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Noida News: फर्जी लाइसेंस बनाकर रेस्तरां में चला रहा था बार, मैनेजर समेत चार गिरफ्तार
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- सेक्टर-132 के रेस्तरां से लाइसेंस की फर्जी कॉपी, शराब आदि बरामद
माइ सिटी रिपोर्टर
नोएडा। फर्जी लाइसेंस बनवाकर सेक्टर-132 के रेस्तरां में बार चलाने का खुलासा हुआ है। पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने शनिवार रात रेस्तरां से मैनेजर आलोक झा समेत बार कर्मचारी धर्मवीर कुमार, दिल्ली निवासी सोनू और मणिपुर निवासी थांगलेनहाऊ चोंगलोई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मौके से फर्जी लाइसेंस, बीयर की 51 बोतलें और शराब की चार बोतल बरामद की हैं। बरामद फर्जी लाइसेंस असली लाइसेंस की हूबहू कॉपी थी। पुलिस इसमें शामिल अन्य आरोपियों का पता लगा रही है।
आबकारी विभाग की टीम व कोतवाली सेक्टर-126 पुलिस की टीम ने शनिवार रात को सेक्टर-132 स्थित बुरांश रेस्तरां में दबिश दी। मौके पर शराब परोसी जा रही है। रेस्तरां में बने बार में कई लोग शराब पी रहे थे। पूछताछ में धर्मवीर कुमार नामक कर्मचारी ने बार लाइसेंस की प्रति दिखाई। जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय से लाइसेंस के प्रति की जांच कराई गई। जिसमें विभाग की तरफ से ऐसा लाइसेंस जारी नहीं होने की बात सामने आई। उस पर लाइसेंसधारी का नाम प्रणव निवासी सेक्टर-39 अंकित था। पूछताछ में धर्मवीर ने बताया कि रेस्तरां मैनेजर आलोक झा के कहने पर ही बार लाइसेंस के लिए आवेदन किया जाता है। कई बार पैसे बचाने के लिए वह लाइसेंस में छेड़छाड़ कर बगैर फीस जमा किए फर्जी लाइसेंस बनाता है। आबाकारी विभाग ने बरामद शराब व बीयर के सैंपल लिए हैं। जांच में पता चला है कि बार में तीन गुना कीमत पर शराब बेची जा रही थी। मामले में आबकारी अधिनियम समेत कुल चार धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। नोएडा जोन के अपर पुलिस उपायुक्त मनीष मिश्र ने कहा कि इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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फर्जी लाइसेंस का पहला मामला
शहर में कई रेस्तरां में दबिश देकर बगैर लाइसेंस के शराब परोसे जाने के कई मामले सामने आए हैं। आबकारी व पुलिस की टीम लगातार कार्रवाई करती है लेकिन फर्जी लाइसेंस तैयार कर बार चलाने का यह पहला मामला सामने आया है। रेस्तरां संचालक की तरफ से फर्जी लाइसेंस दिखाया गया तो पहली बार में अधिकारियों को भी वह सही लगा। लेकिन जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय से मिलान कराते ही सच्चाई सामने आ गई। यूपी आबकारी विभाग की साइट पर भी फर्जी बार लाइसेंस का सत्यापन नहीं हो पाया।
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कई रेस्तरां में चल रहे अवैध बार
नोएडा व ग्रेटर नोएडा के कई रेस्टोरेंट में बगैर लाइसेंस के कई अवैध बार चल रहे हैं। आरोप है कि इसमें आबकारी विभाग व स्थानीय पुलिस की मिलीभगत भी रहती है। सेक्टर-132 के इस रेस्टोरेंट में फर्जी लाइसेंस के आधार पर चल रहे अवैध बार के खुलासे से आबकारी विभाग की पोल भी खुल गई है। अब आबकारी विभाग की ओर से इस तरह का अभियान चलाकर ऐसे रेस्तरां को चिह्नित करने की बात कही जा रही है।
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माइ सिटी रिपोर्टर
नोएडा। फर्जी लाइसेंस बनवाकर सेक्टर-132 के रेस्तरां में बार चलाने का खुलासा हुआ है। पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने शनिवार रात रेस्तरां से मैनेजर आलोक झा समेत बार कर्मचारी धर्मवीर कुमार, दिल्ली निवासी सोनू और मणिपुर निवासी थांगलेनहाऊ चोंगलोई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मौके से फर्जी लाइसेंस, बीयर की 51 बोतलें और शराब की चार बोतल बरामद की हैं। बरामद फर्जी लाइसेंस असली लाइसेंस की हूबहू कॉपी थी। पुलिस इसमें शामिल अन्य आरोपियों का पता लगा रही है।
आबकारी विभाग की टीम व कोतवाली सेक्टर-126 पुलिस की टीम ने शनिवार रात को सेक्टर-132 स्थित बुरांश रेस्तरां में दबिश दी। मौके पर शराब परोसी जा रही है। रेस्तरां में बने बार में कई लोग शराब पी रहे थे। पूछताछ में धर्मवीर कुमार नामक कर्मचारी ने बार लाइसेंस की प्रति दिखाई। जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय से लाइसेंस के प्रति की जांच कराई गई। जिसमें विभाग की तरफ से ऐसा लाइसेंस जारी नहीं होने की बात सामने आई। उस पर लाइसेंसधारी का नाम प्रणव निवासी सेक्टर-39 अंकित था। पूछताछ में धर्मवीर ने बताया कि रेस्तरां मैनेजर आलोक झा के कहने पर ही बार लाइसेंस के लिए आवेदन किया जाता है। कई बार पैसे बचाने के लिए वह लाइसेंस में छेड़छाड़ कर बगैर फीस जमा किए फर्जी लाइसेंस बनाता है। आबाकारी विभाग ने बरामद शराब व बीयर के सैंपल लिए हैं। जांच में पता चला है कि बार में तीन गुना कीमत पर शराब बेची जा रही थी। मामले में आबकारी अधिनियम समेत कुल चार धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। नोएडा जोन के अपर पुलिस उपायुक्त मनीष मिश्र ने कहा कि इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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फर्जी लाइसेंस का पहला मामला
शहर में कई रेस्तरां में दबिश देकर बगैर लाइसेंस के शराब परोसे जाने के कई मामले सामने आए हैं। आबकारी व पुलिस की टीम लगातार कार्रवाई करती है लेकिन फर्जी लाइसेंस तैयार कर बार चलाने का यह पहला मामला सामने आया है। रेस्तरां संचालक की तरफ से फर्जी लाइसेंस दिखाया गया तो पहली बार में अधिकारियों को भी वह सही लगा। लेकिन जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय से मिलान कराते ही सच्चाई सामने आ गई। यूपी आबकारी विभाग की साइट पर भी फर्जी बार लाइसेंस का सत्यापन नहीं हो पाया।
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कई रेस्तरां में चल रहे अवैध बार
नोएडा व ग्रेटर नोएडा के कई रेस्टोरेंट में बगैर लाइसेंस के कई अवैध बार चल रहे हैं। आरोप है कि इसमें आबकारी विभाग व स्थानीय पुलिस की मिलीभगत भी रहती है। सेक्टर-132 के इस रेस्टोरेंट में फर्जी लाइसेंस के आधार पर चल रहे अवैध बार के खुलासे से आबकारी विभाग की पोल भी खुल गई है। अब आबकारी विभाग की ओर से इस तरह का अभियान चलाकर ऐसे रेस्तरां को चिह्नित करने की बात कही जा रही है।