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ट्विन टावर के पास बने दो टावर का होगा 100 करोड़ का बीमा

Sat, 29 Jan 2022 12:07 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jan 2022 12:07 AM IST
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Two towers built near twin towers will be insured for 100 crores
नोएडा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट सोसाइटी में बने ट्विन टावर को ध्वस्त करने की दिशा में कागजी कार्रवाई शुरू हो गई है। टावर ध्वस्त करने के लिए मुंबई की एडिफिस कंपनी से सुपरटेक ने करार किया है। ट्विन टावर के सबसे नजदीक सुपरटेक का टावर-1 और एटीएस विलेज सोसाइटी का टावर है। ऐसे में विस्फोट के दौरान इन दोनों को नुकसान पहुंच सकता है। इसे देखते हुए एडिफिस इन दोनों का 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का बीमा करवाएगी।
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अधिकारियों का कहना है कि अगर किसी टावर को कोई नुकसान या हादसा होता है तो बीमा से लोगों को राहत मिलेगी। इसके अलावा ध्वस्तीकरण कार्रवाई की वीडियो व फोटोग्राफी कराई जाएगी। ट्विन टावर के नंबर 16 व 17 हैं। 32 मंजिल के यह टावर करीब 100 मीटर ऊंचे हैं। टावर नंबर 17 से सुपरटेक का ही टावर नबंर-1 काफी कम दूरी पर स्थित है। इन दोनों टावर के बीच करीब 9 मीटर की ही दूरी है। वहीं, बगल में एटीएस विलेज सोसाइटी है। इसकी बाउंड्री करीब 35 मीटर है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर ट्विन टावर ध्वस्त किए जाने हैं।
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एडिफिस कंपनी का कहना है कि विस्फोट करते ही झरने की तरह खाली जगह में मलबा गिरेगा। विशेषज्ञों की देखरेख में विस्फोटक लगाने में करीब 90 दिन का समय लगेगा। इसके बाद मात्र दस सेकेंड में ट्विन टावर ढह जाएंगे। मलबा उठाने में भी करीब इतने ही दिन लगेंगे।
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खाली कराया जा सकता है आसपास का इलाका
ट्विन टावर गिराने से धूल का गुबार कई दिनों तक आसमान में रह सकता है। ऐसे में सुरक्षित धमाके के साथ ही इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि आसपास रहने वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत न हो। इस स्थिति से निपटने के लिए लोगों को कुछ दिन के लिए यहां से शिफ्ट किया जा सकता है।
मलबा देकर भी सुपरटेक को देने होंगे 4.20 करोड
सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि टावर गिराने में जो भी खर्च आएगा, उसे भी सुपरटेक को ही वहन करना होगा। एडिफिस करीब 17.55 करोड़ रुपये सुपरटेक से लेगी। इसमें करीब 13.35 करोड़ रुपये का मलबा निकलेगा। ऐसे में सुपरटेक एडिफिस को करीब 4.20 करोड़ रुपये का भी भुगतान करेगी।

एनओसी के लिए प्राधिकरण ने आठ विभागों को भेजा पत्र
ट्विन टावर तोड़ने के लिए बिल्डर ने जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मांगे हैं। इसके लिए प्राधिकरण ने एमडी पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम, पुलिस कमिश्नर, गेल, सीएफओ, डीसीपी ट्रैफिक, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड आदि को पत्र भेजे हैं। इस पत्र में सभी विभागों को जल्द एनओसी जारी करने के लिए कहा गया है।
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