फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Now the Army and BSF will jointly tackle air threats

Indian Army : हवाई खतरों से अब मिलकर निपटेगी सेना और बीएसएफ, संयुक्त युद्ध कौशल को मजबूत करेगी पश्चिमी कमान

Sat, 28 Jun 2025 03:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा मोहित धुपड़, गुरुग्राम
मोहित धुपड़, गुरुग्राम Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 28 Jun 2025 03:52 AM IST
सार

अब सेना की पश्चिमी कमान और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने मिलकर पश्चिमी थिएटर (सियाचिन ग्लेशियर से गुजरात तक भारत-पाक सीमा) में हवाई खतरों की चुनौतियों से निपटने का फैसला लिया है।

विज्ञापन
Now the Army and BSF will jointly tackle air threats
भारत-पाक सीमा... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ऑपरेशन सिंदूर के बाद सभी सशस्त्र बल अपनी क्षमताओं और सामरिक रणनीति को बढ़ाने के काम में जुट गए हैं। इस ऑपरेशन के बाद हवाई खतरों की नई चुनौतियां भी सामने आई हैं, क्योंकि आतंकवाद के खिलाफ इस युद्ध में हवाई क्षेत्र के जरिये ही हथियारों व मिसाइलों का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान को सबक सिखाया गया।

विज्ञापन


इसी के मद्देनजर अब सेना की पश्चिमी कमान और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने मिलकर पश्चिमी थिएटर (सियाचिन ग्लेशियर से गुजरात तक भारत-पाक सीमा) में हवाई खतरों की चुनौतियों से निपटने का फैसला लिया है। इस संदर्भ में पिछले दिनों पश्चिमी कमान के सेना कमांडर और बीएसएफ के एडीजी के बीच विस्तृत चर्चा भी हो चुकी है।
विज्ञापन

सेना और बीएसएफ के वरिष्ठ नेतृत्व ने ऑपरेशन सिंदूर के परिणामों और सैन्य कार्रवाई की समीक्षा करते हुए बढ़ते हवाई खतरों के मद्देनजर स्तरित हवाई क्षेत्र रक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए विशेष रूप से छोटे मानव रहित हवाई प्रणालियों से निगरानी और काउंटर-ड्रोन क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पश्चिमी थिएटर में सीमा प्रबंधन को पुख्ता किया जाए, इसके लिए सेना और बीएसएफ अपने ऑपरेशन तालमेल को बढ़ाते हुए संयुक्त रूप से अपने युद्ध कौशल को निखारेगी। सीमाओं पर दोनों बलों के जवानों व अफसरों को क्या चुनौतियां पेश आ रही हैं और इनसे कैसे निपटा जाए, इस पर भी काम होगा। दोनों के बीच रियल-टाइम इंफॉर्मेशन साझा करना, समन्वय बनाए रखना और इमरजेंसी के दौरान तुरंत निर्णय लेने की क्षमताओं को और विकसित किया जाएगा।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह भी स्पष्ट हो गया है कि सेना और बीएसएफ को सीमाओं की आकस्मिकताओं से निपटने के लिए हर वक्त तैयार रहना होगा। इसी के चलते दोनों अब समन्वित रक्षात्मक लड़ाई लड़ने के लिए ड्रोन, सी-यूएवी, निगरानी और संचार जैसे तालमेल के नए क्षेत्रों में आगे बढ़ेंगे। इसके लिए दोनों बलों के बीच प्रशिक्षण के दायरे, उपकरण साझाकरण और उपकरणों की प्रोफाइल में सामंजस्य को बढ़ाना होगा।


सेना और बीएसएफ ने फैसला लिया है कि दोनों बल अब सीमाओं पर संयुक्त सुरक्षा बल संस्कृति को विकसित करते हुए निरंतर सहयोग और संयुक्तता की भावना को बढ़ाएंगे, ताकि दोनों बलों के सहयोग से आधुनिक और उभरते हवाई खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।



 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed