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Noida News: सुरक्षित हाथों में आई तो रातभर खेली और खिलखिलाई

Wed, 19 Nov 2025 02:38 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 19 Nov 2025 02:38 AM IST
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When she came into safe hands, she played and laughed all night long.
रात भर खेली, ​खिल​खिलाई एवं रोई कांटों में फेंकी गई मासूम: प्रभारी चिकित्सा अ​धिकारी द्वारा उपन
बाह। सीएचसी बाह के स्टोर रूम के पीछे झाड़ियों में सोमवार दोपहर मिली नवजात बच्ची को अस्पताल में नई जिंदगी मिल गई। सोमवार रातभर नवजात खेली, खिलखिलाई और दूध पीकर सोई। स्टाफ नर्स मीनेश एवं एएनएम आरती देखभाल के लिए जागती रहीं। उन्होंने बताया कि उसके साथ रात कब बीत गई, पता ही नहीं चला। अपनापन ऐसा था कि रोने पर जैसे ही सीने से लगाते तो चुप हो जाती। स्टाफ नर्स ने उसे स्तनपान भी कराया।
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प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुशवाह ने बताया कि आगरा के कई परिवार बच्ची को अपनाने के लिए मंगलवार को सीएचसी पहुंचे। इनमें महिला पुलिसकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी, शिक्षिकाएं एवं पूर्व सैनिकों के परिवार की महिलाएं शामिल थीं। जब उन्हें नियमों की जानकारी दी गई तो वे मायूस हो गईं। मंगलवार दोपहर जब बाह पुलिस मासूम को अपनी सुपुर्दगी में लेकर बाल कल्याण समिति आगरा ले जाने के लिए निकली तो कई महिलाएं दरोगा के सामने रो पड़ीं।
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प्रभारी निरीक्षक बाह ने बताया कि मासूम को बाल कल्याण समिति के पास ले जाया गया, वहां से शिशु कल्याण केंद्र भेज दिया गया। बच्ची की मां का पता लगाने के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए लेकिन अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
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सोमवार दोपहर सीएचसी में स्टोर रूम के पीछे नवजात के रोने की आवाज सुनकर उसे नवजात स्थिरीकरण इकाई (एनबीएसयू) में भर्ती कराया गया था। बच्ची की नाल भी नहीं कटी थी। झाड़ियों में फेंके जाने से उसके कांटे चुभ गए थे। इलाज के बाद बच्ची ठीक है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि बच्ची के ठीक होने पर ही उसे पुलिस के माध्यम से शिशु कल्याण केंद्र भेज दिया गया।




प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि बच्ची के परिजन की तलाश की जा रही है। इसके लिए क्षेत्र के गांवों में काम करने वाली सभी आशा कार्यकर्ताओं से गर्भवती महिलाओं के प्रसव की रिपोर्ट मांगी गई है, जिससे नवजात को झाड़ियों में फेंकने वालों को चिह्नित किया जा सके।
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