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चार साल पहले बिछाई गई पाइप लाइन में नहीं आया पानी
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नूंह। प्रदेश और केंद्र सरकार भले ही जल जीवन मिशन के तहत हर घर को नल से जल दिए जाने की योजना से गांव-गांव में शुद्ध पानी उपलब्ध कराने का बात करती हो, लेकिन सरकार के करोड़ों रुपये के ड्रीम प्रोजेक्ट को संबंधित अधिकारी बट्टा लगाने का काम कर रहे हैं। पुन्हाना उपमंडल के गांव बिछौर के मेन बाजार में पिछले 15 वर्षों से पानी नहीं आ रहा है। इलाके में गर्मी का प्रकोप भी लगातार बढ़ता ही जा रहा है। गर्मी के के कारण घरों में अब पानी की खपत भी अधिक मात्रा में होने लगी है। ग्रामीणों ने कई बार विभाग के अधिकारियों को पानी की समस्या से अवगत कराया है। लेकिन अधिकारी ग्रामीणों की एक बात सुनने को तैयार नहीं है।
ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है। ग्रामीण ओम प्रकाश शर्मा, महेंद्र जैन, शिखर जैन, रोहित जैन, बबलू गोयल, सविता, बंसीलाल सहित अन्य लोगों ने बताया कि वह पिछले 15 सालों से पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। पूरे गांव में जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा करीब 4 वर्ष पहले पानी की पाइप लाइन डाली गई थी, लेकिन उन पाइप लाइनों में अभी तक एक बूंद पानी नहीं आया है। उन्होंने बताया की पानी को लेकर पिछले कई वर्षों से विभाग के अधिकारियों से शिकायत करते आ रहे हैं लेकिन अधिकारियों से सिर्फ झूठा आश्वासन मिला।
घरों में कुंडे बनवाए
पानी की किल्लत के कारण लोगों ने अपने घरों में कुंडे बनवाए हुए हैं, जिसमें ग्रामीण 1000 से 1200 में टैंकर मंगाकर पीने के पानी का जमा करते हैं और उसी पानी को पीते हैं। लेकिन गांव में गरीब आबादी भी है। जिनके बजट में टैंकर मंगवाना नहीं है वह करीब 2 किलोमीटर दूर से पानी लाते हैं। ग्रामीणों ने कहा प्रदेश व केंद्र सरकार सबका साथ सबका विकास का नारा देती है लेकिन धरातल पर असलियत कुछ और है। अब तो विभाग के अधिकारी भी यह कहने लगे हैं कि कहीं भी शिकायत करो कुछ नहीं होने वाला। ऐसे में परेशान ग्रामीणों ने कहा कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह रोड पर उतरकर रोष प्रकट करेंगे। वहीं जब इस बारे में विभाग के एसडीओ, जेई व कार्यकारी अभियंता से संपर्क किया तो उन्होंने फ़ोन नहीं उठाया। वहीं पुन्हाना एसडीएम मनीषा शर्मा का कहना है कि मामला संज्ञान में है। जल्द ही विभाग के अधिकारियों से बात कर गांव में पानी की समस्या का समाधान किया दिया जाएगा।
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ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है। ग्रामीण ओम प्रकाश शर्मा, महेंद्र जैन, शिखर जैन, रोहित जैन, बबलू गोयल, सविता, बंसीलाल सहित अन्य लोगों ने बताया कि वह पिछले 15 सालों से पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। पूरे गांव में जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा करीब 4 वर्ष पहले पानी की पाइप लाइन डाली गई थी, लेकिन उन पाइप लाइनों में अभी तक एक बूंद पानी नहीं आया है। उन्होंने बताया की पानी को लेकर पिछले कई वर्षों से विभाग के अधिकारियों से शिकायत करते आ रहे हैं लेकिन अधिकारियों से सिर्फ झूठा आश्वासन मिला।
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घरों में कुंडे बनवाए
पानी की किल्लत के कारण लोगों ने अपने घरों में कुंडे बनवाए हुए हैं, जिसमें ग्रामीण 1000 से 1200 में टैंकर मंगाकर पीने के पानी का जमा करते हैं और उसी पानी को पीते हैं। लेकिन गांव में गरीब आबादी भी है। जिनके बजट में टैंकर मंगवाना नहीं है वह करीब 2 किलोमीटर दूर से पानी लाते हैं। ग्रामीणों ने कहा प्रदेश व केंद्र सरकार सबका साथ सबका विकास का नारा देती है लेकिन धरातल पर असलियत कुछ और है। अब तो विभाग के अधिकारी भी यह कहने लगे हैं कि कहीं भी शिकायत करो कुछ नहीं होने वाला। ऐसे में परेशान ग्रामीणों ने कहा कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह रोड पर उतरकर रोष प्रकट करेंगे। वहीं जब इस बारे में विभाग के एसडीओ, जेई व कार्यकारी अभियंता से संपर्क किया तो उन्होंने फ़ोन नहीं उठाया। वहीं पुन्हाना एसडीएम मनीषा शर्मा का कहना है कि मामला संज्ञान में है। जल्द ही विभाग के अधिकारियों से बात कर गांव में पानी की समस्या का समाधान किया दिया जाएगा।
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