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Noida News: मोबाइल टावरों के आरआरयू चुराने वाले दो दबोचे
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गिरफ्तारी से दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार, उड़ीसा और पंजाब के 75 मामले सुलझे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अपराध शाखा ने मोबाइल टावरों के रेडियो रिमोट यूनिट (आरआरयू) चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर मेरठ निवासी वसीम व शाहनवाज को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 80 लाख रुपये के 82 आरआरयू बरामद किए हैं। गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी से दिल्ली, मध्यप्रदेश, बिहार, ओडिशा और पंजाब से 75 आरआरयू चोरी होने के मामलों का खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार, इंस्पेक्टर सुनील कुमार कुंडू के नेतृत्व में एसआई मानवेंद्र, एएसआई यशवीर, एएसआई लुकमान, हवलदार मोहित व सुधीर व एसआई मानवेंद्र को अंतरराज्यीय गिरोह के बारे में 30 नवंबर को सूचना मिली थी। इसके बाद जाकिर कॉलोनी, मेरठ निवासी वसीम (24) और न्यू इस्लाम नगर, मेरठ निवासी शाहनवाज (27) को भगत विहार, मुस्तफाबाद, दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया। वसीम और शाहनवाज ने खुलासा किया कि पहले वह स्थानीय स्क्रैप डीलर थे, इसलिए उन्हें आरआरयू के बारे में अच्छी जानकारी थी। आरआरयू की तीन महीने पहले स्क्रैप मार्केट में 1.20 लाख रुपये कीमत थी जो वर्तमान में व्यापार में गिरावट से 40 हजार रुपये हो गई। ऐसे में इसे निवेश का अवसर मानते हुए उन्होंने बाद में बेचने के लिए अपने गोदाम में आरआरयू जमा करना शुरू कर दिए। ऐसे में इनकी उच्च कीमत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग से भी अच्छी तरह वाकिफ थे। समय के साथ चोरी किए गए आरआरयू के कुछ विक्रेता इंस्टाग्राम पर संपर्क में आए और लालच में आकर आरआरयू जमा करने शुरू कर दिए। पुलिस के अनुसार, बरामद आरआरयू के सीरियल नंबर और विवरण दूरसंचार ऑपरेटरों के नोडल अधिकारियों के साथ साझा किए गए तो पता चला कि दिल्ली से 1 ओडिशा से 37, मध्यप्रदेश से 23, बिहार से 10 व पंजाब से 4। आरआरयू चुराए गए थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अपराध शाखा ने मोबाइल टावरों के रेडियो रिमोट यूनिट (आरआरयू) चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर मेरठ निवासी वसीम व शाहनवाज को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 80 लाख रुपये के 82 आरआरयू बरामद किए हैं। गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी से दिल्ली, मध्यप्रदेश, बिहार, ओडिशा और पंजाब से 75 आरआरयू चोरी होने के मामलों का खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार, इंस्पेक्टर सुनील कुमार कुंडू के नेतृत्व में एसआई मानवेंद्र, एएसआई यशवीर, एएसआई लुकमान, हवलदार मोहित व सुधीर व एसआई मानवेंद्र को अंतरराज्यीय गिरोह के बारे में 30 नवंबर को सूचना मिली थी। इसके बाद जाकिर कॉलोनी, मेरठ निवासी वसीम (24) और न्यू इस्लाम नगर, मेरठ निवासी शाहनवाज (27) को भगत विहार, मुस्तफाबाद, दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया। वसीम और शाहनवाज ने खुलासा किया कि पहले वह स्थानीय स्क्रैप डीलर थे, इसलिए उन्हें आरआरयू के बारे में अच्छी जानकारी थी। आरआरयू की तीन महीने पहले स्क्रैप मार्केट में 1.20 लाख रुपये कीमत थी जो वर्तमान में व्यापार में गिरावट से 40 हजार रुपये हो गई। ऐसे में इसे निवेश का अवसर मानते हुए उन्होंने बाद में बेचने के लिए अपने गोदाम में आरआरयू जमा करना शुरू कर दिए। ऐसे में इनकी उच्च कीमत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग से भी अच्छी तरह वाकिफ थे। समय के साथ चोरी किए गए आरआरयू के कुछ विक्रेता इंस्टाग्राम पर संपर्क में आए और लालच में आकर आरआरयू जमा करने शुरू कर दिए। पुलिस के अनुसार, बरामद आरआरयू के सीरियल नंबर और विवरण दूरसंचार ऑपरेटरों के नोडल अधिकारियों के साथ साझा किए गए तो पता चला कि दिल्ली से 1 ओडिशा से 37, मध्यप्रदेश से 23, बिहार से 10 व पंजाब से 4। आरआरयू चुराए गए थे।
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