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खरीदार 45 दिन में कब्जा लें, नहीं तो कटौती के साथ वापस मिलेगा पैसा
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खरीदार 45 दिन में कब्जा लें, नहीं तो कटौती के साथ वापस मिलेगा पैसा
ग्रेटर नोएडा। यूपी रेरा के इतिहास में पहली बार किसी खरीदार के खिलाफ आदेश हुआ है। रेरा की पीठ एक ने यह आदेश दिया है। आदेश के तहत खरीदारों को 45 दिन के अंदर अपने फ्लैटों पर कब्जा लेना होगा। अगर ऐसा नहीं किया तो फिर बिल्डर-बायर्स एग्रीमेंट (बीबीए) के तहत बिल्डर कटौती कर बाकी धनराशि खरीदार को लौटा देगा, जिसे खरीदारों को लेना होगा। बता दें कि बीबीए में 10 प्रतिशत कटौती का नियम है तो बिल्डर उतनी धनराशि की कटौती करेगा।
सुपरटेक ने खरीदारों के खिलाफ यूपी रेरा में शिकायत की थी। आरोप था कि ऑफर देने के बाद भी खरीदार कब्जा नहीं ले रहे हैं। यूपी रेरा की पीठ एक शिकायतों पर सुनवाई कर रही है। बृहस्पतिवार को रेरा की पीठ ने 22 शिकायतों को सुना। पीठ की सदस्य कल्पना मिश्रा की जगह रेरा के सदस्य बलविंदर कुमार ने सुनवाई की। वहीं, सुनवाई के दौरान खरीदार अनुपस्थित रहे। सदस्य बलविंदर कुमार ने बताया कि मामले में यह तीसरी सुनवाई थी। लगातार नोटिस के बावजूद खरीदार सुनवाई में नहीं पहुंचे। इस कारण पीठ ने एक पक्षीय आदेश जारी किया है। इसके तहत खरीदारों को बकाया धनराशि जमा कर 45 दिन में कब्जा लेना होगा। अगर ऐसा नहीं किया तो फिर बिल्डर को खरीदार की जमा धनराशि में कटौती करने का अधिकार होगा। यह कटौती बीबीए के आधार पर की जाएगी। कटौती के बाद बाकी धनराशि बिल्डर खरीदारों को लौटा देगा, जो खरीदारों को लेनी होगी।
सुपरटेक के खरीदारों के खिलाफ 89 केस
सुपरटेक बिल्डर अभी तक 89 खरीदारों के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज करा चुका है। उनका आरोप है कि ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिलने के बाद खरीदारों को कब्जा दिया जा रहा है, लेकिन वो कब्जा नहीं ले रहे हैं। खरीदारों द्वारा बकाया धनराशि नहीं देने से प्रोजेक्टों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। सुपरटेक ने ईको विलेज एक, दो व तीन और केपटाउन समेत अन्य प्रोजेक्टों के खिलाफ शिकायत की है।
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अन्य कई बिल्डर भी कर चुके हैं शिकायत
रेरा का गठन खरीदारों की समस्याओं का समाधान करने के लिए किया गया था, लेकिन अब बिल्डर भी रेरा की शरण में आ रहे हैं। सुपरटेक के अलावा लॉजिक्स व कई अन्य बिल्डर भी रेरा में खरीदारों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा चुके हैं। बिल्डरों की शिकायत का आंकड़ा 150 के पार पहुंच गया है।
खरीदारों को 45 दिन में फ्लैट पर कब्जा लेना होगा। ऐसा नहीं किया तो फिर कटौती के साथ उनकी धनराशि वापस कर दी जाएगी। इस तरह का यह पहला आदेश है। आदेश से पहले खरीदारों को मौका दिया जाएगा।
- बलविंदर कुमार, सदस्य, यूपी रेरा
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ग्रेटर नोएडा। यूपी रेरा के इतिहास में पहली बार किसी खरीदार के खिलाफ आदेश हुआ है। रेरा की पीठ एक ने यह आदेश दिया है। आदेश के तहत खरीदारों को 45 दिन के अंदर अपने फ्लैटों पर कब्जा लेना होगा। अगर ऐसा नहीं किया तो फिर बिल्डर-बायर्स एग्रीमेंट (बीबीए) के तहत बिल्डर कटौती कर बाकी धनराशि खरीदार को लौटा देगा, जिसे खरीदारों को लेना होगा। बता दें कि बीबीए में 10 प्रतिशत कटौती का नियम है तो बिल्डर उतनी धनराशि की कटौती करेगा।
सुपरटेक ने खरीदारों के खिलाफ यूपी रेरा में शिकायत की थी। आरोप था कि ऑफर देने के बाद भी खरीदार कब्जा नहीं ले रहे हैं। यूपी रेरा की पीठ एक शिकायतों पर सुनवाई कर रही है। बृहस्पतिवार को रेरा की पीठ ने 22 शिकायतों को सुना। पीठ की सदस्य कल्पना मिश्रा की जगह रेरा के सदस्य बलविंदर कुमार ने सुनवाई की। वहीं, सुनवाई के दौरान खरीदार अनुपस्थित रहे। सदस्य बलविंदर कुमार ने बताया कि मामले में यह तीसरी सुनवाई थी। लगातार नोटिस के बावजूद खरीदार सुनवाई में नहीं पहुंचे। इस कारण पीठ ने एक पक्षीय आदेश जारी किया है। इसके तहत खरीदारों को बकाया धनराशि जमा कर 45 दिन में कब्जा लेना होगा। अगर ऐसा नहीं किया तो फिर बिल्डर को खरीदार की जमा धनराशि में कटौती करने का अधिकार होगा। यह कटौती बीबीए के आधार पर की जाएगी। कटौती के बाद बाकी धनराशि बिल्डर खरीदारों को लौटा देगा, जो खरीदारों को लेनी होगी।
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सुपरटेक के खरीदारों के खिलाफ 89 केस
सुपरटेक बिल्डर अभी तक 89 खरीदारों के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज करा चुका है। उनका आरोप है कि ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिलने के बाद खरीदारों को कब्जा दिया जा रहा है, लेकिन वो कब्जा नहीं ले रहे हैं। खरीदारों द्वारा बकाया धनराशि नहीं देने से प्रोजेक्टों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। सुपरटेक ने ईको विलेज एक, दो व तीन और केपटाउन समेत अन्य प्रोजेक्टों के खिलाफ शिकायत की है।
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अन्य कई बिल्डर भी कर चुके हैं शिकायत
रेरा का गठन खरीदारों की समस्याओं का समाधान करने के लिए किया गया था, लेकिन अब बिल्डर भी रेरा की शरण में आ रहे हैं। सुपरटेक के अलावा लॉजिक्स व कई अन्य बिल्डर भी रेरा में खरीदारों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा चुके हैं। बिल्डरों की शिकायत का आंकड़ा 150 के पार पहुंच गया है।
खरीदारों को 45 दिन में फ्लैट पर कब्जा लेना होगा। ऐसा नहीं किया तो फिर कटौती के साथ उनकी धनराशि वापस कर दी जाएगी। इस तरह का यह पहला आदेश है। आदेश से पहले खरीदारों को मौका दिया जाएगा।
- बलविंदर कुमार, सदस्य, यूपी रेरा