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जलभराव से किसानों की फसल बरबाद
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नूंह। इंडरी खंड के कई गांवों में जलभराव के कारण सैकड़ों एकड़ भूमि पर खड़ी फसल नष्ट हो गई है। इन गांवों में किरा, गांगोली व दूबालू सहित अन्य गांव शामिल है। बीते दिनों हुई बरसात से किसानों की खरीफ की उक्त फसलों में नुकसान होने से किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। इसी कारण किसानों को चारे की कमी का डर भी सता रहा है। पशुपालकों का कहना है खरीफ की फसल नष्ट होने से वह पशुधन को क्या खिलाएंगे।
किरा निवासी किसान समय सिंह, बलदेव, सुरेंद सिंह व सुशील छपेड़ा ने बताया कि उनके गांवों बीते कई सालों से पलवल जिले से आने वाले पानी के कारण फसलों में जलभराव होता है। इस साल सरकार व प्रशासन ने दुबालू माइनर को पानी की निकासी के लिए बनाया था। अभी तक माइनर से खेतों के पानी की निकासी नहीं हो रही है। जिससे किरा गांव के साथ अन्य गांवों में सैकड़ों एकड़ में पानी भरा हुआ है। इससे
खेतों में उनकी तिलहन व धान की फसल डूब गई हैं।
किसानों ने की गिरदावरी कराने की मांग
इस क्षेत्र में किसान कई साल से बरसात अधिक होने के कारण फसलों में जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में किसानों ने सरकार व प्रशासन से मांग की उनकी यहां पर विशेष रूप से गिरदावरी कराई जाए। बार बार व सरकार से मांग करते हैं लेकिन सरकार की और से कोई कदम नहीं उठाया जाता है जिससे उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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माइनर की खुदाई का नहीं मिला लाभ
हर साल बरसात से होने वाले जलभराव से पानी की इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए दुबालू माइनर को नीचा खोदा जा रहा है। लेकिन माइनर की खुदाई के कार्य को अभी तक पूरा नहीं किया गया है। किसानों ने धान की कुछ दिनों पूर्व बिजाई की थी लेकिन अब अधिक पानी से किसान अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। दूसरी और माइनर के माध्यम से नूंह ड्रेन में अधिक पानी को नहीं डाला गया है। इससे किसानों के खेतों में जलभराव हो रहा है।
जिले में खरीफ की फसल का आंकड़ा
इस बार खरीफ की फसल का कुल 38000 हेक्टेयर की बिजाई हुई है। इसमें धान 2000 हेक्टेयर, कपास 4510, बाजरा 19500, ज्वार 11500, तिलहन 60 व दलहन 450, डेंचा 1565 हेक्टेयर के अलावा अन्य एरिया में फसल की बिजाई की गई है।
किसानों की फसलों के नुकसान के बारे में जानकारी ली जाएगी। किसान इस समस्या के बारे में बीमा कंपनी को अवगत कराए। ताकि समय रहते उचित कदम उठाया जाए।
- डॉ. अजीत सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग
00
किसानों की इस बारे में अभी कोई शिकायत नहीं मिली है अगर शिकायत मिलती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी। वैसे दूबालू माइनर की खुदाई का कार्य चल रहा है। जल्द ही दुबालू माइनर के माध्यम से अधिक पानी को निकाला जाएगा।
- अजय कुमार, उपायुक्त
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किरा निवासी किसान समय सिंह, बलदेव, सुरेंद सिंह व सुशील छपेड़ा ने बताया कि उनके गांवों बीते कई सालों से पलवल जिले से आने वाले पानी के कारण फसलों में जलभराव होता है। इस साल सरकार व प्रशासन ने दुबालू माइनर को पानी की निकासी के लिए बनाया था। अभी तक माइनर से खेतों के पानी की निकासी नहीं हो रही है। जिससे किरा गांव के साथ अन्य गांवों में सैकड़ों एकड़ में पानी भरा हुआ है। इससे
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खेतों में उनकी तिलहन व धान की फसल डूब गई हैं।
किसानों ने की गिरदावरी कराने की मांग
इस क्षेत्र में किसान कई साल से बरसात अधिक होने के कारण फसलों में जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में किसानों ने सरकार व प्रशासन से मांग की उनकी यहां पर विशेष रूप से गिरदावरी कराई जाए। बार बार व सरकार से मांग करते हैं लेकिन सरकार की और से कोई कदम नहीं उठाया जाता है जिससे उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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माइनर की खुदाई का नहीं मिला लाभ
हर साल बरसात से होने वाले जलभराव से पानी की इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए दुबालू माइनर को नीचा खोदा जा रहा है। लेकिन माइनर की खुदाई के कार्य को अभी तक पूरा नहीं किया गया है। किसानों ने धान की कुछ दिनों पूर्व बिजाई की थी लेकिन अब अधिक पानी से किसान अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। दूसरी और माइनर के माध्यम से नूंह ड्रेन में अधिक पानी को नहीं डाला गया है। इससे किसानों के खेतों में जलभराव हो रहा है।
जिले में खरीफ की फसल का आंकड़ा
इस बार खरीफ की फसल का कुल 38000 हेक्टेयर की बिजाई हुई है। इसमें धान 2000 हेक्टेयर, कपास 4510, बाजरा 19500, ज्वार 11500, तिलहन 60 व दलहन 450, डेंचा 1565 हेक्टेयर के अलावा अन्य एरिया में फसल की बिजाई की गई है।
किसानों की फसलों के नुकसान के बारे में जानकारी ली जाएगी। किसान इस समस्या के बारे में बीमा कंपनी को अवगत कराए। ताकि समय रहते उचित कदम उठाया जाए।
- डॉ. अजीत सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग
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किसानों की इस बारे में अभी कोई शिकायत नहीं मिली है अगर शिकायत मिलती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी। वैसे दूबालू माइनर की खुदाई का कार्य चल रहा है। जल्द ही दुबालू माइनर के माध्यम से अधिक पानी को निकाला जाएगा।
- अजय कुमार, उपायुक्त