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यूपी बोर्ड : डिबार स्कूल नहीं बनेंगे परीक्षा केंद्र
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चंदौसी(संभल)। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। इस बार विभाग ने केंद्रों के चयन को लेकर पहले से ज्यादा सतर्कता बरतने का फैसला लिया है। बोर्ड का लक्ष्य है कि परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नकल मुक्त रहे। इसी के तहत इस बार जिन विद्यालयों पर डिबार की कार्रवाई हुई है या जिनके खिलाफ मान्यता प्रत्याहरण (मान्यता रद्द करने) की प्रक्रिया चल रही है, उन्हें किसी भी स्थिति में परीक्षा केंद्र के रूप में प्रस्तावित नहीं किया जाएगा।
बोर्ड परीक्षा प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि जिन विद्यालयों पर डिबार की कार्रवाई हुई है या जिनकी मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है, उन्हें किसी भी स्थिति में परीक्षा केंद्र के रूप में प्रस्तावित नहीं किया जाएगा। ऐसे विद्यालयों की सूची तैयार कर बोर्ड कार्यालय को भेजी जाएगी, ताकि केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। बोर्ड का उद्देश्य है कि इस बार किसी भी स्तर पर परीक्षा में अनियमितता या नकल की संभावना न रहे।
साथ ही, केंद्र तय करते समय विद्यालय की स्थिति, बैठने की क्षमता और पुराने रिकॉर्ड पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कठिनाई न हो। बताया कि अब केवल वही विद्यालय परीक्षा केंद्र बनेंगे। जिनका रिकॉर्ड अच्छा और मान्यता पूरी तरह वैध है। इससे परीक्षा का माहौल और ज्यादा पारदर्शी, शांतिपूर्ण और विश्वसनीय बनेगा।
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बोर्ड परीक्षा प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि जिन विद्यालयों पर डिबार की कार्रवाई हुई है या जिनकी मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है, उन्हें किसी भी स्थिति में परीक्षा केंद्र के रूप में प्रस्तावित नहीं किया जाएगा। ऐसे विद्यालयों की सूची तैयार कर बोर्ड कार्यालय को भेजी जाएगी, ताकि केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। बोर्ड का उद्देश्य है कि इस बार किसी भी स्तर पर परीक्षा में अनियमितता या नकल की संभावना न रहे।
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साथ ही, केंद्र तय करते समय विद्यालय की स्थिति, बैठने की क्षमता और पुराने रिकॉर्ड पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कठिनाई न हो। बताया कि अब केवल वही विद्यालय परीक्षा केंद्र बनेंगे। जिनका रिकॉर्ड अच्छा और मान्यता पूरी तरह वैध है। इससे परीक्षा का माहौल और ज्यादा पारदर्शी, शांतिपूर्ण और विश्वसनीय बनेगा।
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