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टेली लॉ योजना से ग्रामीणों को मिलेगी कानूनी सलाह
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ग्रेटर नोएडा। टेली लॉ योजना से ग्रामीणों को कानूनी सलाह दी जाएगी। इसके लिए जन सुविधा केंद्रों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। जन सुविधा केंद्र के जिला कोर्डिनेटर इस योजना को अमलीजामा पहनाने में जुटे हैं। जिला कोर्डिनेटर पंकज शर्मा ने बताया कि न्याय विभाग एवं राष्ट्रीय विधि प्राधिकरण ने कानूनी प्रक्रिया को आमजन तक सुगम तरीके से पहुंचाने के लिए प्रयास शुरू किया है। अब तक लोगों को कानूनी सलाह के लिए वकील के पास जाना पड़ता था। इसे देखते हुए न्याय विभाग ने जन सुविधा केंद्र में ई-गवर्नेंस के माध्यम से योजना को लागू किया है। इसमें सूचना एवं संचार तकनीक का इस्तेमाल कर कानून के विशेषज्ञ और जरूरतमंदों बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कराया जाएगा। कुछ दिनों पहले ही इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया गया है। इसके अच्छे परिणाम आने के बाद नियमित कर दिया गया है। इस सुविधा के लिए 30 रुपये का शुल्क अदा करना होगा।
इस तरह करें आवेदन
जन सुविधा केंद्र के जिला प्रबंधक शुभम शर्मा, पंकज शर्मा और जिला समन्वयक शशांक शर्मा ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए लोगों को उनके गांव, पंचायत में उपस्थित केंद्र में जाकर ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। इसमें नाम, उम्र, पता, फोन नंबर तथा समस्या का संक्षिप्त में वर्णन करना होगा। इसके बाद विशेषज्ञ से समय लेकर बातचीत कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति के सदस्य, औद्योगिक कामगार, श्रमिक, मजदूर, जातीय हिंसा और प्राकृतिक आपदा से पीड़ित, गरीबी रेखा से नीचे वाले नागरिकों को निशुल्क सेवा दी जाएगी।
इन मामलों की ले सकते हैं सलाह
दहेज, पारिवारिक विवाद, तलाक, घरेलू हिंसा से बचाव, महिला, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न, यौन दुर्व्यवहार, छेड़छाड़, जमीन जायदाद व संपत्ति का अधिकार, महिला एवं पुरुषों के लिए समान मजदूरी, मातृत्व लाभ, भ्रूण हत्या रोकथाम, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल मजदूरी, बच्चों के शिक्षा का अधिकार, गिरफ्तारी (गिरफ्तारी के बाद की प्रक्रिया, बिना वारंट गिरफ्तारी, जोर जबरदस्ती से गिरफ्तारी, महिला से पूछताछ, पुलिस हिरासत में यातना, एफआईआर प्रक्रिया, जमानती, गैर जमानती अपराध आदि की सलाह ले सकते हैं।
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इस तरह करें आवेदन
जन सुविधा केंद्र के जिला प्रबंधक शुभम शर्मा, पंकज शर्मा और जिला समन्वयक शशांक शर्मा ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए लोगों को उनके गांव, पंचायत में उपस्थित केंद्र में जाकर ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। इसमें नाम, उम्र, पता, फोन नंबर तथा समस्या का संक्षिप्त में वर्णन करना होगा। इसके बाद विशेषज्ञ से समय लेकर बातचीत कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति के सदस्य, औद्योगिक कामगार, श्रमिक, मजदूर, जातीय हिंसा और प्राकृतिक आपदा से पीड़ित, गरीबी रेखा से नीचे वाले नागरिकों को निशुल्क सेवा दी जाएगी।
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इन मामलों की ले सकते हैं सलाह
दहेज, पारिवारिक विवाद, तलाक, घरेलू हिंसा से बचाव, महिला, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न, यौन दुर्व्यवहार, छेड़छाड़, जमीन जायदाद व संपत्ति का अधिकार, महिला एवं पुरुषों के लिए समान मजदूरी, मातृत्व लाभ, भ्रूण हत्या रोकथाम, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल मजदूरी, बच्चों के शिक्षा का अधिकार, गिरफ्तारी (गिरफ्तारी के बाद की प्रक्रिया, बिना वारंट गिरफ्तारी, जोर जबरदस्ती से गिरफ्तारी, महिला से पूछताछ, पुलिस हिरासत में यातना, एफआईआर प्रक्रिया, जमानती, गैर जमानती अपराध आदि की सलाह ले सकते हैं।
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