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गांवों को जगमग होने के लिए करना होगा इंतजार
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नूंह। जिले के गांवों को जगमग होने के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। एक ओर जहां गांवों को रोशन करने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से जिले में के सभी गांवों में बिजली की पर्याप्त व्यवस्था के लिए 31 मार्च तक म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था, वहीं स्थिति यह है कि अभी तक महज 35 प्रतिशत ही काम हो सका है, वहीं जिले के ज्यादातर गांवों में तो अब तक पोल और तार भी नहीं लगाए जा सके हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से इस योजना के तहत जिले के 43 फीडरों के 333 गांवों में कार्य किया जाना है। जिसके लिए 23 करोड़ 73 लाख रुपये का बजट तय किया गया है। इस योजना के तहत सभी पुराने और जर्जर पोलों को बदलने के साथ ही पुराने तारों की जगह नई एरियल बंच केबल लगाई जानी है। वहीं पुराने मीटरों की जगह नए मीटर लगाए जाने हैं। वहीं जिन गांवों में ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोड है, उनकी जगह नए बड़े ट्रांसफार्मर लगाए जाने हैं। योजना के तहत गांवों में बिजली का नया इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाना है। कार्य को पूरा होने के बाद जिले के जिस फीडर पर 35 प्रतिशत लाइनलॉस होगा, वहां 24 घंटे बिजली देने का प्रावधान है। हालांकि नूंह जिले में वर्तमान स्थिति देखें तो केवल चार गांवों फिरोजपुर झिरका के भौंड फीडर के भौंड, सिधरावट, हसनुपर बिलौंडा व धाड़ौली गांव को ही 24 घंटे बिजली दी जा रही है। नूंह खंड के गांव अड़बर फीडर के गांव अड़बर, टांई, रायुपरी, सतपुतियाका, धांधुका, टैरकपुर, भंडगाका, कैराका, बैंसी, गोलपुरी, बाबुपुर सहित 16 गांवों में कार्य चल रहा है। कई जगह पर कार्य अधूरा होने की वजह से ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। दूसरी और रमजान भी आने वाला है। ऐसे में लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।
28 फीडरों के 222 गांवों में अधूरा है काम
जिले के 43 फीडरों पर 333 गांव हैं, जिनमें योजना के तहत काम होना है। लेकिन अभी तक 15 फीडरों के 111 गांवों में ही कार्य पूरा हो पाया है, जबकि 28 फीडरों के 222 गांवों का कार्य अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है।
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समय पर नहीं मिल पा रहा सामान
जिले में इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए पिछले साल से काम चल रहा है। इस काम में 10 ठेकेदार लगे हुए हैं। लेकिन कोरोना काल की वजह से आए आर्थिक संकट से जरूरी सामान भी मुख्यालय से समय पर नहीं आ पा रहा है।
वर्जन-
जिले में इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। कोरोना की वजह से कामकाज ठप हो गया था। अब फिर से योजना को जल्द से जल्द पूरा करने का काम किया जा रहा है। - केएस चौहान, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम नूंह
विभाग द्वारा क्षेत्र में लोगों की बिजली समस्या का समय पर समाधान कराया जा रहा है। इस योजना के कार्य में जरूर समय लगा है, लेकिन ग्रामीणों की अन्य बिजली समस्याओं का समय पर समाधान कराया जा रहा है। - प्रमोद कुमार, एसडीओ, नूंह बिजली निगम
भाजपा सरकार द्वारा ग्रामीणों की बिजली सहित अन्य समस्याओं का समय पर समाधान कराया जा रहा है। इस कार्य के पूरा होने से ग्रामीणों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। - कमल, पार्षद
प्रदेश सरकार जिले में सरकारी योजनाओं को सिरे चढ़ाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। भाजपा सरकार ने अपने पूर्व के वर्षों में नूंह जिले के विकास कार्य को पूरी रफ्तार दी है। - मनीष जैन, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी नूंह
सरकार को इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराना चाहिए। रमजान माह में बिजली-पानी की जरूरत बढ़ जाती है। अगर समय पर कार्य पूरा हो जाता है, तो लोगों को काफी सुविधा होगी। - ताहिर हुसैन रूपाड़िया
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प्रदेश सरकार की ओर से इस योजना के तहत जिले के 43 फीडरों के 333 गांवों में कार्य किया जाना है। जिसके लिए 23 करोड़ 73 लाख रुपये का बजट तय किया गया है। इस योजना के तहत सभी पुराने और जर्जर पोलों को बदलने के साथ ही पुराने तारों की जगह नई एरियल बंच केबल लगाई जानी है। वहीं पुराने मीटरों की जगह नए मीटर लगाए जाने हैं। वहीं जिन गांवों में ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोड है, उनकी जगह नए बड़े ट्रांसफार्मर लगाए जाने हैं। योजना के तहत गांवों में बिजली का नया इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाना है। कार्य को पूरा होने के बाद जिले के जिस फीडर पर 35 प्रतिशत लाइनलॉस होगा, वहां 24 घंटे बिजली देने का प्रावधान है। हालांकि नूंह जिले में वर्तमान स्थिति देखें तो केवल चार गांवों फिरोजपुर झिरका के भौंड फीडर के भौंड, सिधरावट, हसनुपर बिलौंडा व धाड़ौली गांव को ही 24 घंटे बिजली दी जा रही है। नूंह खंड के गांव अड़बर फीडर के गांव अड़बर, टांई, रायुपरी, सतपुतियाका, धांधुका, टैरकपुर, भंडगाका, कैराका, बैंसी, गोलपुरी, बाबुपुर सहित 16 गांवों में कार्य चल रहा है। कई जगह पर कार्य अधूरा होने की वजह से ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। दूसरी और रमजान भी आने वाला है। ऐसे में लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।
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28 फीडरों के 222 गांवों में अधूरा है काम
जिले के 43 फीडरों पर 333 गांव हैं, जिनमें योजना के तहत काम होना है। लेकिन अभी तक 15 फीडरों के 111 गांवों में ही कार्य पूरा हो पाया है, जबकि 28 फीडरों के 222 गांवों का कार्य अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है।
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समय पर नहीं मिल पा रहा सामान
जिले में इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए पिछले साल से काम चल रहा है। इस काम में 10 ठेकेदार लगे हुए हैं। लेकिन कोरोना काल की वजह से आए आर्थिक संकट से जरूरी सामान भी मुख्यालय से समय पर नहीं आ पा रहा है।
वर्जन-
जिले में इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। कोरोना की वजह से कामकाज ठप हो गया था। अब फिर से योजना को जल्द से जल्द पूरा करने का काम किया जा रहा है। - केएस चौहान, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम नूंह
विभाग द्वारा क्षेत्र में लोगों की बिजली समस्या का समय पर समाधान कराया जा रहा है। इस योजना के कार्य में जरूर समय लगा है, लेकिन ग्रामीणों की अन्य बिजली समस्याओं का समय पर समाधान कराया जा रहा है। - प्रमोद कुमार, एसडीओ, नूंह बिजली निगम
भाजपा सरकार द्वारा ग्रामीणों की बिजली सहित अन्य समस्याओं का समय पर समाधान कराया जा रहा है। इस कार्य के पूरा होने से ग्रामीणों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। - कमल, पार्षद
प्रदेश सरकार जिले में सरकारी योजनाओं को सिरे चढ़ाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। भाजपा सरकार ने अपने पूर्व के वर्षों में नूंह जिले के विकास कार्य को पूरी रफ्तार दी है। - मनीष जैन, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी नूंह
सरकार को इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराना चाहिए। रमजान माह में बिजली-पानी की जरूरत बढ़ जाती है। अगर समय पर कार्य पूरा हो जाता है, तो लोगों को काफी सुविधा होगी। - ताहिर हुसैन रूपाड़िया