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Noida News: प्राधिकरण के निर्देश को बीते दो महीने, नहीं हुआ सिक्का सोसाइटी का स्ट्रक्चरल ऑडिट

Fri, 22 Aug 2025 08:59 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 22 Aug 2025 08:59 PM IST
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Two months have passed since the authority's order, but the structural audit of the coin society has not been done
निवासियों की मांग पर नोएडा प्राधिकरण ने दो महीने में स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाने के दिए थे निर्देश
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-78 स्थित सिक्का कार्मिक ग्रीन्स सोसाइटी के स्ट्रक्चरल ऑडिट के निर्देश होने के बाद भी बिल्डर की ओर से ऑडिट नहीं करवाया गया है। नोएडा प्राधिकरण की ओर से स्ट्रक्चरल ऑडिट के लिए बिल्डर को दो महीने का समय दिया गया था। दो महीने बीतने के बावजूद बिल्डर ने स्ट्रक्चरल ऑडिट के लिए न ही कोई संस्थान तय किया और न ही स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाया है।

दिन पर दिन सोसाइटी की हालत जर्जर हो रही है। इस कारण संभावित खतरे को देखते हुए निवासियों की ओर से स्ट्रक्चल ऑडिट की मांग की जा रही थी ताकि यह पता चल सके कि सोसाइटी की बिल्डिंग कितनी कमजोर है। निवासियों ने इस संबंध में ढाई साल तक नोएडा प्राधिकरण के चक्कर लगाए थे। प्राधिकरण की ओर से लंबे समय बाद स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाने के लिए बिल्डर को निर्देश दिए गए थे। इसके लिए नोएडा प्राधिकरण की ओर पैनल में सम्मिलित संस्थानों में से किसी एक से सोसाइटी का स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाए जाने को कहा था लेकिन बिल्डर ने किसी भी संस्थान का चयन नहीं किया। ऐसे में सोसाइटी की हालत सुधरने की उम्मीद एक बार फिर धुंधली होती नजर आ रही है।
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बेसमेंट में एक्सपेंशन ज्वाइंट की समस्या, होता रहता है पानी का रिसाव
सोसाइटी निवासी किशोर कुणाल ने बताया कि सोसाइटी में कुल 692 फ्लैट और छह टावर हैं। बेसमेंट में एक्सपेंशन ज्वाइंट की समस्या होने से पानी का रिसाव होता है। ऐसे में टावर कमजोर हो रहे हैं। जगह-जगह प्लास्टर गिर रहा है और सरिये दिखाई दे रहे हैं। टावर कमजोर होने से निवासियों की जान को खतरा बना हुआ है। सोसाइटी निवासी दीपा नेगी ने बताया कि सोसाइटी में 2016 से लोगों ने रहना शुरू कर दिया था और यहां पर शुरुआत से ही बेसमेंट में जलभराव होता है। इस वजह यहां पर गाड़ियां खड़ी करना भी मुश्किल होता है। लिफ्ट, बिजली, पानी की व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं है। सोसाइटी को मरम्मत की जरूरत है लेकिन इस बारे में भी सुनवाई नहीं हो रही है। बालकनी भी कमजोर हो रही हैं। रजिस्ट्री भी नहीं हो रही हैं।
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स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाने के लिए इनमें से एक संस्थान का होना है चयन
दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी, दिल्ली, आईआईटी कानपुर, एमएनआईटी इलाहाबाद, बीआईटीएस पिलानी, एएमयू अलीगढ़, एमएनआईटी जयपुर, सीबीआरआई रूड़की, आईआईटी दिल्ली

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