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Noida News: इंफ्रा बांड और बैंक ऋण से कराएगा यीडा विकास
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इंफ्रा बांड और बैंक ऋण से यीडा करेगा बड़ी परियोजनाओं का विकास
- हेरिटेज सिटी, टप्पल मल्टी लाॅजिस्टिक हब, मेट्रो और कई एक्सप्रेसवे के लिए जुटानी है राशि
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण ने अपनी बड़ी परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रयास शुरू कर दिया है। प्राधिकरण ने परियोजनाओं के लिए धन जुटाने का खाका तैयार कर लिया है। इसमें 50 फीसदी राशि बैंकों से कर्ज के रूप में ली जाएगी। जबकि शेष करीब 50 फीसदी धनराशि इंफ्रा बांड के जरिए जुटाएगा। प्राधिकरण इसके लिए विशेषज्ञ सलाहकार कंपनियों से बातचीत कर रहा है।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में लॉजिस्टिक हब, मेडिकल डिवाइस पार्क, फिल्म सिटी, हेरिटेज सिटी जैसी कई बड़ी परियोजनाएं विकसित की जानी हैं। इसके लिए मोटी रकम की जरूरत है। पहले प्राधिकरण ने पूरी तरह से इंफ्रा बांड लाकर योजनाओं का विकास करने की रणनीति बनाई थी। मगर इसे देखते हुए कई बैंक आगे आ गए हैं और उन्होंने इंफ्रा बांड की तरह ही रकम मुहैया कराने का आश्वासन दिया है। अब अधिकारी दोनों संस्थाओं से मिलने वाली धनराशि की गणना करा रहे हैं कि बांड सस्ता पडे़गा या फिर बैंक से ऋण पर पैसा लेना ठीक रहेगा। हालांकि दोनों संस्थाओं से प्रस्ताव मांगे हैं और उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
यमुना प्राधिकरण बड़ी परियोजनाओं के लिए इंफ्राबांड से धन जुटाकर विकास करने की योजना बना रहा था। मगर बैंकों की ओर से भी अब सस्ती दरों पर ऋण मुहैया कराने के प्रस्ताव आए हैं। दोनों में गणना की जा रही है। अभी तक 50-50 फीसदी राशि बांड और ऋण से जुटाने की योजना है।- मोनिका रानी, एसीईओ, यमुना प्राधिकरण।
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- हेरिटेज सिटी, टप्पल मल्टी लाॅजिस्टिक हब, मेट्रो और कई एक्सप्रेसवे के लिए जुटानी है राशि
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण ने अपनी बड़ी परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रयास शुरू कर दिया है। प्राधिकरण ने परियोजनाओं के लिए धन जुटाने का खाका तैयार कर लिया है। इसमें 50 फीसदी राशि बैंकों से कर्ज के रूप में ली जाएगी। जबकि शेष करीब 50 फीसदी धनराशि इंफ्रा बांड के जरिए जुटाएगा। प्राधिकरण इसके लिए विशेषज्ञ सलाहकार कंपनियों से बातचीत कर रहा है।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में लॉजिस्टिक हब, मेडिकल डिवाइस पार्क, फिल्म सिटी, हेरिटेज सिटी जैसी कई बड़ी परियोजनाएं विकसित की जानी हैं। इसके लिए मोटी रकम की जरूरत है। पहले प्राधिकरण ने पूरी तरह से इंफ्रा बांड लाकर योजनाओं का विकास करने की रणनीति बनाई थी। मगर इसे देखते हुए कई बैंक आगे आ गए हैं और उन्होंने इंफ्रा बांड की तरह ही रकम मुहैया कराने का आश्वासन दिया है। अब अधिकारी दोनों संस्थाओं से मिलने वाली धनराशि की गणना करा रहे हैं कि बांड सस्ता पडे़गा या फिर बैंक से ऋण पर पैसा लेना ठीक रहेगा। हालांकि दोनों संस्थाओं से प्रस्ताव मांगे हैं और उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
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यमुना प्राधिकरण बड़ी परियोजनाओं के लिए इंफ्राबांड से धन जुटाकर विकास करने की योजना बना रहा था। मगर बैंकों की ओर से भी अब सस्ती दरों पर ऋण मुहैया कराने के प्रस्ताव आए हैं। दोनों में गणना की जा रही है। अभी तक 50-50 फीसदी राशि बांड और ऋण से जुटाने की योजना है।- मोनिका रानी, एसीईओ, यमुना प्राधिकरण।
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