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‘कृषि कानून वापस लेना काफी नहीं, नए सिरे से पास करना जरूरी’

Sun, 21 Nov 2021 10:57 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 21 Nov 2021 10:57 PM IST
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'Withdrawal of agriculture law is not enough, it is necessary to pass it afresh'
नगीना। मेवात किसान संघर्ष समिति हरियाणा के बैनर तले कई संगठनों ने मरोड़ा गांव में बैठक की। आसपास के गांव से आए किसान भी शामिल हुए। वहीं सामाजिक संगठन गालिब मौजी खान फाउंडेशन, महिला संगठन जागो चलो के पदाधिकारियों ने ज्ञापन पत्र सौंपा। बैठक की अध्यक्षता मरोड़ा गांव के पूर्व सरपंच मोहम्मद इलियास खान ने की। मुख्य वक्ता अब्बास खान व इकबाल ठेकेदार ने बताया कि विवादित कृषि कानून वापस लेना काफी नहीं है। इन कानूनों को नए सिरे से पास करना बहुत जरूरी है। आज अन्नदाता की सबसे कमजोर स्थिति है उसकी हालत को सुधारने के लिए कानून में नए सिरे से न्यूनतम समर्थन मूल्य जोड़ना जरूरी है।
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पूर्व मोहम्मद इलियास व मजीद ने कहा कि 1 साल के लंबे संघर्ष से किसानों की जीत हुई है। सभी धरना करने वाले किसानों को हम बधाई देते हैं। जिन 750 से अधिक किसानों की अकाल मौत हुई उन शहीद किसानों के परिवारों को आर्थिक सहयोग के लिए कम से कम एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा केंद्र और राज्य सरकारें देने का काम करें। उन्होंने कहा कि भले ही सुप्रीम कोर्ट ने विवादित किसी कानूनों को निलंबित कर दिया था लेकिन प्रधानमंत्री के बयान के बाद अब नया सवाल यह है कि इन्हें दोबारा से बनाकर शीतकालीन सत्र में इसी महीने पास किया जाए ताकि देश की अलग-अलग सीमाओं पर आंदोलन करने वाले किसान अपने घरों के लिए रवाना हो जाएं।
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पूर्व ब्लाक समिति सदस्य इब्राहिम ने कहा कि आखिर प्रधानमंत्री को मानना पड़ा कि किसानों को समझाने में नाकाम रहे और 10 करोड़ से अधिक छोटे और सीमांत किसानों का भला नहीं कर पाए। उन्होंने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि माफी मांगना काफी नहीं है एक गलत कदम से देश की अर्थव्यवस्था को निचले पायदान पर पहुंच गई। अन्य किसानों ने कहा कि किसानों के गुस्से के आगे सरकार झुक गई है और कुछ देर होती तो सरकार गिर भी सकती थी। बगैर चर्चा और चेतावनी के कानून लागू करने के कितने गंभीर परिणाम होते हैं यह उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव में भुगतने पड़ेंगे। लॉकडाउन, नोटबंदी और कृषि कानून बगैर सोचे समझे लिए गए निर्णय थे, चलो देर आए दुरुस्त आए। अब उम्मीद है कि देश के किसानों का भला होगा। इस अवसर पर शेर मोहम्मद नंबरदार, शमीम, हसन व अन्य युवा किसान मौजूद रहे।
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