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Noida News: कागजों में फंसे अखाड़े, पहलवानों का इंतजार जारी
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- 2.56 करोड़ की परियोजना एक साल से अटकी, सर्फाबाद, पर्थला और सोरखा में शुरू नहीं हुआ निर्माण
आदित्य प्रताप सिंह
नोएडा। अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान तैयार करने के दावों के बीच नोएडा में प्रस्तावित कुश्ती अखाड़ों की योजना जमीनी हकीकत से दूर नजर आ रही है। नोएडा प्राधिकरण ने करीब 2.56 करोड़ रुपये की लागत से सर्फाबाद, पर्थला और सोरखा गांव में अखाड़े विकसित करने की योजना बनाई थी, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे खिलाड़ियों और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। सर्फाबाद, पर्थला और सोरखा गांव वर्षों से कुश्ती की मजबूत परंपरा के लिए जाने जाते हैं। यहां के कई पहलवान जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं। हाल ही में हुई राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में भी गौतमबुद्ध नगर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद स्थानीय अखाड़े आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं।
प्राधिकरण ने सेक्टर-73 सर्फाबाद, पर्थला और सोरखा में शेडयुक्त अखाड़े, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और अन्य खेल सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई थी। हालांकि तीनों स्थानों पर अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खाली पड़ी जमीनों पर अतिक्रमण बढ़ रहा है और कुछ स्थानों पर गंदा पानी जमा रहता है। सर्फाबाद में प्रस्तावित अखाड़े की भूमि पर लावारिस पशुओं को दफनाने की शिकायत भी सामने आ चुकी है। खिलाड़ियों का कहना है कि खेल गतिविधियों के लिए आरक्षित भूमि की यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। खेल प्रेमियों का मानना है कि यदि जल्द निर्माण शुरू नहीं हुआ तो यह महत्वाकांक्षी योजना भी अन्य अधूरी परियोजनाओं की तरह फाइलों में सिमटकर रह जाएगी।
तीनों अखाड़ों का निर्माण टेंडर प्रक्रिया में है। एजेंसी चयन के बाद निर्माण कराने के निर्देश वर्क सर्कल को दिए गए हैं। -सतीश पाल, एसीईओ नोएडा प्राधिकरण
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कोट-
अखाड़े बनने से जिले के सैकड़ों पहलवानों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधा मिलेगी। -सतपाल यादव, अध्यक्ष, गौतमबुद्ध नगर कुश्ती संघ
खिलाड़ियों को सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं, जमीन पर कोई काम दिखाई नहीं देता। -चेतन यादव, पहलवान
पर्थला का प्रस्तावित मैदान गंदे पानी के जमाव का केंद्र बन गया है। -मूले, पहलवान
प्राधिकरण ने जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू कर निर्माण कार्य आरंभ करने का आश्वासन दिया है। -सुखवीर सिंह, पहलवान
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आदित्य प्रताप सिंह
नोएडा। अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान तैयार करने के दावों के बीच नोएडा में प्रस्तावित कुश्ती अखाड़ों की योजना जमीनी हकीकत से दूर नजर आ रही है। नोएडा प्राधिकरण ने करीब 2.56 करोड़ रुपये की लागत से सर्फाबाद, पर्थला और सोरखा गांव में अखाड़े विकसित करने की योजना बनाई थी, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे खिलाड़ियों और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। सर्फाबाद, पर्थला और सोरखा गांव वर्षों से कुश्ती की मजबूत परंपरा के लिए जाने जाते हैं। यहां के कई पहलवान जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं। हाल ही में हुई राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में भी गौतमबुद्ध नगर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद स्थानीय अखाड़े आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं।
प्राधिकरण ने सेक्टर-73 सर्फाबाद, पर्थला और सोरखा में शेडयुक्त अखाड़े, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और अन्य खेल सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई थी। हालांकि तीनों स्थानों पर अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खाली पड़ी जमीनों पर अतिक्रमण बढ़ रहा है और कुछ स्थानों पर गंदा पानी जमा रहता है। सर्फाबाद में प्रस्तावित अखाड़े की भूमि पर लावारिस पशुओं को दफनाने की शिकायत भी सामने आ चुकी है। खिलाड़ियों का कहना है कि खेल गतिविधियों के लिए आरक्षित भूमि की यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। खेल प्रेमियों का मानना है कि यदि जल्द निर्माण शुरू नहीं हुआ तो यह महत्वाकांक्षी योजना भी अन्य अधूरी परियोजनाओं की तरह फाइलों में सिमटकर रह जाएगी।
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तीनों अखाड़ों का निर्माण टेंडर प्रक्रिया में है। एजेंसी चयन के बाद निर्माण कराने के निर्देश वर्क सर्कल को दिए गए हैं। -सतीश पाल, एसीईओ नोएडा प्राधिकरण
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कोट-
अखाड़े बनने से जिले के सैकड़ों पहलवानों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधा मिलेगी। -सतपाल यादव, अध्यक्ष, गौतमबुद्ध नगर कुश्ती संघ
खिलाड़ियों को सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं, जमीन पर कोई काम दिखाई नहीं देता। -चेतन यादव, पहलवान
पर्थला का प्रस्तावित मैदान गंदे पानी के जमाव का केंद्र बन गया है। -मूले, पहलवान
प्राधिकरण ने जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू कर निर्माण कार्य आरंभ करने का आश्वासन दिया है। -सुखवीर सिंह, पहलवान