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मुस्लिम धर्मगुरु बोले- हिंसा से नहीं, शांतिपूर्वक करें सीएए और एनआरसी का विरोध

Sat, 21 Dec 2019 11:06 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhishek Singh Updated Sat, 21 Dec 2019 11:06 PM IST
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Not with violence, peacefully oppose CAA and NRC says Muslim religious leaders

नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में दिल्ली समेत अन्य शहरों में हो रहे हिंसक प्रदर्शन पर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। धर्मगुरुओं का कहना है कि सीएए व एनआरसी देश को बांटने वाला कानून है। सरकार को इस पर दोबारा गौर करना चाहिए। हिंसा करने से मुल्क की बदनामी होती है। प्रदर्शन के दौरान हुई कई लोगों की मौत के बाद धर्मगुरुओं ने प्रशासन से भी अपील की है कि वह प्रदर्शनकारियों संग नरमी से पेश आएं। सरकार बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों के लिए काम करे।

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फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मौलाना मुफ्ती मुकर्रम ने कहा कि आजादी के बाद से ही हिंदू और मुसलमान भाईयों की तरह रहते आए हैं। मौजूदा सरकार ने जो नागरिकता संशोधन कानून बनाया है वह भारत के खिलाफ है। इससे देश का भाईचारा खतरे में पड़ सकता है। सभी धर्म के लोग एक साथ मिलकर रहेंगे तभी देश तरक्की करेगा। 
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मुफ्ती मुकर्रम ने कहा कि इस्लाम में हिंसा की कोई जगह नहीं है। शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन करना जनता का लोकतांत्रिक अधिकार है। वहीं जमात-इस्लामी-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद सादातुल्लाह हुसैनी ने कहा है कि धरने प्रदर्शन के दौरान किसी भी हिंसा की जमात-ए- इस्लामी निंदा करती है। इससे पूर्व दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने भी लोगों से अपील करते हुए कहा था कि वह संयम से काम लें और अपनी भावनाओं पर नियंत्रण में रखें।  

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