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Noida News: रेडियोधर्मी पदार्थों पर कार्यशाला आयोजित
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-भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के 25 प्रतिभागियों ने परमाणु और अन्य रेडियोधर्मी पदार्थों का प्रबंधन विषय पर कार्यशाला में लिया हिस्सा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। एमिटी विश्वविद्यालय में बेंगलुरु के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज के सहयोग से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के 25 प्रतिभागियों के लिए परमाणु और अन्य रेडियोधर्मी पदार्थों का प्रबंधन विषय पर पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। जिसमें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, विभिन्न राज्यों के राज्य आपदा मोचन बल, राष्ट्रीय सीमा शुल्क, नार्काेटिक्स अकादमी और कस्टम आदि के प्रतिभागी शामिल हैं।
यूएसए के डिफेंस थ्रेट रिडक्शन एजेंसी के गॉर्डन रैंडल ने कहा कि हमारा उद्देश्य परमाणु सुरक्षा, आश्वासन और संकट प्रतिक्रिया गतिविधियों के माध्यम से एक विश्वसनीय और सुदृढ़ रणनीतिक निवारक सुनिश्चित करना है। एमिटी वाइस चांसलर डॉ. बलविंदर शुक्ला ने कहा कि चिकित्सा, कृषि और उद्योग के क्षेत्रों में परमाणु विज्ञान के उपयोग में वृद्धि होने की संभावना है। यूएसए के ओक रिज राष्ट्रीय प्रयोगशाला के वैज्ञानिक डॉ. सुनील एस चिरायत ने कहा कि आप रेडियोधर्मी पदार्थों को सेंसरों की सहायता से देख सकते हैं।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। एमिटी विश्वविद्यालय में बेंगलुरु के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज के सहयोग से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के 25 प्रतिभागियों के लिए परमाणु और अन्य रेडियोधर्मी पदार्थों का प्रबंधन विषय पर पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। जिसमें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, विभिन्न राज्यों के राज्य आपदा मोचन बल, राष्ट्रीय सीमा शुल्क, नार्काेटिक्स अकादमी और कस्टम आदि के प्रतिभागी शामिल हैं।
यूएसए के डिफेंस थ्रेट रिडक्शन एजेंसी के गॉर्डन रैंडल ने कहा कि हमारा उद्देश्य परमाणु सुरक्षा, आश्वासन और संकट प्रतिक्रिया गतिविधियों के माध्यम से एक विश्वसनीय और सुदृढ़ रणनीतिक निवारक सुनिश्चित करना है। एमिटी वाइस चांसलर डॉ. बलविंदर शुक्ला ने कहा कि चिकित्सा, कृषि और उद्योग के क्षेत्रों में परमाणु विज्ञान के उपयोग में वृद्धि होने की संभावना है। यूएसए के ओक रिज राष्ट्रीय प्रयोगशाला के वैज्ञानिक डॉ. सुनील एस चिरायत ने कहा कि आप रेडियोधर्मी पदार्थों को सेंसरों की सहायता से देख सकते हैं।
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