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अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ : मौसम पूर्वानुमान की मिलेगी सटीक जानकारी, अमेरिका और जापान की करेंगे बराबरी
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मौसम पूर्वानुमान की मिलेगी सटीक जानकारी, अमेरिका और जापान की करेंगे बराबरी
- सेक्टर-62 स्थित राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र में दिसंबर तक लगेगा नया सुपर कंप्यूटर
- नोएडा पहुंचे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की घोषणा, पीएम मोदी रखेंगे नाम
नंबर
- 900 करोड़ रुपये की आएगी लागत
- 3 गुणा ज्यादा क्षमता का होगा नया सुपर कंप्यूटर
एक नजर
18 पेटा फ्लॉप होगी क्षमता
6.8 पेटा फ्लॉप क्षमता है मौजूदा सुपर कंप्यूटर मिहिर की
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-62 स्थित राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र (एनसीएमआरडब्ल्यूएफ) में करीब 900 करोड़ रुपये की लागत से नया सुपर कंप्यूटर स्थापित किया जाएगा। बुधवार को नोएडा पहुंचे केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू ने इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि केंद्र में दिसंबर तक स्थापित किए जाने वाले नए सुपर कंप्यूटर के नाम की घोषणा प्रधानमंत्री करेेंगे। नए सुपर कंप्यूटर लगने के बाद मौसम पूर्वानुमान के क्षेत्र में भारत चीन को पीछे छोड़ते हुए अमेरिका, ब्रिटेन और जापान जैसे विकसित देशों की कतार में शामिल हो जाएगा।
अहम है कि भारत के अलावा बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, भूटान और नेपाल (बिम्सटेक) देशों के मौसम पूर्वानुमान के लिए एनसीएमआरडब्ल्यूएफ में वर्ष 2014 में अलग केंद्र बनाया गया था। नए सुपर कंप्यूटर से बिम्सटेक देशों को मौसम पूर्वानुमान की सटीक जानकारी मिल सकेगी। संस्थान में अभी 6.8 पेटा फ्लाॅप क्षमता का सुपर कंप्यूटर मिहिर स्थापित है। जबकि स्थापित किए जाने वाले सुपर कंप्यूटर की क्षमता 18 पेटा फ्लॉप होगी।
फिलहाल केंद्र में तैनात वैज्ञानिक रोजाना बिम्सटेक देशों को सात से 10 दिनों के मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हैं। इसमें तापमान, वर्षा और नमी से जुड़ी अहम सूचनाएं शामिल होती हैं। पूर्वानुमान की विस्तृत जानकारी रोजाना वेबसाइट पर अपलोड की जाती हैं। हालांकि, कई बार यह जानकारी सटीक साबित नहीं हुई है। जिसे बेहतर बनाने के लिए नए सुपर कंप्यूटर को लगाने की कवायद की जा रही है। वहीं पूर्वानुमान केंद्र पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने संस्थान के मौसम वैज्ञानिकों संग चर्चा की साथ ही सुपर कंप्यूटर की कार्यक्षमता से जुड़ी जानकारी हासिल की। इस अवसर पर केंद्र प्रभारी डॉ. वीएस प्रसाद समेत अन्य मौजूद रहे।
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हिमपात और चक्रवात जैसी आपदाओं का पूर्वानुमान एक सप्ताह पहले
नए सुपर कंप्यूटर से हिमपात, चक्रवात जैसी तमाम प्राकृतिक आपदाओं का पूर्वानुमान एक सप्ताह पहले मिल जाएगा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक नए सुपर कंप्यूटर में सामान्य कंप्यूटरों की तुलना में काफी उच्च स्तरीय गणना की क्षमता होती है। सामान्य कंप्यूटर प्रति सेकंड 10 लाख निर्देशों की प्रोसेसिंग कर सकता है, वहीं सुपर कंप्यूटर की कार्यक्षमता रलोटिंग प्वाइंट आपरेशन प्रति सेकेंड से मापी जाती है। रलोटिंग प्वाइंट काफी लंबी संख्या का संकेतीकरण है। क्वांटम यांत्रिकी, मौसम पूर्वानुमान, जलवायु पर अनुसंधान, तेल तथा प्राकृतिक गैस अन्वेषण, विमान तथा अंतरिक्ष यान के लिए वायु गति विज्ञान, परमाणु हथियारों के विस्फोट एवं विलय जैसे कार्यों में सुपर कंप्यूटर का प्रयोग होता है।
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मौसम पूर्वानुमान की मिलेगी सटीक जानकारी, अमेरिका और जापान की करेंगे बराबरी
- सेक्टर-62 स्थित राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र में दिसंबर तक लगेगा नया सुपर कंप्यूटर
- नोएडा पहुंचे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की घोषणा, पीएम मोदी रखेंगे नाम
नंबर
- 900 करोड़ रुपये की आएगी लागत
- 3 गुणा ज्यादा क्षमता का होगा नया सुपर कंप्यूटर
एक नजर
18 पेटा फ्लॉप होगी क्षमता
6.8 पेटा फ्लॉप क्षमता है मौजूदा सुपर कंप्यूटर मिहिर की
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-62 स्थित राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र (एनसीएमआरडब्ल्यूएफ) में करीब 900 करोड़ रुपये की लागत से नया सुपर कंप्यूटर स्थापित किया जाएगा। बुधवार को नोएडा पहुंचे केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू ने इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि केंद्र में दिसंबर तक स्थापित किए जाने वाले नए सुपर कंप्यूटर के नाम की घोषणा प्रधानमंत्री करेेंगे। नए सुपर कंप्यूटर लगने के बाद मौसम पूर्वानुमान के क्षेत्र में भारत चीन को पीछे छोड़ते हुए अमेरिका, ब्रिटेन और जापान जैसे विकसित देशों की कतार में शामिल हो जाएगा।
अहम है कि भारत के अलावा बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, भूटान और नेपाल (बिम्सटेक) देशों के मौसम पूर्वानुमान के लिए एनसीएमआरडब्ल्यूएफ में वर्ष 2014 में अलग केंद्र बनाया गया था। नए सुपर कंप्यूटर से बिम्सटेक देशों को मौसम पूर्वानुमान की सटीक जानकारी मिल सकेगी। संस्थान में अभी 6.8 पेटा फ्लाॅप क्षमता का सुपर कंप्यूटर मिहिर स्थापित है। जबकि स्थापित किए जाने वाले सुपर कंप्यूटर की क्षमता 18 पेटा फ्लॉप होगी।
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फिलहाल केंद्र में तैनात वैज्ञानिक रोजाना बिम्सटेक देशों को सात से 10 दिनों के मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हैं। इसमें तापमान, वर्षा और नमी से जुड़ी अहम सूचनाएं शामिल होती हैं। पूर्वानुमान की विस्तृत जानकारी रोजाना वेबसाइट पर अपलोड की जाती हैं। हालांकि, कई बार यह जानकारी सटीक साबित नहीं हुई है। जिसे बेहतर बनाने के लिए नए सुपर कंप्यूटर को लगाने की कवायद की जा रही है। वहीं पूर्वानुमान केंद्र पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने संस्थान के मौसम वैज्ञानिकों संग चर्चा की साथ ही सुपर कंप्यूटर की कार्यक्षमता से जुड़ी जानकारी हासिल की। इस अवसर पर केंद्र प्रभारी डॉ. वीएस प्रसाद समेत अन्य मौजूद रहे।
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हिमपात और चक्रवात जैसी आपदाओं का पूर्वानुमान एक सप्ताह पहले
नए सुपर कंप्यूटर से हिमपात, चक्रवात जैसी तमाम प्राकृतिक आपदाओं का पूर्वानुमान एक सप्ताह पहले मिल जाएगा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक नए सुपर कंप्यूटर में सामान्य कंप्यूटरों की तुलना में काफी उच्च स्तरीय गणना की क्षमता होती है। सामान्य कंप्यूटर प्रति सेकंड 10 लाख निर्देशों की प्रोसेसिंग कर सकता है, वहीं सुपर कंप्यूटर की कार्यक्षमता रलोटिंग प्वाइंट आपरेशन प्रति सेकेंड से मापी जाती है। रलोटिंग प्वाइंट काफी लंबी संख्या का संकेतीकरण है। क्वांटम यांत्रिकी, मौसम पूर्वानुमान, जलवायु पर अनुसंधान, तेल तथा प्राकृतिक गैस अन्वेषण, विमान तथा अंतरिक्ष यान के लिए वायु गति विज्ञान, परमाणु हथियारों के विस्फोट एवं विलय जैसे कार्यों में सुपर कंप्यूटर का प्रयोग होता है।