छोटे ने बड़े भाई को फावड़े से काट डाला: खेत में सो रहे भोले शंकर का खून से सना शव मिला, ऐसे जानी दुश्मन बने दो
बेटे ने बताया कि वह अपने पिता की रोजाना देखभाल करते थे। पिता की मृत्यु से पहले रविवार रात उन्होंने आखिरी बार अपने हाथों से पिता को खाना खिलाकर लौटे थे। लेकिन अगली सुबह जब वह पिता को चाय देने के लिए गए, तो उनको अपने पिता का शव खून से लथपथ मिला।
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ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र में दो भाइयों के आपसी विवाद में रिश्तों का कत्ल हो गया। नीमका गांव में रविवार देर रात आरोप है कि छोटे भाई ने अपने बड़े भाई की बहुत ही बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। सूचना मिलने पर सुबह करीब 9 बजे मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान भोले शंकर (52) के रूप में हुई है, जबकि आरोपी की पहचान देवेंद्र उर्फ देवू के रूप में हुई है। एडीसीपी ग्रेटर नोएडा अभय कुमार मिश्र ने बताया कि पुलिस ने मृतक के पुत्र योगेंद्र उर्फ लक्की की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है। खबर लिखे जाने तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
भोले शंकर खेतों में गुजारते थे रात
परिजन ने पुलिस को बताया कि भोले शंकर अपने बेटा, बेटी और अपनी माता के साथ नीमका गांव में रहते थे। वह खेती किसानी का काम करते थे। उन्होंने हाल ही में रोड़ी, बदरपुर और सीमेंट का नया काम शुरू किया था। पुलिस चौकी से महज कुछ ही दूरी पर उनकी खेत में धर्म कांटा का निर्माण कार्य चल रहा था, जिस कारण भोले शंकर सारी रात खेतों में ही गुजारते थे और रखवाली करते थे। वारदात वाले दिन वह खेतों में ही खाना खाकर रोजाना की तरह गहरी नींद में सो गए थे। आरोप है कि तभी देर रात उनके छोटे भाई ने उनका फावड़ा से गला काट दिया।
मौके पर मिला खून से सना फावड़ा
तहरीर के मुताबिक, वारदात के अगले दिन सोमवार सुबह करीब 6 बजे जब उनके पुत्र योगेंद्र अपने पिता के लिए चाय लेकर खेतों में ट्यूबवेल के नजदीक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने देखा कि उनके पिता का शव खून से लथपथ निर्माणाधीन धर्म-कांटे के फर्श पर पड़ा है। पास में ही खून से सना फावड़ा पड़ा हुआ है। यह मंजर देखकर योगेंद्र के पैरों तले जमीन खिसक गई।
सीसीटीवी कैमरे से हुई आरोपी की पहचान
योगेंद्र ने पुलिस को बताया कि पिता के शव को लहूलुहान देखकर उसने अपने पिता के हत्यारों की जानकारी हासिल करने की कोशिश की। छानबीन करने पर घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर लगे सीसीटीवी कैमरे की जब उन्होंने जांच की, तो मालूम हुआ कि उनके पिता को उनके ही आरोपी चाचा ने बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।
रात में पिता को खाना खिलाया, सुबह पिता का शव मिला
योगेंद्र ने बताया कि वह अपने पिता की रोजाना देखभाल करते थे। पिता की मृत्यु से पहले रविवार रात उन्होंने आखिरी बार अपने हाथों से पिता को खाना खिलाकर लौटे थे। लेकिन अगली सुबह जब वह पिता को चाय देने के लिए गए, तो उनको अपने पिता का शव खून से लथपथ मिला।
अपने भाई को गाली देते हुआ जा रहा था आरोपी
पुलिस को दी तहरीर में योगेंद्र ने बताया कि जब वह अपने पिता को रात में खाना खिलाकर लौट रहे थे। तभी बाजौता राजवाह के पुल पर गांव की ओर से उनका आरोपी चाचा देवेंद्र लौट रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि रात करीब 10:45 बजे आरोपी अपने बड़े भाई को गाली देते हुए जा रहा था।
बहुत लंबे समय से चल रहा था विवाद, पुलिस ने पहले भी सुलझाया था मामला
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी देवेंद्र और मृतक भोले शंकर का पहले भी परिवार में आपसी विवाद हुआ था। कई बार पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनके झगड़े का निपटारा भी किया। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी देवेंद्र कई बार नशीले पदार्थों का सेवन करता है। आरोपी का अपने बड़े भाई के साथ पहले भी कई बार कहासुनी हो चुकी थी। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि यह विवाद आखिर में दो भाइयों के जान का दुश्मन बन जाएगा।