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Noida News: बेमौसम बारिश ने धान की पक कर तैयार फसल बरबाद

Fri, 31 Oct 2025 01:49 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 31 Oct 2025 01:49 AM IST
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Unseasonal rains ruined the ripe paddy crop.
घोरावल ब्लॉक के हरिहरपुर गांव क्षेत्र के खेत में कटी धान की फसल में भरा पानी। स्रोत जागरूक पाठक
सोनभद्र। चक्रवात मोंथा से खराब हुए मौसम ने किसानों की कमर तोड़ दी है। पिछले 72 घंटे में हुई 70 एमएम बारिश से धान की फसल बरबाद हो गई है। किसान फसल की कटाई की तैयारी में जुटे थे, मगर बारिश ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। कई जगह फसल पानी में डूब गई तो कहीं खेत में गिर गई है। करीब 30 फीसदी नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है। कृषि और बीमा कंपनी की टीमें अलग-अलग सर्वे कर रही हैं।
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जिले में कुल 2.09 लाख किसान पंजीकृत हैं। इन्हें किसान सम्मान निधि का लाभ भी मिलता है। पिछले कई वर्षों में फसल बीमा का लाभ न मिलने से मायूस किसानों ने इस बार फसलों का बीमा कराने में रुचि नहीं दिखाई है। महज 17 हजार किसानों ने ही फसल बीमा कराया था। अब कटाई से ठीक पहले धान की फसल पर मौसम की मार ने किसानों को संकट में डाल दिया है। सोमवार की शाम छह बजे से जिले में बारिश का क्रम शुरू हुआ है।
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पहले दिन छह घंटे बारिश और हवा के चलते कई जगह धान की फसल खेत में लोट गई थी। किसानों को उम्मीद थी कि मौसम ठीक होगा तो वह फसल की कटाई कर लेंगे, लेकिन बृहस्पतिवार की भोर में फिर तेज बारिश ने रही-सही कसर भी पूरी कर दी। सुबह किसान खेत में पहुंचे तो फसलों का हाल देखकर सन्न रह गए। खेत में गिरी फसल पानी में डूब गई थी। लंबे समय तक पानी में रहने से फसल चौपट होना तय माना जा रहा है।
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रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के पुसौली, सजौर, मझिगांव, घुवास, सिरपालपुर, बेठिगांव, बिजौली, लसड़ा, मोकरम समेत अन्य गांवों में किसानों की फसल को सर्वाधिक नुकसान हुआ है। किसान अपने खेतों से पानी निकासी की जुगत करते हुए देखे गए। फिलहाल सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। खरीफ सीजन में लागत निकलना मुश्किल को जाएगा।
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पिछले 72 घंटे में ऐसे हुई बरसात
मोंथा की सक्रियता के चलते रविवार से ही मौसम बदलने लगा था। बादलों के उमड़-घुमड़ ने किसानों की चिंता बढ़ाई थी, लेकिन यह आस थी कि बरसात नहीं होगी। सोमवार की शाम करीब छह बजे से तेज बारिश का क्रम शुरू हुआ। इस दिन छह घंटे में 28 एमएम बारिश दर्ज की गई। मंगलवार को दिन भर रिमझिम बारिश हुई। बुधवार को भी बादल छाए रहे। कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई। यह 12 एमएम तक रही। बृहस्पतिवार की भोर में तीन बजे से सुबह साढ़े छह बजे तक करीब 30.25 एमएम बरसात दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बृहस्पतिवार की भोर में सर्वाधिक बारिश रॉबर्ट्सगंज तहसील में हुई, जबकि दुद्धी और ओबरा तहसील में बारिश कम दर्ज की गई।
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मिर्च, टमाटर, सरसों को भी नुकसान
करमा/केकराही। करमा ब्लॉक के करही, कसयां, करकी, पापी, भगवती, डिलाही, बहेरा, भदोही, खैराही, अतरवा, पिपरा, भरुआ, जरेणुआ समेत अन्य गांवों में लगी घान की फसल के साथ ही मिर्च, टमाटर, सरसों की खेती को काफी नुकसान हुआ है। इससे किसान उपज को लेकर चिंतित हैं। क्षेत्र के किसान रामलखन, रामजी, यादवेंद्र प्रताप राव, ब्रह्मानंद सिंह, अवधेश यादव आदि का कहना है कि आंधी और बारिश से धान और सब्जी की खेती किए किसानों को काफी क्षति पहुंची है। किसानों का कहना है कि ऐसे ही बारिश होती रही तो और किसानों को काफी क्षति हो सकती है।

किसानों के चेहरे पर छाई मायूसी
रेणुसागर। क्षेत्र के कुबरी, रणहोर, लोझरा, दैनीया, मिर्चाधुरी, ननहरी, बिछड़ी में बेमौसम बारिश और तेज हवा चलने से धान की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। बिछड़ी निवासी किसान लाल बाबू, राजकुमार, रामप्रताप यादव, कुबरी के किसान राकेश वैसवार, राधेश्याम वैसवार ने बताया कि इस वर्ष धान की फसल बहुत अच्छी हुई थी। बारिश एवं तेज हवाओं के कारण हमारी पूरी फसल खराब हो गई। खेतों मे पानी भरने से कटा हुआ धान खेतों मे ही सड़ने लगा है।

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बीमा कराने वालों को ही मिलेगा मुआवजा
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश से क्षति हुई फसलों का आंकलन करने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। फसल बीमा कंपनी की तरफ से भी बीमित किसानों का सर्वे अलग से कराया जा रहा है। जिले में 17351 किसानों ने ही प्रधानमंत्री फसल योजना के तहत बीमा कराया है। क्षति आंकलन के बाद बीमित किसानों को ही मुआवजा फसल बीमा कंपनी की तरफ से दिया जाएगा।

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वर्जन:
बारिश से फसलों को कितना नुकसान हुआ है, इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारी सर्वे कर रहे हैं। बीमा कराने वाले किसान ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा रहे हैं। सर्वे के बाद ही पता चल सकेगा कि कितनी क्षति हुई है। बीमा कराने वालों को ही कंपनी से मुआवजा मिलेगा। - अमित चौबे, उप कृषि निदेशक।
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