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यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा: आधे से ज्यादा रहे अनुपस्थित, कठिन प्रश्नों ने उलझाया
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नोएडा। जिले के 31 केंद्रों पर रविवार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा हुई। इसके लिए जिले प्रशासन की ओर से विशेष प्रबंध किए गए। इस बार कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों में आधे से ज्यादा अनुपस्थित रहे। वहीं, पूर्व के मुकाबले इस बार का प्रश्नपत्र काफी कठिन रहा। प्रश्नपत्र हल करने में अभ्यर्थियों के पसीने छूट गए। वहीं, दूसरी पाली में अभ्यर्थियों की संख्या और घट गई। अभ्यर्थियों ने बताया कि बीती कई परीक्षाओं के मुकाबले इस बार इतिहास, राजनीति शास्त्र, कला और संस्कृति से करीब 20 प्रश्न पूछे गए। प्राचीन इतिहास से भी इस बार कई प्रश्न पूछे गए। वहीं, प्रॉपर्टी के अधिकार को लेकर पूछे गए प्रश्नों ने भी उलझाया। खास बात यह रही कि लगभग कोरोना महामारी को लेकर एक भी प्रश्न नहीं आया।
अधिकांश अभ्यर्थियों के अनुसार प्रश्नपत्र हल करने में अधिक वक्त लगा। खेल और सामान्य विज्ञान के कई सवालों में देर तक उलझे रहे। पहली पाली में 14546 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 6704 ने ही परीक्षा दी। 7842 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। वहीं, दूसरी पाली में 6621 ही उपस्थित रहे और 7925 ने परीक्षा छोड़ दी। पहली पाली की परीक्षा देकर गए 83 अभ्यर्थी दूसरी पाली में अनुपस्थित रहे। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के परीक्षा छोड़ने का कारण इस साल कोविड से प्रभावित शिक्षा व्यवस्था एवं कोचिंग सेंटरों का सामान्य तरह से न चल पाना भी माना जा रहा है। गौतमबुद्ध नगर में प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक लोकल इंस्पैक्टिंग ऑफिसर को तैनात किया गया। चार अधिकारियों को रिजर्व ड्यूटी में लगाया गया। कोविड गाइडलाइन के अनुसार केंद्रों पर बैठने के प्रबंध किए गए। हालांकि, परीक्षा के बाद कुछ केंद्रों पर सामाजिक दूरी के नियम टूटते दिखे। केंद्रों पर अनुचित साधन प्रयोग रोकने के लिए सीसीटीवी एवं औचक निरीक्षण के माध्यम से निगरानी की गई।
प्रश्नपत्र थोड़ा बड़ा और जटिल था। कुछ भागों को समय से हल करना आसान नहीं था। परीक्षा सामान्य ही रही है। - कुलदीप
इस साल का प्रश्नपत्र थोड़ा मुश्किल नजर आया। हल करने में अच्छा खासा समय लग रहा था। परिणाम का इंतजार है। - प्रीत कुमार
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अधिकांश अभ्यर्थियों के अनुसार प्रश्नपत्र हल करने में अधिक वक्त लगा। खेल और सामान्य विज्ञान के कई सवालों में देर तक उलझे रहे। पहली पाली में 14546 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 6704 ने ही परीक्षा दी। 7842 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। वहीं, दूसरी पाली में 6621 ही उपस्थित रहे और 7925 ने परीक्षा छोड़ दी। पहली पाली की परीक्षा देकर गए 83 अभ्यर्थी दूसरी पाली में अनुपस्थित रहे। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के परीक्षा छोड़ने का कारण इस साल कोविड से प्रभावित शिक्षा व्यवस्था एवं कोचिंग सेंटरों का सामान्य तरह से न चल पाना भी माना जा रहा है। गौतमबुद्ध नगर में प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक लोकल इंस्पैक्टिंग ऑफिसर को तैनात किया गया। चार अधिकारियों को रिजर्व ड्यूटी में लगाया गया। कोविड गाइडलाइन के अनुसार केंद्रों पर बैठने के प्रबंध किए गए। हालांकि, परीक्षा के बाद कुछ केंद्रों पर सामाजिक दूरी के नियम टूटते दिखे। केंद्रों पर अनुचित साधन प्रयोग रोकने के लिए सीसीटीवी एवं औचक निरीक्षण के माध्यम से निगरानी की गई।
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प्रश्नपत्र थोड़ा बड़ा और जटिल था। कुछ भागों को समय से हल करना आसान नहीं था। परीक्षा सामान्य ही रही है। - कुलदीप
इस साल का प्रश्नपत्र थोड़ा मुश्किल नजर आया। हल करने में अच्छा खासा समय लग रहा था। परिणाम का इंतजार है। - प्रीत कुमार