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यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा लीक मामला : कभी गुजर बसर भी थी मुश्किल, अब करोड़ों की संपत्ति
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गिरफ्तार सरगना रवि अत्री और परिवार बिता रहा ऐशोआराम की जिंदगी
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20 एकड़ जमीन के साथ ही अकूत संपत्ति का मालिक है परिवार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा।
यूपी पुलिस सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में गिरफ्तार जेवर के नीमका निवासी गिरोह सरगना रवि अत्री के परिवार के लिए कभी सामान्य जिंदगी जीना भी मुश्किल था, लेकिन उसका परिवार आलीशान जिंदगी जी रहा है। परिजन बीस एकड़ जमीन के साथ ही अकूत संपत्ति के मालिक हैं।
रवि के दोस्तों ने बताया कि 14 साल पूर्व एक रिश्तेदार ने शुरुआत में बिहार के कुछ सॉल्वर से रवि की मुलाकात कराई थी। इसके बाद हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश के पेपर लीक व सॉल्वर के कई गिरोह से रवि का अच्छा संपर्क हो गया। इसके बाद रवि ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और जमकर मोटी कमाई की। इसके बाद गांव में रवि के परिवार की जीवनशैली में बदलाव देखने को मिला और हर साल कुछ न कुछ जमीन खरीदने का सिलसिला शुरू हो गया।
सुविधाओं का अभाव पसंद नहीं था
नीमका के ग्रामीणों ने बताया कि रवि को सुविधाओं के अभाव में जीवन पसंद नहीं था। उसने 2011 में ही गांव छोड़ दिया। मेडिकल की पढ़ाई के दौरान ही उसके संपर्क शिक्षा माफिया से हो गए। कुछ साल तक वह चुपचाप काम करता रहा और पुलिस की नजर से बचता रहा, लेकिन वर्ष 2012 में एम्स की ओर से संचालित ऑल इंडिया पोस्ट ग्रेजुएट प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक कराने में उसकी भूमिका सामने आई। रवि ने परीक्षा पास कराने के लिए दिल्ली में कुछ छात्रों को ब्लूटूथ डिवाइस लगाकर परीक्षा में बिठाया। गिरोह के सदस्य बाहर बैठकर ब्लूटूथ से पेपर साॅल्व करा रहे थे, लेकिन इन्हें पुलिस ने पकड़ लिया। गिरोह के सदस्यों ने रवि को मामले में किसी तरह राहत दिलवा दी। सूत्रों ने बताया कि रवि ने ज्यादातर परीक्षाओं के पेपर लीक कराने के प्रयास किए। कुछ में सफलता मिली तो उसने गांव में आना छोड़ दिया। बड़ा भाई भारतीय सेना में सेवा दे रहा है और बच्चों को साथ ही रखता है, जबकि छोटा भाई पिता के साथ गांव में खेती करता है।
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एक दिन का खर्च 20 हजार, नोएडा में गर्लफ्रेंड के साथ रहता था
पुलिस के मुताबिक, रवि ऐशोआराम की जिंदगी जीता है। उसका एक दिन का खर्चा 20 हजार रुपये तक है। गिरफ्तारी से पहले वह करीब 15 दिन तक दिल्ली के महंगे होटल में रुका था। रवि के बड़े व छोटे भाई शादी हो चुकी है, लेकिन उसने शादी नहीं की। उसकी दोस्त मंडली ने बताया कि रवि गर्लफ्रेंड के साथ नोएडा में रहता था। उसके ठिकाने की खास लोगों को ही जानकारी थी। रवि को डॉक्टर बनाने व गलत संगत से बचाने के लिए परिजनों ने उसे 2007 में कोटा में प्री-मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) की तैयारी करने के लिए भेजा था। यहां वह भोपाल निवासी अतुल वत्स के संपर्क में आ गया। अतुल सॉल्वर गिरोह का सदस्य था। अतुल के संपर्क में आने के बाद रवि ने भी सॉल्वर के रूप में काम शुरू कर दिया।
रोहतक में लिया था दाखिला, दो बार हुआ गिरफ्तार
एसटीएफ ने बताया कि गिरोह सरगना रवि ने हरियाणा प्री-मेडिकल टेस्ट पास करने के बाद रोहतक के पंडित भगवत दयाल पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में दाखिला ले लिया। चार सेमेस्टर तक ही वह वहां पढ़ा और पढ़ाई छोड़ दी। वर्ष 2012 में रवि ने ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस की पोस्ट ग्रेजुएट परीक्षा व स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की भर्ती परीक्षा का पेपर लीक किया। दोनों ही मामलों में उसकी गिरफ्तारी हुई और जेल भी गया। जमानत पर रिहा होने के बाद उसने वर्ष 2015 में ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट का पेपर लीक किया। इस मामले में भी रवि की गिरफ्तारी हुई और जेल गया। जमानत मिलने के बाद वह इसी काम में लिप्त हो गया।
10 दिन पहले राजीव को किया था गिरफ्तार
एसटीएफ ने पिछले दिनों राजीव नयन मिश्रा को परी चौक के पास से गिरफ्तार किया था। पेपर लीक मामले में अब तक मेरठ एसटीएफ की टीम 54 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। परीक्षा 17 और 18 फरवरी को हुई थी।
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सिपाही भर्ती परीक्षा में नई बातें सामने आईं हैं। पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। - राजकुमार मिश्रा, एसपी एसटीएफ सूरजपुर
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20 एकड़ जमीन के साथ ही अकूत संपत्ति का मालिक है परिवार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा।
यूपी पुलिस सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में गिरफ्तार जेवर के नीमका निवासी गिरोह सरगना रवि अत्री के परिवार के लिए कभी सामान्य जिंदगी जीना भी मुश्किल था, लेकिन उसका परिवार आलीशान जिंदगी जी रहा है। परिजन बीस एकड़ जमीन के साथ ही अकूत संपत्ति के मालिक हैं।
रवि के दोस्तों ने बताया कि 14 साल पूर्व एक रिश्तेदार ने शुरुआत में बिहार के कुछ सॉल्वर से रवि की मुलाकात कराई थी। इसके बाद हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश के पेपर लीक व सॉल्वर के कई गिरोह से रवि का अच्छा संपर्क हो गया। इसके बाद रवि ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और जमकर मोटी कमाई की। इसके बाद गांव में रवि के परिवार की जीवनशैली में बदलाव देखने को मिला और हर साल कुछ न कुछ जमीन खरीदने का सिलसिला शुरू हो गया।
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सुविधाओं का अभाव पसंद नहीं था
नीमका के ग्रामीणों ने बताया कि रवि को सुविधाओं के अभाव में जीवन पसंद नहीं था। उसने 2011 में ही गांव छोड़ दिया। मेडिकल की पढ़ाई के दौरान ही उसके संपर्क शिक्षा माफिया से हो गए। कुछ साल तक वह चुपचाप काम करता रहा और पुलिस की नजर से बचता रहा, लेकिन वर्ष 2012 में एम्स की ओर से संचालित ऑल इंडिया पोस्ट ग्रेजुएट प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक कराने में उसकी भूमिका सामने आई। रवि ने परीक्षा पास कराने के लिए दिल्ली में कुछ छात्रों को ब्लूटूथ डिवाइस लगाकर परीक्षा में बिठाया। गिरोह के सदस्य बाहर बैठकर ब्लूटूथ से पेपर साॅल्व करा रहे थे, लेकिन इन्हें पुलिस ने पकड़ लिया। गिरोह के सदस्यों ने रवि को मामले में किसी तरह राहत दिलवा दी। सूत्रों ने बताया कि रवि ने ज्यादातर परीक्षाओं के पेपर लीक कराने के प्रयास किए। कुछ में सफलता मिली तो उसने गांव में आना छोड़ दिया। बड़ा भाई भारतीय सेना में सेवा दे रहा है और बच्चों को साथ ही रखता है, जबकि छोटा भाई पिता के साथ गांव में खेती करता है।
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एक दिन का खर्च 20 हजार, नोएडा में गर्लफ्रेंड के साथ रहता था
पुलिस के मुताबिक, रवि ऐशोआराम की जिंदगी जीता है। उसका एक दिन का खर्चा 20 हजार रुपये तक है। गिरफ्तारी से पहले वह करीब 15 दिन तक दिल्ली के महंगे होटल में रुका था। रवि के बड़े व छोटे भाई शादी हो चुकी है, लेकिन उसने शादी नहीं की। उसकी दोस्त मंडली ने बताया कि रवि गर्लफ्रेंड के साथ नोएडा में रहता था। उसके ठिकाने की खास लोगों को ही जानकारी थी। रवि को डॉक्टर बनाने व गलत संगत से बचाने के लिए परिजनों ने उसे 2007 में कोटा में प्री-मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) की तैयारी करने के लिए भेजा था। यहां वह भोपाल निवासी अतुल वत्स के संपर्क में आ गया। अतुल सॉल्वर गिरोह का सदस्य था। अतुल के संपर्क में आने के बाद रवि ने भी सॉल्वर के रूप में काम शुरू कर दिया।
रोहतक में लिया था दाखिला, दो बार हुआ गिरफ्तार
एसटीएफ ने बताया कि गिरोह सरगना रवि ने हरियाणा प्री-मेडिकल टेस्ट पास करने के बाद रोहतक के पंडित भगवत दयाल पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में दाखिला ले लिया। चार सेमेस्टर तक ही वह वहां पढ़ा और पढ़ाई छोड़ दी। वर्ष 2012 में रवि ने ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस की पोस्ट ग्रेजुएट परीक्षा व स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की भर्ती परीक्षा का पेपर लीक किया। दोनों ही मामलों में उसकी गिरफ्तारी हुई और जेल भी गया। जमानत पर रिहा होने के बाद उसने वर्ष 2015 में ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट का पेपर लीक किया। इस मामले में भी रवि की गिरफ्तारी हुई और जेल गया। जमानत मिलने के बाद वह इसी काम में लिप्त हो गया।
10 दिन पहले राजीव को किया था गिरफ्तार
एसटीएफ ने पिछले दिनों राजीव नयन मिश्रा को परी चौक के पास से गिरफ्तार किया था। पेपर लीक मामले में अब तक मेरठ एसटीएफ की टीम 54 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। परीक्षा 17 और 18 फरवरी को हुई थी।
सिपाही भर्ती परीक्षा में नई बातें सामने आईं हैं। पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। - राजकुमार मिश्रा, एसपी एसटीएफ सूरजपुर