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11 नाबालिग बच्चों के जॉब कार्ड बना लाखों रुपये निकाले
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11 नाबालिग बच्चों के जॉब कार्ड बना लाखों रुपये निकाले
पुन्हाना। जिले में मनरेगा के कार्यों में भ्रष्टाचार चरम पर है। अब नगीना खंड के गांव उलेटा में 11 नाबालिग बच्चों के नाम पर फर्जी जॉब कार्ड बना लाखों रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। मनरेगा के तहत इन जॉब कार्डों से लाखों रुपये खाते से निकाले गए हैं। स्कूल के मुख्याध्यापक ने उन बच्चों के नाबालिग होने की पुष्टि भी की है। गांव के पूर्व सरपंच और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और सरपंच व संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, 11 नाबालिग बच्चों के नाम पर फर्जी जॉब कार्ड बना कॉपरेटिव बैंक पिनगवां से दो लाख 85 हजार 513 रुपये निकाले गए हैं। गांव उलेटा निवासी पूर्व सरपंच मुबारिक अली, अशोक कुमार और जावेद आदि ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सभी बच्चों के जॉब कार्ड 2018 और 2019 में बने थे, उस समय सभी नाबालिग थे। दो बच्चों को छोड़कर 9 बच्चे अभी भी नाबालिग हैं। आरोप है कि सभी बच्चों के खाते में 2018 से ही मनरेगा के पैसे डाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने के लिए मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। वहीं, सरपंच अलीम का कहना है कि जिन बच्चों के नाबालिग होने की बात कही जा रही है, उनके जॉब कार्ड आधार कार्ड के अनुसार बने हैं। उस समय उनकी आयु पूरी थी। सभी ने मनरेगा में कार्य किया है। मजदूरी के पैसे भी खुद निकाले हैं।
अभी मेरे पास शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
राकेश मोर, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी
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पुन्हाना। जिले में मनरेगा के कार्यों में भ्रष्टाचार चरम पर है। अब नगीना खंड के गांव उलेटा में 11 नाबालिग बच्चों के नाम पर फर्जी जॉब कार्ड बना लाखों रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। मनरेगा के तहत इन जॉब कार्डों से लाखों रुपये खाते से निकाले गए हैं। स्कूल के मुख्याध्यापक ने उन बच्चों के नाबालिग होने की पुष्टि भी की है। गांव के पूर्व सरपंच और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और सरपंच व संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, 11 नाबालिग बच्चों के नाम पर फर्जी जॉब कार्ड बना कॉपरेटिव बैंक पिनगवां से दो लाख 85 हजार 513 रुपये निकाले गए हैं। गांव उलेटा निवासी पूर्व सरपंच मुबारिक अली, अशोक कुमार और जावेद आदि ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सभी बच्चों के जॉब कार्ड 2018 और 2019 में बने थे, उस समय सभी नाबालिग थे। दो बच्चों को छोड़कर 9 बच्चे अभी भी नाबालिग हैं। आरोप है कि सभी बच्चों के खाते में 2018 से ही मनरेगा के पैसे डाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने के लिए मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। वहीं, सरपंच अलीम का कहना है कि जिन बच्चों के नाबालिग होने की बात कही जा रही है, उनके जॉब कार्ड आधार कार्ड के अनुसार बने हैं। उस समय उनकी आयु पूरी थी। सभी ने मनरेगा में कार्य किया है। मजदूरी के पैसे भी खुद निकाले हैं।
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अभी मेरे पास शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
राकेश मोर, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी