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Noida News: यमुना ने मचाई तबाही, हजारों बीघा फसल बर्बाद
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- कई गांवों में धान और उड़द की फसल में भारी नुकसान
- चिलकाना क्षेत्र में डेढ़ सौ बीघा जमीन में कटाव होने से बह गई पाॅपुलर की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर/ नकुड़/ लखनौती/ चिलकाना। पहाड़ी व मैदानी इलाकों में हुई भारी बारिश के बाद यमुना नदी उफान पर है। हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से यमुना नदी के तटवर्ती गांवों के खेतों में पानी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हजारों बीघा जमीन पर खड़ी फसलें बर्बाद हो गई। इससे धान, गन्ना, हरा चारा, उड़द और सब्जियों की फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई हैं।
नकुड़ ब्लॉक के गांव टाबर, मंधौर, काजीबांस, नसरुल्लागढ, फतेहपुर जट्ट, बाधी, नाहर माजरा, रानीपुर, डाल्लेमाजरा, सहसपुर जट व धुंधामाजरा आदि गांवों के किसानों की हजारों बीघा फसलों में नुकसान हुआ है। तहसीलदार प्रियंक सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित फसलों का सर्वे कराया जा रहा है और कार्य पूरा होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। लखनौती क्षेत्र के सनौली, बानुखेड़ी, बल्ला मजरा, हलवाना, नाई मजरा, दौलतपुर, कुंडा कला, बेगी, सराजपुर, कुंडा खुर्द आदि गांवों में भी फसलें जलमग्न हो गई है। लगातार पानी जमा रहने से गन्ने की पैदावार भी प्रभावित होने का डर है। खेतों में दो से पांच फीट तक पानी खड़ा है।
चिलकाना क्षेत्र के गांव टोडरपुर, भूखड़ी तथा नारायणपुर के करीब 15 किसानों की जमीन यमुना की भेंट चढ़ गई है। इस पूरी जमीन में टोडरपुर, भूखड़ी तथा नारायणपुर के किसानों की गन्ना तथा पॉपुलर के पेड़ खड़े हुए थे। गांव के मोहन, विकास, विक्रम, शुभम, अजीत, सुंदर, सेठपाल, प्रेम, रमेश, जगपाल, मेहर चंद, बिजेंद्र, अजब सिंह, जतनसिंह , जयपाल, सेठपाल, नारायणपुर के अच्छे सिंह आदि की करीब 150 बीघा जमीन नदी के किनारे स्थित थी। इस पूरी जमीन में किसानों ने पॉपुलर के पेड़ लगाए हुए थे। नदी के किनारे की जमीन में कटाव होने से यह पेड़ यमुना नदी में बह गए।
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-- हथिनीकुंड से छोड़ा गया एक लाख 88 हजार क्यूसेक पानी
मिर्जापुर। हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। गेज रीडर शेर सिंह ने बताया कि मंगलवार रात के समय 12 बजे सर्वाधिक एक लाख 88 हजार क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। पानी कम तो हुआ, लेकिन एक लाख क्यूसेक से कम नहीं हो पा रहा है। इसके चलते पूर्वी एवं पश्चिमी दोनों नहरें बंद हैं। रात में यदि बारिश होती है तो पानी फिर से बढ़ने के आशंका है। हालांकि शाम को 5 बजे एक लाख 71 हजार 346 क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया।
- हथिनीकुंड बैराज से यमुना में छोड़े गए पानी का आंकड़ा
बुधवार सुबह छह बजे 168883
सात बजे 163994
आठ बजे 162789
नौ बजे 160368
दस बजे 158752
11 बजे 159353
दोपहर 12 बजे 157951
एक बजे 158552
दो बजे 161567
तीन बजे 162789
शाम चार बजे 165211
शाम पांच बजे 171346
नोट : जलस्तर क्यूसेक में है।
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- चिलकाना क्षेत्र में डेढ़ सौ बीघा जमीन में कटाव होने से बह गई पाॅपुलर की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर/ नकुड़/ लखनौती/ चिलकाना। पहाड़ी व मैदानी इलाकों में हुई भारी बारिश के बाद यमुना नदी उफान पर है। हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से यमुना नदी के तटवर्ती गांवों के खेतों में पानी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हजारों बीघा जमीन पर खड़ी फसलें बर्बाद हो गई। इससे धान, गन्ना, हरा चारा, उड़द और सब्जियों की फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई हैं।
नकुड़ ब्लॉक के गांव टाबर, मंधौर, काजीबांस, नसरुल्लागढ, फतेहपुर जट्ट, बाधी, नाहर माजरा, रानीपुर, डाल्लेमाजरा, सहसपुर जट व धुंधामाजरा आदि गांवों के किसानों की हजारों बीघा फसलों में नुकसान हुआ है। तहसीलदार प्रियंक सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित फसलों का सर्वे कराया जा रहा है और कार्य पूरा होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। लखनौती क्षेत्र के सनौली, बानुखेड़ी, बल्ला मजरा, हलवाना, नाई मजरा, दौलतपुर, कुंडा कला, बेगी, सराजपुर, कुंडा खुर्द आदि गांवों में भी फसलें जलमग्न हो गई है। लगातार पानी जमा रहने से गन्ने की पैदावार भी प्रभावित होने का डर है। खेतों में दो से पांच फीट तक पानी खड़ा है।
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चिलकाना क्षेत्र के गांव टोडरपुर, भूखड़ी तथा नारायणपुर के करीब 15 किसानों की जमीन यमुना की भेंट चढ़ गई है। इस पूरी जमीन में टोडरपुर, भूखड़ी तथा नारायणपुर के किसानों की गन्ना तथा पॉपुलर के पेड़ खड़े हुए थे। गांव के मोहन, विकास, विक्रम, शुभम, अजीत, सुंदर, सेठपाल, प्रेम, रमेश, जगपाल, मेहर चंद, बिजेंद्र, अजब सिंह, जतनसिंह , जयपाल, सेठपाल, नारायणपुर के अच्छे सिंह आदि की करीब 150 बीघा जमीन नदी के किनारे स्थित थी। इस पूरी जमीन में किसानों ने पॉपुलर के पेड़ लगाए हुए थे। नदी के किनारे की जमीन में कटाव होने से यह पेड़ यमुना नदी में बह गए।
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मिर्जापुर। हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। गेज रीडर शेर सिंह ने बताया कि मंगलवार रात के समय 12 बजे सर्वाधिक एक लाख 88 हजार क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। पानी कम तो हुआ, लेकिन एक लाख क्यूसेक से कम नहीं हो पा रहा है। इसके चलते पूर्वी एवं पश्चिमी दोनों नहरें बंद हैं। रात में यदि बारिश होती है तो पानी फिर से बढ़ने के आशंका है। हालांकि शाम को 5 बजे एक लाख 71 हजार 346 क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया।
- हथिनीकुंड बैराज से यमुना में छोड़े गए पानी का आंकड़ा
बुधवार सुबह छह बजे 168883
सात बजे 163994
आठ बजे 162789
नौ बजे 160368
दस बजे 158752
11 बजे 159353
दोपहर 12 बजे 157951
एक बजे 158552
दो बजे 161567
तीन बजे 162789
शाम चार बजे 165211
शाम पांच बजे 171346
नोट : जलस्तर क्यूसेक में है।