Uzbekistan Cough Syrup Deaths: मैरियन बायोटेक के तीन कर्मचारी गिरफ्तार, नकली दवाईयों का करते थे निर्माण
मैरियन बायोटेक जिसका सेक्टर 67 में कार्यालय है, पिछले साल दिसंबर में अपनी खांसी की दवाई डॉक -1 के लिए जांच के दायरे में आया था, जिसके बारे में संदेह है कि उज्बेकिस्तान में इसका सेवन करने वाले 18 बच्चों की मौत हो गई थी।
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यूपी के नोएडा में एक फार्मास्युटिकल फर्म के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। ये मामला पिछले साल दिसंबर में उज्बेकिस्तान में कफ सीरप पीने से 18 बच्चों की मौतों से जुड़ा हुआ है। वहीं, डायरेक्टर लेवल के दो अधिकारी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
पुलिस के अनुसार, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के एक ड्रग इंस्पेक्टर की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई है। मैरियन बायोटेक के दो निदेशकों सहित पांच अधिकारियों के खिलाफ गुरुवार देर रात नोएडा के फेज-3 थाने में एक एफआईआर दर्ज की गई थी।
शिकायतकर्ता ड्रग इंस्पेक्टर के अनुसार, मैरियन बायोटेक की दवाओं के नमूनों की जांच की गई। नमूने मिलावटी और नकली पाये गये। थाना प्रभारी विजय कुमार ने बताया कि कंपनी के दो निदेशक फरार हैं। गिरफ्तार आरोपियों में ऑपरेशन हेड तुहिन भट्टाचार्य, मैन्युफैक्चरिंग केमिस्ट अतुल रावत और एनालिटिकल केमिस्ट मूल सिंह शामिल हैं।
मैरियन बायोटेक जिसका सेक्टर 67 में कार्यालय है, पिछले साल दिसंबर में अपनी खांसी की दवाई डॉक -1 के लिए जांच के दायरे में आया था, जिसके बारे में संदेह है कि उज्बेकिस्तान में इसका सेवन करने वाले 18 बच्चों की मौत हो गई थी।