगले साल से किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाकर 10,000 रुपये सालाना की जा सकती है।
किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास
डॉ. चौधरी नूंह पंचायत भवन में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार और कृषक समाज किसानों को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज उपलब्ध कराने, उनकी फसलों का उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने और समग्र रूप से किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
डॉ. इरशाद मदेपुर हुए मनोनीत
इस अवसर पर डॉ. कृष्णवीर चौधरी ने डॉ. इरशाद मदेपुर को भारतीय कृषक समाज, नूंह का नया जिलाध्यक्ष मनोनीत किया और उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा। उन्होंने नवनियुक्त जिलाध्यक्ष को निर्देश दिए कि नूंह-मेवात क्षेत्र में छोटे किसानों के समूह बनाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में काम किया जाए। साथ ही, युवाओं को कृषि से जोड़कर इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई।
इन्होंने की कार्यक्रम की अध्यक्षता
कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार मुकेश वशिष्ठ ने की। अजीत सिंह तेवतिया और चौधरी ताहिर हुसैन ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखे। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य, समाजसेवा और कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं और समाजसेवियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।