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Noida News: यमुना प्राधिकरण में भी लागू होगा ईआरपी सिस्टम
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यमुना प्राधिकरण में पारदर्शिता से होगा काम
ईआरपी सिस्टम लागू होगा, करीब 60 करोड़ रुपये खर्च होंगे, आज निकलेगा आरएफपी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण में ईआरपी सिस्टम लागू करेगा। प्राधिकरण कंपनी चयन करने के लिए शनिवार को आरएफपी निकालेगा। इस परियोजना पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सिस्टम के लागू होने के बाद अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी और पारदर्शिता से काम हो सकेगा।
यीडा में आवासीय से लेकर औद्योगिक भूखंडों से संबंधित आवंटियों और किसानों के काम बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में यीडा में ईआरपी सिस्टम लागू होगा। इसे 30 साल तक कांट्रेक्ट किया जाएगा और कर्मचारियों को भी कम से कम पांच साल तक रखना होगा।
सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि सिस्टम लागू होने आवंटियों और किसान को फायदा मिलेगा। सभी तरह के ऑनलाइन भुगतान होंगे। दस्तावेज सीधे सिस्टम में अपलोड होंगे और फाइल आदि के खोने की समस्या नहीं होगी। इसमें संपत्ति ट्रांसफर, नक्शा पास कराना, कंपलीशन सर्टिफिकेट लेने के काम ऑनलाइन हो सकेंगे। इसके अलावा पत्राचार भी ऑनलाइन होगा और सिटीजन चार्टर के तहत काम किया जाएगा।
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यह है ईआरपी सिस्टम
ईआरपी सिस्टम एक साॅफ्टवेयर है। इसके माध्यम से किसी विशेष क्षेत्र या कार्यालय की सभी गतिविधियों को ऑनलाइन एक पोर्टल पर लाना है। यह डेटा को एक से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का काम करता है। कई स्रोतों से किसी संगठन के साझा लेनदेन संबंधी डेटा को एकत्र करके, ईआरपी सिस्टम डेटा दोहराव को समाप्त करता है। इससे संचालन, लेखा, परियोजना प्रबंधन और अनुपालन आदि कार्य शामिल हैं। यह एक ऑनलाइन प्रक्रिया होती है और इससे सभी कार्य एक पोर्टल से कहीं भी और कभी किए जा सकते हैं।
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ईआरपी सिस्टम लागू होगा, करीब 60 करोड़ रुपये खर्च होंगे, आज निकलेगा आरएफपी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण में ईआरपी सिस्टम लागू करेगा। प्राधिकरण कंपनी चयन करने के लिए शनिवार को आरएफपी निकालेगा। इस परियोजना पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सिस्टम के लागू होने के बाद अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी और पारदर्शिता से काम हो सकेगा।
यीडा में आवासीय से लेकर औद्योगिक भूखंडों से संबंधित आवंटियों और किसानों के काम बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में यीडा में ईआरपी सिस्टम लागू होगा। इसे 30 साल तक कांट्रेक्ट किया जाएगा और कर्मचारियों को भी कम से कम पांच साल तक रखना होगा।
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सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि सिस्टम लागू होने आवंटियों और किसान को फायदा मिलेगा। सभी तरह के ऑनलाइन भुगतान होंगे। दस्तावेज सीधे सिस्टम में अपलोड होंगे और फाइल आदि के खोने की समस्या नहीं होगी। इसमें संपत्ति ट्रांसफर, नक्शा पास कराना, कंपलीशन सर्टिफिकेट लेने के काम ऑनलाइन हो सकेंगे। इसके अलावा पत्राचार भी ऑनलाइन होगा और सिटीजन चार्टर के तहत काम किया जाएगा।
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यह है ईआरपी सिस्टम
ईआरपी सिस्टम एक साॅफ्टवेयर है। इसके माध्यम से किसी विशेष क्षेत्र या कार्यालय की सभी गतिविधियों को ऑनलाइन एक पोर्टल पर लाना है। यह डेटा को एक से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का काम करता है। कई स्रोतों से किसी संगठन के साझा लेनदेन संबंधी डेटा को एकत्र करके, ईआरपी सिस्टम डेटा दोहराव को समाप्त करता है। इससे संचालन, लेखा, परियोजना प्रबंधन और अनुपालन आदि कार्य शामिल हैं। यह एक ऑनलाइन प्रक्रिया होती है और इससे सभी कार्य एक पोर्टल से कहीं भी और कभी किए जा सकते हैं।