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यीडा की रेटिंग औसत, बॉन्ड आने में लगेगा और समय

Sun, 18 Apr 2021 11:49 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 18 Apr 2021 11:49 PM IST
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Yida rating average, bonds will take time
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण ‘इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड’ के लिए अधिक इंतजार करना पड़ सकता है। क्रेडिट रेटिंग तय करने वाली एजेंसी ने उम्मीद के मुताबिक रेटिंग नहीं दी है। यीडा को 3बी की रेटिंग दी है, जो औसत रेटिंग है। पुरानी बैलेंस शीट में नकद लेनदेन अधिक होने के कारण यह दिक्कत हुई है। अब नई बैलेंस शीट पर संस्था फिर से रेटिंग तय करेगी।
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दरअसल, यमुना प्राधिकरण अपना बॉन्ड लाने की तैयारी कर रहा है। बॉन्ड का रेट प्राधिकरण की रेटिंग से तय होना है। क्रेडिट रेटिंग तय करने के लिए प्राधिकरण ने बीते साल अक्तूबर में विदेशी कंपनी ब्रिक वर्क इंडिया प्रालि को जिम्मेदारी दी थी। संस्था ने रेटिंग तय कर दी। यीडा को 3बी रेटिंग दी है, जबकि 3ए रेटिंग सबसे अच्छी होती है। उसके बाद 2ए और उसके बाद 3बी आदि की रेटिंग आती है। प्राधिकरण में कामकाज के माहौल और वित्तीय लेनदेन से ये रेटिंग तय की जाती है। यीडा के 2019-20 के बैलेंस शीट के आधार पर संस्था ने रेटिंग का सर्वे किया। उस बैलेंस शीट में नकद लेनदेन अधिक था, जिसे अच्छा नहीं माना जाता। इस वजह से औसत रेटिंग मिली है। हालांकि प्राधिकरण ने उसके बाद कई सुधार किए। 2020-21 की बैलेंस शीट और बेहतर हुई है। इस कारण यीडा फिर से उसी संस्था से रेटिंग कराएगा। इस बैलेंस शीट से बेहतर रेटिंग की उम्मीद है। रेटिंग आने के बाद यीडा बॉन्ड जारी करेगा। एसबीआई कैपिटल उसके लिए बॉन्ड तैयार कर लेगा। इस रेटिंग से यीडा को आईएसओ का प्रमाणपत्र मिल सकेगा। अच्छी रेटिंग होने से बॉन्ड का अधिक रेट भी तय होगा। यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि 2020-21 की बैलेंस शीट पर फिर से क्रेडिट रेटिंग कराई जाएगी। प्राधिकरण को और बेहतर रेटिंग की उम्मीद है।
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प्रोजेक्टों के लिए 60 हजार करोड़ की दरकार
यमुना प्राधिकरण कई बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिनमें नोएडा एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, लॉजिस्टिक पार्क, परी चौक से जेवर तक मेट्रो, टॉय सिटी, अपैरल पार्क, एमएसएमई क्लस्टर, हैंडीक्राफ्ट पार्क आदि परियोजनाएं शामिल हैं। इसके लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की जरूरत है। इन कार्यों में पैसे भी अधिक खर्च होंगे। इन परियोजनाओं की कुल कीमत 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक की है। प्राधिकरण पर अब भी करीब 1500 करोड़ रुपये का कर्ज भी है। प्राधिकरण बैंकों से और लोन लेने के बजाय बॉन्ड के जरिये फंड का इंतजाम करना चाह रहा है। निवेशक उस बॉन्ड को खरीदेंगे, जिससे यीडा के पास फंड आ जाएगा। यह रकम यमुना प्राधिकरण एरिया में इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने पर खर्च होगी।
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