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दक्षिण अफ्रीकी कंपनी के सहयोग से गिराए जाएंगे ट्विन टावर

Fri, 17 Dec 2021 10:21 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 17 Dec 2021 10:21 PM IST
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Twin towers to be demolished in collaboration with South African company
नोएडा। सेक्टर-93ए एमराल्ड कोर्ट के ट्विन टावर को विस्फोटक से गिराने के लिए दक्षिण अफ्रीकी कंपनी जेट डिमोलिशन की मदद ली जाएगी। जेट डिमोलिशन मुंबई की कंपनी एडिफिस इंजीनियरिंग की पार्टनर है। इस कंपनी के मालिक अमेरिका के निवासी हैं। यह कंपनी दक्षिण अफ्रीका में 108 मीटर ऊंची इमारत को गिरा चुकी है। एडिफिस इंजीनियरिंग कंपनी का कहना है कि विस्फोट से पहले 200 मीटर के दायरे में आने वाले हर घर को खाली कराना होगा। नोएडा प्राधिकरण के समक्ष प्रजेंटेशन में एडिफिस इंजीनियरिंग की ओर से ये बातें कही गईं। खास बात यह है कि ट्विन टावर को गिराने के लिए एडिफिस इंजीनियरिंग की ओर से सहयोगी कंपनी जेट डिमोलिशन की मदद ली जाएगी। इस कंपनी ने 2019 में जोहान्सबर्ग में 108 मीटर ऊंची बैंक ऑफ लिस्बन की इमारत को बड़ी सफाई से ध्वस्त किया था। इस इमारत से ठीक 7.8 मीटर की दूरी पर एक अन्य इमारत भी थी, लेकिन सब कुछ बेहतर तरीके से हो गया था।
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एडिफिस इंजीनियरिंग के उत्कर्ष मेहता ने बताया कि ट्विन टावर को गिराने के एक घंटे पहले और एक घंटे बाद तक 200 मीटर के दायरे में आने वाले भवनों को खाली कराया जाएगा। इससे पहले इन इमारतों की मजबूती की जांच भी की जाएगी। उनका कहना है कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से ऐसा किया जाएगा। एडिफिस इंजीनियरिंग की ओर से कोच्ची में वर्ष 2020 में एक अवैध इमारत को गिराया जा चुका है। उनका कहना है कि ट्विन टावर को गिराया जाएगा तो उस समय दूर से देखने वाले को ऐसा लगेगा कि जैसे ऊपर से नीचे पानी की धार गिर रही है। उनका कहना है कि 100 मीटर ऊंचे एपेक्स को थोड़ा झुकाकर उसे 97 मीटर ऊंचे स्यान की ओर गिराया जाएगा। दोनों इमारतें एक साथ गिराई जाएंगी। पूरी इमारत बेसमेंट की ओर खाली जगह में गिरेंगी।
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अभी फैसला होना बाकी
प्राधिकरण को दिए गए प्रजेंटेशन के बाद अभी फैसला होना बाकी है। सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट की ओर से एक्शन प्लान पर फैसला लिया जाएगा। इसके बाद सुपरटेक और प्राधिकरण की ओर से लिए गए फैसले के बाद चयनित कंपनी को काम करने के लिए कहा जाएगा। हालांकि, एडिफिस इंजीनियरिंग का कहना है कि टावर सेकेंडों में गिर जाएगा, लेकिन विस्फोट कराने से पहले साढे़ तीन माह तक काम करना होगा। वहीं, टावर गिराने के बाद तीन महीने मलबा हटाने में लगेंगे।
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