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यूपीसीडा ने गुपचुप तरीके से 38 भूखंडों की कर दी ई-नीलामी

Tue, 08 Jun 2021 01:43 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 08 Jun 2021 01:43 AM IST
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UPCIDA secretly e-auctioned 38 plots
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) द्वारा औद्योगिक क्षेत्र साइट-बी में 38 भूखंडों की ई-नीलामी पर विवाद खड़ा हो गया है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) व लघु उद्योग भारती संगठन के उद्यमियों ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर इस पर सवाल उठाते हुए यूपीसीडा पर निजी हितों को साधने का आरोप लगाया। उद्यमी संगठनों का आरोप है कि योजना का प्रचार-प्रसार नहीं किया गया है। इसलिए इसे निरस्त कर दिया जाए या इसकी समय सीमा बढ़ा दी जाए।
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यूपीसीडा ने 17 मई को पूरे प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र के करीब 150 ई-भूखंडों की योजना लांच की थी। आवेदन की अंतिम तिथि 26 मई तय की गई थी। सात जून को इन भूखंडों के लिए ई-नीलामी की तिथि तय की गई। सोमवार सुबह नीलामी शुरू होते ही विरोध के सुर उठने लगे। आईआईए ग्रेटर नोएडा चैप्टर व लघु उद्योग भारती गौतमबुद्ध नगर इकाई के पदाधिकारियों ने ई-नीलामी पर सवाल खड़ा कर इसका प्रचार-प्रसार नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने, कहा जिस समय इस योजना को लांच किया गया कोरोना संक्रमण चरम पर था। अधिकांश लोगों को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। सिर्फ एक अखबार में विज्ञापन देकर योजना को बंद कर दिया गया। इससे अधिकतर उद्यमी इसका लाभ नहीं उठा सके।
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अधिकतर छोटे भूखंडों की ई-ऑक्सन की गई है। व्यापक प्रचार-प्रसार होता तो किराये पर फैक्टरी चलाने वाले उद्यमी इसमें हिस्सा ले सकते थे। कुछ चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए स्कीम को सिर्फ 9 दिनों में बंद कर दिया। हम इसका विरोध करते हैं।
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- विशारद गौतम, आईआईए चेयरमैन ग्रेटर नोएडा चैप्टर
यूपीसीडा ने बिना प्रचार किए ही स्कीम को कोरोना काल में लांच कर दिया। इसकी जानकारी उद्यमियों को नहीं दी गई। गुपचुप तरीके से किया गया ई-ऑक्सन एक साजिश है। इसे निरस्त किया जाना चाहिए।

- नरेश गुप्ता, महासचिव लघु उद्योग भारती
ऑनलाइन माध्यम से लांच की गई योजना में पूरी पारदर्शिता बरती गई। इसकी जानकारी स्थानीय उद्यमी एसोसिएशन को भी थी। जानकारी न होना व गुपचुप नीलामी का आरोप निराधार है। अखबारों के माध्यम से भी इसकी जानकारी सार्वजनिक की गई थी।
- अनिल शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीसीडा, सूरजपुर
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