{"_id":"60cf98248ebc3e33583ada00","slug":"woman-injured-in-bull-attack-250-stitches-grnoida-news-noi5887717113","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांड के हमले में महिला की आंत निकली, 250 टांके लगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांड के हमले में महिला की आंत निकली, 250 टांके लगे
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा। लखनावली गांव में लावारिस सांड ने आतंक मचाया हुआ है। चार दिन पहले एक महिला पर हमला कर दिया। हमले में महिला की आंत पेट से बाहर निकल गई। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब पांच घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद आंत को अंदर किया जा सका। इलाज के दौरान करीब 250 टांके आए। परिजन और ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी प्राधिकरण लावारिस मवेशियों को नहीं पकड़ रहा है। सांड के डर से बच्चे और ग्रामीण घर से निकलने में भी डर रहे हैं।
मिथलेश शर्मा (55) परिवार के साथ लखनावली गांव में रहती हैं। उनके बेटे श्रवण शर्मा ने बताया कि गांव में कई लावारिस मवेशी घूमते रहते हैं। इनमें एक सांड आए दिन ग्रामीणों पर हमला कर रहा है। बृहस्पतिवार सुबह उनकी मां दूध लेने जा रही थीं, तभी सांड ने हमला कर दिया। कई बार उन्हें टक्कर मारी। सींग से उनका पेट फट गया और आंत बाहर निकल गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने किसी तरह सांड को भगाया। उसके बाद घायल महिला को कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद मिथलेश की हालत में कुछ सुधार बताया जा रहा है।
श्रवण ने बताया कि करीब दस दिन पहले भी सांड ने हमला किया था। तब मां बाल-बाल बच गई थीं, हालांकि तब भी पैर मुड़ने से चोट आई थी। सांड कई अन्य लोगों पर भी हमला कर चुका है। ग्रामीणों ने प्राधिकरण से कई बार लावारिस मवेशियों को गोशाला में छोड़ने की मांग की है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
मिथलेश शर्मा (55) परिवार के साथ लखनावली गांव में रहती हैं। उनके बेटे श्रवण शर्मा ने बताया कि गांव में कई लावारिस मवेशी घूमते रहते हैं। इनमें एक सांड आए दिन ग्रामीणों पर हमला कर रहा है। बृहस्पतिवार सुबह उनकी मां दूध लेने जा रही थीं, तभी सांड ने हमला कर दिया। कई बार उन्हें टक्कर मारी। सींग से उनका पेट फट गया और आंत बाहर निकल गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने किसी तरह सांड को भगाया। उसके बाद घायल महिला को कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद मिथलेश की हालत में कुछ सुधार बताया जा रहा है।
विज्ञापन
श्रवण ने बताया कि करीब दस दिन पहले भी सांड ने हमला किया था। तब मां बाल-बाल बच गई थीं, हालांकि तब भी पैर मुड़ने से चोट आई थी। सांड कई अन्य लोगों पर भी हमला कर चुका है। ग्रामीणों ने प्राधिकरण से कई बार लावारिस मवेशियों को गोशाला में छोड़ने की मांग की है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।
विज्ञापन