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Haryana: खेतों में नहाने गए बालक की डूबने से मौत, एक महीने में पानी में डूबकर जा चुकी छह मासूमों की जान
Mon, 21 Jul 2025 09:25 PM IST
विकास कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नगीन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नगीन
Published by: विकास कुमार
Updated Mon, 21 Jul 2025 09:25 PM IST
सार
हैदर अपने दोस्तों के साथ बरसाती पानी में नहाने के लिए गांव से बाहर जंगल में गया था। हैदर कपड़े निकाल कर बरसाती पानी में नहाने लगा तो उसके अन्य दोस्त आसपास खेलने लगे। थोड़ी ही देर में हैदर पानी में डूबने लगा तो उसके दोस्तों ने इसकी सूचना गांव में जाकर लोगों को दी।
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मृतक हैदर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरसाती मौसम में जमा हुए पानी में डूबने से बच्चों की मौत होने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले करीब एक महीने में आधा दर्जन से अधिक घटनाएं हुई हैं, जिनमें करीब आधा दर्जन बच्चों की जान जा चुकी है। ताजा मामला हरियाणा के नगीना स्थित पिनगवां थाना क्षेत्र के रीठट गांव से सामने आया है, जहां गांव से थोड़ी दूर जंगलों में बरसात के जमा हुए पानी में नहाने गए एक किशोर की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान हैदर पुत्र इश्तियाक के रूप में हुई है जिसकी उम्र करीब 13 साल बताई जा रही है।
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जानकारी के अनुसार हैदर अपने दोस्तों के साथ बरसाती पानी में नहाने के लिए गांव से बाहर जंगल में गया था। हैदर कपड़े निकाल कर बरसाती पानी में नहाने लगा तो उसके अन्य दोस्त आसपास खेलने लगे। थोड़ी ही देर में हैदर पानी में डूबने लगा तो उसके दोस्तों ने इसकी सूचना गांव में जाकर लोगों को दी। जिन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर बरसाती पानी में बच्चे को ढूंढना शुरू कर दिया, लेकिन जब तक बच्चा मिलता तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिवार के लोगों ने बिना कोई कानूनी कार्रवाई किए बच्चे को दफना दिया। करीब एक महीने में बरसात का पानी जमा होने के कारण घासेड़ा, मांडीखेड़ा, सिकरावा, रोजका मेव, रूपाहेड़ी व रीठट सहित अन्य गांव में बच्चों की मौत हो चुकी है।
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जल निकासी में नाकामयाब रहा प्रशासन
जल भराव की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक तो की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया, क्योंकि लगातार हो रहे हादसे इस बात की गवाही दे रहे है कि जल निकासी की व्यवस्था में प्रशासन विफल रहा।
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